जानकार चौंक जायेंगे आप पर्वतीय भू-भाग का 90 फ़ीसदी हिस्सा आज भी सिंचाई से महरूम !

पंडित गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय पंतनगर द्वारा आयोजित चार दिवसीय अखिल भारतीय किसान मेला एवं उद्योग प्रदर्शिनी के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में केन्द्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार को भाग लिया.इस दौरान केन्द्रीय कृषि मंत्री ने केन्द्र सरकार की संस्थागत विकास परियोजना के अन्तर्गत वर्ष 2018-19 के लिए पंतनगर विश्वविद्यालय को 25 करोड़ की परियोजना दिए जाने की भी घोषणा की. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि  उत्तराखण्ड में मैदानी व पर्वतीय भू-भाग हैं और आज भी पर्वतीय भू-भाग का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा सिंचाई से वंचित है,

जिसके लिए अलग प्रकार की रणनीति बनाए जाने की आवश्यकता है. पर्वतीय क्षेत्र के संसाधनों, विशेषकर मानव संसाधन का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है. यहां के शिक्षित युवा किस प्रकार का कार्य करना चाहते है, इस पर शोध किए जाने की आवश्यकता है. मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्र में उन्नत बीज उत्पादन की संभावनाओं की ओर ध्यान दिए जाने की बात कही. उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को जैविक प्रदेश बनाने में पशुपालन की महत्वपूर्ण भूमिका है. उन्होंने कम समय में गोबर की खाद तैयार किए जाने की विधि तैयार किए जाने की दिशा में भी वैज्ञानिकों से पहल किए जाने की अपेक्षा की. प्रदेश में उपलब्ध जल संसाधनों के बेहतर उपयोग के साथ ही मत्स्य उत्पादन की दिशा में कार्य किए जाने के लिए उन्होंने वैज्ञानिकों से अपील की. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा भू-जल स्तर में आ रही गिरावट और जल की विशाक्तता को दूर किए जाने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है.

 

कृषि वैज्ञानिकों को भी इस दिशा में सहयोग देना होगा. कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों को किसानों में कृषि के प्रति आ रही उदासीनता को दूर करने में अग्रणी भूमिका निभानी होगी. उन्होंने विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केन्द्रों के वैज्ञानिकों से प्रदेश में हर माह प्रत्येक न्याय पंचायत में आयोजित होने वाली कृषि चौपाल में सहयोग करने को कहा. उन्होंने आशा प्रकट की कि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक अपने ज्ञान व अनुभव से वर्ष 2022 से पूर्व ही किसानों की आय दोगुना करने में सफल होंगे. उन्होंने प्रदेश में नर्सरी एक्ट और जैविक खेती एक्ट लाए जाने तथा पलायन रोकने हेतु ग्रामीण क्षेत्रों के शहरीकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासो की भी जानकारी दी.

 

 

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