बहता हुआ सोना  उत्तराखंड में है


आपको बता दे कि देवभूमि  उत्तराखंड सहित 12 राज्यों की सांस्कृतिक झांकियों, वाद्य यंत्रों की थाप और कलाकारों के मनमोहक नृत्य के साथ अदभुत तीन दिवसीय टिहरी झील महोत्सव का शानदार आगाज हो चुका है आपको बता दे कि इस महोत्सव में 24 देशों से आए विदेशी मेहमानों ने परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानंद मुनि के नेतृत्व में महोत्सव में प्रतिभाग कर चार चांद लगाए। वही शुभारंभ के मौके पर गंगा और पर्यावरण संरक्षण को लेकर आयोजित नाटक में सभी ने एक स्वर में पर्यावरण बचाने और उत्तराखंड को साफ-सुथरा रखने का संकल्प भी लिया।
आज यानी सोमवार का दिन टिहरी के कोटी कालोनी में झील महोत्सव का मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत जी ने शुभारंभ किया। इस मौके पर सीएम ने कहा कि टिहरी झील बहता हुआ सोना है। ओर यही झील उत्तराखंड के बेरोजगारों का भविष्य बनेगी। सीएम ने कहा कि सरकार ने 13 नए पर्यटक स्थलों में टिहरी झील का चयन किया है। वही सीएम त्रिवेन्द्र ने क्षेत्रीय विधायक धन सिंह नेगी की मांग पर राजीव गांधी साहसिक खेल अकादमी का नाम दो बार के एवरेस्ट विजेता स्व. दिनेश रावत के नाम से करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत ने कहा कि डोबरा-चांठी पुल बनते ही प्रतापनगर क्षेत्र की ओर भी रौनक बढ़ेगी। सरकार ने इस पुल के लिए एकमुश्त 88 करोड़ की धनराशि निर्गत की है। ओर उड़ान योजना के तहत चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी का विस्तार किया जा रहा है।
वही इस मौके पर सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह ने कहा कि टिहरी ने राष्ट्र निर्माण के लिए कुर्बानी दी है, इसलिए यहां की समस्याएं हल होनी चाहिए। पर्यटन को बढ़ावा देेने के लिए झील के चारों तरफ रिंग रोड का निर्माण किया जाना चाहिए। जिले के प्रभारी मंत्री डा. धन सिंह रावत ने कहा कि 24 देशों के प्रतिनिधि महोत्सव में प्रतिभाग कर रहे हैं।
वही पुनर्वास की समस्या हल करने के लिए जल्द ही उच्च स्तरीय बैठक की जाएगी। तो आंगनबाड़ी केंद्रों में अध्ययनरत तीन साल के बच्चों को सरकार अगले माह से नि:शुल्क आंचल दूध पिलाने की योजना बना रही है।परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद मुनि ने कहा कि चारधाम के बाद टिहरी ही उत्तराखंड का सबसे बड़ा आकर्षण है।
उन्होंने कहा कि टिहरी को शिक्षा-दीक्षा का गुरुकुल बनाए जाने के लिए कार्य किया जाएगा। उत्तराखंड में वैदिक और मूल्यवान शिक्षा की बहार लानी है तो टिहरी से इसकी शुरूआत करनी होगी। जैविक गंगा की शुरूआत भी टिहरी झील से की जानी चाहिए।
इस कार्यक्रम में टिहरी के विधायक धन सिंह नेगी, प्रतापनगर विधायक विजय पंवार, घनसाली विधायक शक्ति लाल शाह, जिला पंचायत अध्यक्ष सोना सजवाण, डीसीबी अध्यक्ष सुभाष रमोला, भाजपा जिलाध्यक्ष संजय नेगी, जीएमवीएन के अध्यक्ष महावीर रांगड़,  दिनेश डोभाल, सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर, डीएम सोनिका, एसएसपी डा. योगेंद्र सिंह रावत, सीडीओ आशीष भटगांई आदि भी मौजूद  रहे बहराल आज टिहरी से आवज आई है कि खैरासेंड का लाल प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र जी टिहरी की जनता को बहते हुए सोने के लाभ अवश्य दिलाएंगे। वहां के युवाओं को रोज़गार देगे ओर पहाड़ की महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करेगे । ये उम्मीद ही नही विस्वास पूरे टिहरी की जनता को सीएम त्रिवेन्द्र जी से है। और बोलता उत्तराखंड को भी उम्मीद है कि सीएम त्रिवेन्द्र जी ही टिहरी झील को अभिशाप से वरदान मै बदलेंगे।



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