चार कंधो की जगह साइकिल पर ले जाना पड़ा शव ! पढ़े पूरी ख़बर

जीना यहा मरना यह इसके सिवा जाना कहा ……. ये गाना आज जहा याद आ रहा है वही मानवता ओर इंसानियत आज रह कहा गई है ये स्वाल भी खड़ा हो जाता है क्योंकि सोशल मीडिया मे वायरल ख़बर को सुनकर मे भी दंग हूँ ख़बर है सोशल मीडिया के मुताबिक की ओडिशा में मानवता एक बार फिर शर्मसार हुई है। यहा मृत शरीर को कंधा देने के लिए चार आदमी तक नहीं मिले और शव को साइकिल में रस्सी से बांधकर श्मशान घाट ले जाना पड़ा। ये घटना ओडिशा के बौद्ध जिला की है। जानकारी अनुसार दूसरी जाति में शादी करने के चलते गांव वालों ने इस तरह का दंड दिया है ।

ख़बर के अनुसार बौद्ध जिला के ब्राह्मणी पाली पंचायत अंतर्गत कृष्ण पाली गांव के चतुर्भुज बांक की पहली पत्नी से कोई बच्चा नहीं था इससे बांक ने दूसरी जाति की लड़की से शादी करली इसे गांव वालों ने बर्दाश्त नहीं किया और चतुर्भुज बांक को गांव से बहिष्कृत कर दिया। चतुर्भुज के घर कोई भी कार्यक्रम होने पर उसमें गांव वाले भाग नहीं लेते थे। सास-ससुर की मौत के बाद चतुर्भुज की साली पांच महाकुड चतुर्भुज के घर रहने लगी।

मंगलवार को उसकी अचानक तबीयत खराब हो गई उसे अस्पताल में भर्ती किया गया जहां उसकी बुधवार को मौत हो गई। शव को एंबुलेंस के जरिए घर लाया गय। चतुर्भुज ने साली के अंतिम संस्कार में आस-पड़ोस एवं गांव वालों को बुलाया, गांव वालों ने सीधे तौर पर चतुर्भुज को अंतिम संस्कार में भाग लेने से यह कह कर मना कर दिया कि तुमने दूसरी जाति में शादी की है इसलिए हम तुम्हारे किसी भी कार्यक्रम में भाग नहीं लेंगे। अंत में कोई उपाय न देख चतुर्भुज शव को रस्सी से साइकिल में बांध श्मशान घाट ले गया और अंतिम संस्कार किया यह दुःखद घटना पूरे सोशल मीडिया में चर्चा का विषय है।

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