सीएम त्रिवेन्द्र रावत ध्यान दे ! कांग्रेस को मौका आपने ही दिया!

राज्य के मुख्यमंत्री जब जब मीडिया के आगे आकर बयान देते है तो कभी कभी CM त्रिवेंद्र की जुबान फिसल जाती है इस बार तो वो बोल गए कि NDA के पास नेतृत्व नहीं, जो है भी वो बुझा-बुझा है
आपको बता दे कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का बयान एक बार फिर सुर्खियां बन गया है. एक बार फिर सीएम रावत की जुबान फिसल गई है. सीएम ने अपनी ही पार्टी में कोई नेतृत्व न होने की बात कही है. साथ ही कहा कि जो नेतृत्व है वो बुझा-बुझा सा है.
आपको बता दे कि दरअसल सीएम त्रिवेंद्र रावत बीते रविवार को एक कार्यक्रम में 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों को लेकर बात कर रहे थे. जिसमें उन्होंने कहा कि आने वाले चुनावों में रिजल्ट बिलकुल स्पष्ट है. भारतीय जनता पार्टी और एनडीए के पास बहुत चमकीला नेतृत्व है लेकिन इसके बाद सीएम त्रिवेंद्र की जुबान फिसल गई. मुख्यमंत्री ये भूल गए कि उन्हें यूपीए कहना है या एनडीए. वे कह बैठे कि एनडीए के पास कोई नेतृत्व ही नहीं है और जो है वो भी बहुत बुझा-बुझा सा है.

आपको बता दे कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र द्वारा जुबान फिसलने का ये कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी सीएम त्रिवेंद्र बारिश और आपदा पर बयान देते हुए बोल चुके हैं कि प्रभु की कृपा से बहुत नुकसान हुआ है.जिसके बाद उनके इस बयान पर भी काफी किरकिरी हुई थी.
बस फिर क्या सीएम की जुबान फिसलने के बाद जहा सोशल मीडिया मे ये ख़बर बनकर फेल रही है तो दूसरी तरफ विपक्स ने भी मौका देख कर सीएम त्रिवेन्द्र पर हमला बोल दिया है कांग्रेस के नेताओ का कहना है कि मुख्यमत्री की जुबान नही फिसली बल्कि ये उनके अंदर अनुभव की कमी बताता है याबी आप देखो अधिक बरसात होने और आपदा मे लोगो की जब जान रही थी तब वो बोल पड़े की पर्भु की किर्पा से सब हो रहा है और अब n
D.a वाली बात ।वो हमारे राहुल जी को घेरने का। काम कर रहे थे पर खुद घिर गए। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत को बिना अनुभव वाला व्यक्ति, प्रशासनिक क्षमता को ना पहचाने वाला , बेलगाम नोकरशाही पर नियंत्रण ना रखने वाला और ये तक कह दिया कि बीजेपी हाईकमान ने उनको इसलिए राज्य का मुख्यमंत्री बनाया की सीएम त्रिवेन्द्र सिर्फ अपने हाईकमान को खुश करते रहे ओर त्रिवेन्द्र रावत वही कर रहे है इसके इलावा राज्य के विकास के नाम पर त्रिवेन्द्र रावत सिर्फ जनंता को धोखा दे रहे और कुछ नही
बहराल ये बयान कांग्रेस के नेताओ के निकलकर आ रहे है पर एक बात तो है जब जब त्रिवेन्द्र रावत पर काँग्रेस हमला बोले या त्रिवेन्द्र के राजनीतिक विरोधी तब तब मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत को उनके अपने ही उनका साथ छोड़ देते है ।

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