मुख्यमंत्री जी पहाड़ का भला आप भी ना कर पाए,तो भगवान ही मालिक है पहाड़ का

विकास हो रहा है … हर दिन इतने किलोमीटर सड़क बन रही है… देश तरक्की कर रहा है ….  उत्तराखण्ड तरक्की कर रहा है … हमारा प्रयास आखिरी व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाना है। ये सब बातें आपने बहुत सुनी होंगी। लेकिन क्या इन बातों की कुछ प्रतिशत बातें भी सच लगती हैं ?

कैमरों के सामने या फिर एसी स्टूडियो में बैठकर ज्यादातर विकास पुरूष जिन्हें हम नेता कहते हैं वो अपनी विकास गाथा सुनाते हैं। लेकिन सच तो ये है कि पहाड़ का अंतिम व्यक्ति आज भी तमाम सुविधाओं से महरूम है। सिस्टम और सत्ता की हकीकत दिखाती ये फोटो सामने आई है जोशीमठ के दूरस्थ गांव किमाणा से जहां सुबह एक युवक जो चारा पत्ती लेने जंगल गया था वो पहाड़ी से जा गिरा। कड़ी मशक्कत के बाद घायल को बाहर निकाला गया आपको ये भी बता दें इस युवक का नाम बादर सिंह है और इसकी उम्र 40 साल थी जो कि बकरियों के साथ जंगल गया था।  लेकिन असल कहांनी अब शुरू होती है.. और ये  कहानी नहीं कागजी और ख्याली विकास की दास्तां है कि जब युवक को अस्पताल ले जाने कि कोशिश लोगों के द्वारा की गई तो बड़ा सवाल ये था कि ले जाते  कैसे क्योंकि गांव में तो सड़क ही नहीं है। जिसके बाद बादर सिंह को चारपाई में रखकर लंगसी तक पहुंचाया गया। जिसके बाद वहां से उसे वाहन के द्वारा जिला अस्पताल चमोली भेजा गया। और ग्रामीण ये भी बता रहे हैं कि युवक की हालत नाजुक बनी हुई है।

लेकिन ये कहानी सिर्फ एक बादर सिंह की नहीं है। ऐसे कई बादर सिंह पहाड़ों पर हैं जिनको सुविधाओं के आभाव में इलाज नहीं मिल पाता और कई लोगों को तो अपनी जान तक गंवानी पड़ती है। कंधे पर मरीज को ले जाते लोगों वाली तस्वीरें एक कड़वी सच्चाई है .. ये तस्वीर उत्तराखण्ड की पूरी कहानी बयां करने के लिए काफी है एक ओर सरकार ऋषिकेश के एम्स में अत्याधुनिक तकनीक देने की बात कर रही है। बाकी शहरों में महंगे महंगे अस्पतालों की बात करती है … और दूसरी ओर उन पहाड़ों में जिनके नाम पर अलग प्रदेश बना था उन पहाड़ों में लोग मरीज को कंधे पर लेकर इलाज के लिए ले जा रहे हैं। ये बताता है कि 17 सालों में प्रदेश के जरूरतमंद लोगों को सिर्फ और सिर्फ ठग मिले।बहरहाल ट्रिपल इंजन की सरकार और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत से उत्तराखंड वासियों को बहुत उम्मीद है। ख़ासकर पहाड़ा के निवासियों को लिहाज़ा आप उनकी उम्मीदों पर ख़रा उतरें। जनता आप के पीछे-पीछे खुद चलती दिखाई देगी और वो कहेगी आप ही रहें यहां के सरताज पर काम करके दिखाना होगा साहब ।

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