मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने राज्य की पाँचो लोकसभा सीट पर खुद प्रचार की कमान सभाल ली है वे जिस लोकसभा सीट पर जा रहे है वही से काँग्रेस पर ताबड़तोड़ प्रहार करते नज़र आ रहे है।
आपको बता दे कि नैनीताल विधानसभा क्षेत्र के बेतालघाट और भीमताल क्षेत्र के खनस्यू में पार्टी प्रत्याशी अजय भट्ट के समर्थन में आयोजित जनसभाओं में मुख्यमंत्री ने कहा वर्ष 2022 में आजादी के 75 वर्ष होने पर डायमंड जुबली होगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि डायमंड जुबली के हम तब हकदार होंगे जब हर गरीब के पास अपनी छत होगी। 55 महीनों में केंद्र ने एक करोड़ 30 लाख लोगों को मकान दिए। 50 करोड़ लोगों को आयुष्मान भारत योजना के तहत लाकर उनकी चिंता दूर की। 13 करोड़ से अधिक गरीब महिलाओं को उज्ज्वला कनेक्शन बांटे। रावत ने कहा देश में प्रदेश अटल आयुष्मान योजना और एयर एबुलेंस योजना में प्रथम स्थान पर है। उधर, शनिवार को रुद्रपुर के बगवाड़ा में भाजपा जिला कार्यालय का शुभारंभ करने के दौरान बातचीत में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दावा किया है कि भाजपा प्रदेश की पांचों लोकसभा सीट जीतने जा रही है। देश का सम्मान, सुरक्षा और गरीबों का कल्याण करने वाला चेहरा सिर्फ नरेंद्र मोदी ही हैं। चारों तरफ जोश और उत्साह है। बातचीत में पूर्व सीएम हरीश रावत के चुनाव लड़ने के सवाल पर सीएम ने कहा कि हरीश रावत अभी खतरे में चल रहे हैं। उनको खुद ही नहीं मालूम की उनका क्या होगा। वह हरिद्वार और नैनीताल दोनों जगहों से हारे हैं। उनका भविष्य अभी अनिश्चित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के नेतृत्व में भाजपा ने राज्य में 57 सीटें जीतीं। कुछ लोगों ने कहा कि खुद अध्यक्ष अपनी सीट से चुनाव हार गए। सीएम के अनुसार सेनापति कभी-कभी अपनी सेना को बचाने के लिए हताहत हो जाता है। अजय भट्ट के साथ भी यही हुआ। उन्होंने 57 सीटें दिलाईं, लिहाजा उन्हें कम से कम पांच लाख वोटों से जिताकर लोकसभा में भेजना है।
वही नैनीताल-ऊधमसिंहनगर सीट से प्रत्याशी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने बेतालघाट में कहा कि मोदी ने पुलवामा हमले के बाद सेना को खुली छूट दी तो सेना ने पाकिस्तान के अंदर घुसकर आतंक का सफाया किया। यह भी कहा कि उन्होंने अपनी जनसभा की शुरुआत ओखलकांडा के दुर्गम गांव से की ताकि वह उनकी पीड़ा को सुनकर उसे हल कर सकें।
उधर, रुद्रपुर में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अजय भट्ट ने कहा कि वरिष्ठ नेता भगत सिंह कोश्यारी और भुवन चंद्र खंडूडी ने चुनाव लड़ने में असमर्थता जताई थी, नहीं तो दोनों नेताओं का टिकट काटने की हिम्मत किसी की नहीं होती। कोश्यारी के असमर्थता जताने पर पार्टी ने कार्यकर्ता के नाते उन्हें चुनाव लड़ने भेजा है। यह क्षेत्र उनके लिए नया नहीं है। नरेंद्र मोदी को दोबारा प्रधानमंत्री बनाने को 11 अप्रैल तक व्रत लेना है। राहुल गांधी आतंकवादियों की हौसलाअफजाई करते हैं और पीएम के लिए गलत शब्दों का इस्तेमाल करते हैं।



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