चाय वाले नेगी भाई ने पौड़ी गढ़वाल का नाम ऊंचा कर दिया सीएम सर

पीएम सर ने कभी चाय बेची ओर आज़ वो भारत के पीएम हैं अपनी मेहनत के बदौलत ठीक दूसरी तरफ पहाड़ के लाल ने कमाल कर दिया हैं जिस ने
चाय बेच बेचकर अपनी पढ़ाई जारी रखी ओर आज़ यर गढ़वाल का लाल पौड़ी का जवान अफसर बना बन गया हैं     
जी हा पौड़ी गढ़वाल के इस लाल ने जो कभी चाय की दुकान पर चाय बेचा करता था और आज वो पीसीएस अधिकारी की कुर्सी पर आसीन है।
आज उनके पिता का
सीना भी हुआ गर्व से चोड़ा हो गया हैं जी हा ये बात
उत्तराखंड के पौड़ी जिले के नैनीडाडा ब्लॉक की ग्राम पंचायत बड़ेथ की हैं इस युवक पर आज माता-पिता ही नहीं पूरे इलाके को नाज है। जी हां हम बात कर रहे हैं अरविंद नेगी की। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक अरविंद नेगी ने अपने पिता की छोटी सी चाय की दुकान में चाय बेचने के अलावा एक व्यापारी की दुकान में बैठकर खाता-बही संभालने का काम भी किया। लेकिन कभी गरीबी को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। अरविंद ने अपनी मेहनत और लगन के बल पर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा में सफलता हासिल की और आज वो श्रम प्रवर्तन अधिकारी बन गया है। जब बेटा पीसीएस अधिकारी बनकर सामने आया तो पिता का सीना भी गर्व से चैड़ा हो गया।

यही नही अरविंद इंटर में फेल भी हुवा पर कभी उसने हिम्मत नहीं हारी
अरविंद ने साल 2003 में हाईस्कूल की परीक्षा द्वितीय श्रेणी में पास की। वर्ष 2005 में इंटरमीडिएट की परीक्षा दी और वह फेल हो गए। लेकिन वह निराश नहीं हुए। परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, इस कारण अरविंद मेरठ जाकर पिता की छोटी-सी चाय की दुकान में हाथ बंटाने लगे। इसी अवधि में उन्होंने मेरठ से ही बीकॉम व एमकॉम की डिग्री भी हासिल की। लेकिन, जीवन के लिए जो लक्ष्य निर्धारित किया था, उसे पाने के लिए मेहनत करने से कभी पीछे नहीं हटा। जिसका नतीजा आज वह उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपी-पीसीएस लोअर) की परीक्षा पास कर श्रम प्रवर्तन अधिकारी बन गये हैं।

श्रम प्रवर्तन अधिकारी के पद पर हुआ अरविंद का चयन
अरविंद नेगी का कहना है कि, अभी साल 2016 में दिए गए पीसीएस अपर परीक्षा के रिजल्ट का उन्हें इंतजार है। वहीं वे 2017 पीसीएस का मेन एग्जाम में भी देंगे। वर्ष 2013 में पहली बार पीसीएस की परीक्षा दी, लेकिन सफलता नहीं मिली। साल 2015 में उन्होंने फिर उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपी-पीसीएस लोअर) की परीक्षा दी। परीक्षा के परिणाम हाल ही में घोषित हुए हैं, जिसमें अरविंद का चयन श्रम प्रवर्तन अधिकारी के पद के लिए किया गया है। ये ख़बर राहत देती हैं और ये कहती हैं कि हिमत हारने वालो की कभी हार नही होती और ये पहाड़ के लाल ही हैं जो अपनी मेहनत के दम पर अपना ओर राज्य का नाम ऊंचा करते हैं और इस बात को अरविंद नेगी जैसे युवा ही साकार करते हैं                               हैैंैंै

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here