सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत की ट्वीटर पोस्ट से छेड़छाड़, एडिट कर सोशल मीडिया पर किया वायरल

 

ओरिजनल ये है

 

छेेेड़छाड़ पुुरी तरह से की गई

आपको बता दे कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के ट्वीट से कल छेड़छाड़ को लेकर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए है।
बता दे कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर किए गए ट्वीट में अमर्यादित शब्दों का प्रयोग कर किसी शख्स ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
वही डीआईजी ने इस मामले में कैंट कोतवाली पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बृहस्पतिवार सुबह व्यक्तिगत ट्वीटर एकाउंट से नेताजी सुभाष चन्द्र बोस को जन्म दिवस पर श्रद्धासुमन अर्पित करते एक ट्वीट किया था।
आरोप है कि किसी शरारती तत्व ने ट्रवीट में छेड़छाड़ कर अमर्यादित शब्दों का प्रयोग कर पोस्ट एडिट की और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया दी। इस पोस्ट को एडिट कर वायरल करके सीएम की छवि को धूमिल करने का प्रयास लगातार किया गया है।
वही ट्वीट से छेड़छाड़ का यह मामला संज्ञान में आने के बाद सीएम रावत ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने अरुण मोहन जोशी को जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई d I g के निर्देश दिए।

डीआईजी जोशी ने बताया कि ट्वीट में छेड़छाड़ का यह मामला बहुत गंभीर मामला है। कैंट कोतवाली पुलिस को इस मामले में मुकदमा दर्ज करने के साथ दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए है। इस साजिश में शामिल लोगों का जल्द पता लगा लिया जाएगा।
बहराल एक बात समझ नही आती की आखिर त्रिवेंद्र के पीछे क्यो पढे हो भाई, पिछले लगभग तीन सालों मै दर्जनों बार त्रिवेंद्र के खिलाफ़ जमकर षड़यंत्र कर उनकी छवि को ख़राब करने का प्रयास किया गया, कही बार अफवाह उड़ाई गई कि देखो ये गई त्रिवेन्द्र की कुर्सी, वो जाने वाली है त्रिवेंद्र की कुर्सी, फलाना फलाना महीने उत्तराखंड को मिलेगा नया मुख्यमंत्री?? आदि आदि ,
ये शराब की बोतल के आगे बैठा मुख्यमंत्री इस तरह से भी समय समय पर सोशल मीडिया मैं बर्बाद या कह लो बदनाम करने की किसी ने कसम खाई हो,
किसी ने किया खुल कर कह सकते है वे त्रिवेन्द्र के राजनीतिक विरोधी ही होंगे!
वो वही लोग होंगे जिनका कमीशन अब बन्द हो गया है!
ये वही लोग है जिनको खनन से कुछ माल नही मिल पा रहा है!,
ये वही लोग है जिन्होंने यहा शराब माफिया बन लूट मचा रखी थी!
अब क्या क्या गिनाऊ
जब जब भ्रष्टाचारी रावण का अंत हुआ तब तक इस तरह की बौखलाहट षड्यंत्र और साजिशों का खेल बदस्तूर जारी रहा और कुछ यही उत्तराखंड में भी हो रहा है मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र के खिलाफ।
बहराल जो उनके ट्वीट से छेड़छाड़ की गई है जांच का मामला है जांच
के बाद ही मालूम होगा कि आखिर यह काम किसका है। या फिर किसी को भड़कया गया है या उकसाया।
लेकिन सच तो यही है कि त्रिवेंद्र की छवि को खराब करने के लिए उनके राजनीतिक विरोधी
और उत्तराखंड से करोड़ो का माल कमा बैठे आज हो रहे है कंगाल
नही फल फूला उनका लगभग तीन साल मैं करोबार वो भी अपने आकाओं के साथ मिलकर
लगे होंगे
बस हटाओ इस त्रिवेंद्र को जैसे तैसे ।
पर नही गली आज तक किसी की दाल और ना गलेगी
त्रिवेंद्र रहेगे पूरे पांच साल।
कुल मिलाकर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र के ख़िलाफ़ उनकी छवि ख़राब करने के लिए जितने षड़यंत्र हुए है त्रिवेंद्र उतने ही मजबूत हुए है।


LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here