सीएम त्रिवेन्द्र कि आज की बात राज्य हित मे सबसे ख़ास 17 साल मे पहली बार!

बाॅलिवुड को भाया उत्तराखण्ड

फिल्म-शूटिंग के लिए सीएम त्रिवेन्द्र की पहल को सराहा।
राज्य में शूटिंग कर चुके निर्माताओं ने उत्तराखण्ड की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
जल्द ही बड़े बैनर की फिल्मों की राज्य में होगी शूटिंग।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से मुम्बई में जानी-मानी फिल्मी हस्तियों ने मुलाकात की। 

उत्तराखण्ड फिल्म शूटिंग के बेस्ट डेस्टीनेशन के रूप में उभर कर आ रहा है। तमाम फिल्म प्रोडक्शन हाउस, फिल्मों की शूटिंग के लिए उत्तराखण्ड को वरीयता देने लगे हैं। मुम्बई में ‘इन्ेवस्टर्स समिट’ के तहत मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने जब फिल्मी हस्तियों से मुलाकात की तो सभी का यही कहना था कि उत्तराखण्ड में फिल्म शूटिंग की सम्भावनाएं शुरू से ही मौजूद थी परंतु मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने फिल्मों को लेकर जिस प्रकार की पहल की हैं, उससे बाॅलीवुड सहित फिल्म जगत में उत्तराखण्ड के प्रति उत्सुकता बढ़ी है।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कार्यक्रम में मौजूद सभी फिल्मकारों से मुलाकात कर उनसे राज्य की फिल्म नीति में क्या-क्या सुधार किए जा सकते हैं, इसके लिए सुझाव मांगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में फिल्म जगत के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है। उत्तराखंड को कुदरत ने अनमोल नेमतों से नवाजा है। यहाँ झरना, झील, जंगल, नदी, पहाड़, बर्फीली चोटियां, एडवेंचर स्पोर्ट्स, और वन्य जीव संपदा से भरपूर स्पॉट हैं। यानी एक फिल्मकार प्रकृति के जिस रूप को कैमरे में कैद करना चाहता है वो सब यहाँ मौजूद है।

उत्तराखण्ड को ओपन फिल्म स्टूडियो कहा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि फिल्मों की शूटिंग के लिए उत्तराखण्ड का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष यहां की अच्छी कानून व्यवस्था व शांतिप्रिय लोग हैं। उत्तराखंड फिल्म पॉलिसी फिल्म निर्माता निर्देशकों के सुझाव शामिल कर शीघ्र ही नई फिल्म पाॅलिसी को मंजूरी देकर सरकार ने कई बड़े फिल्म निर्माताओं के लिए द्वार खोल रही है। फिल्मों की शूटिंग के लिए निर्माताओं को अनुकूल माहौल उपलब्ध कराया जा रहा है। अधिक से अधिक फिल्मकारों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए फिल्मों की शूटिंग के लिये ली जाने वाली फीस को माफ किया गया है। फिल्मकारों को  सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम से शूटिंग की इजाजत मिल रही है। यानी कोई फिल्मकार उत्तराखंड में शूटिंग के लिए आवेदन करता है तो उसे मात्र 7 दिन के भीतर अनुमति मिल जाती है। इसका नतीजा है कि पिछले 6 महीनों में प्रदेश में 6 बड़ी बॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग हुई है। दक्षिण भारतीय फिल्मों की शूटिंग भी उत्तराखंड में हो रही है। महेश बाबू की एक फिल्म की शूटिंग उत्तराखंड हो चुकी है। फिल्म बाहुबली के निर्देशक एस एस राजामौली जी ने भी पिछले दिनों यहाँ के शूटिंग स्थलों का सर्वे किया, वे जल्द ही उत्तराखंड में अपनी क्रू के साथ दिखेंगे। जिन फिल्मों की 75 फीसदी शूटिंग उत्तराखंड में होती है, उनको 1.5 करोड़ रुपये का अनुदान देने का भी हमने प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जमीनी स्तर पर भी फिल्मों को प्रोत्साहन देने की कोशिशें की हैं। हम यह चाहते हैं कि अगर कोई फिल्मकार मुंबई से उत्तराखंड शूटिंग के लिए आता है तो उसे अपने साथ टेक्नीशियन, स्पॉट बॉय, और अन्य सहयोगियों की भारी भरकम टीम को न लाना पड़े। हम स्थानीय स्तर पर ही ऐसे कुशल टेक्नीशियन उपलब्ध कराने की योजना बना रहे हैं इसके लिए हमने देहरादून में थ्ज्प्प् के सहयोग से फिल्म एप्रिशिएसन कोर्स की शुरुआत की।उत्तराखंड की फिल्म नीति से प्रभावित होकर इस वर्ष उत्तराखंड को नेशनल फिल्म अवार्ड्स में most film friendly state का स्पेशल मेंशन अवार्ड प्रदान किया गया। हम फिल्म शूटिंग को केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रखना चाहते। हम चाहते हैं कि इसके जरिये हमारे पर्यटन क्षेत्र को मजबूती मिले। फिल्म शूटिंग से स्थानीय स्तर पर राज्य में रोजगार के अवसर पैदा हों। फिल्म इंडस्ट्री में उत्तराखंड का योगदान हो और ज्यादा से ज्यादा टेक्नीशियन व कलाकार यहाँ से मिल सकें, ताकि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को जन्म मिले।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने बॉलीवुड के सभी फिल्म निर्माता एवं निर्देशकों का आहवान किया कि  एक बार उत्तराखंड की यात्रा पर जरूर आएं। मैं यकीन दिलाता हूँ आप भले ही एक विजिटर की तरह आएंगे लेकिन यहाँ का वातावरण आपको इतना पसंद आएगा कि आप एक इन्वेस्टर की तरह यहाँ अपना योगदान देने की सोचेंगे।

श्री विशाल भारद्वाज, श्री रमेश सिप्पी, करण जौहर प्रोडक्शन के श्री पार्थ, श्री महेश भट्ट, श्री सिद्धार्थ राय कपूर, श्री सतीश कौशिक सहित अनेक फिल्म निर्माताओं व निर्देशकों ने जल्द ही उत्तराखण्ड में फिल्म शूटिंग किए जाने की बात कही।

फिल्म निर्माता श्री सिद्धार्थ रॉय कपूर ने कहा कि राज्य सरकार की यह पहल सराहनीय है। ऐसा कम ही होता है कि किसी राज्य के मुख्यमंत्री खुद फिल्मकारों से मिलकर अपने राज्य में आने के लिए आमंत्रित करें। उत्तराखंड में काफी संभावनाएं है।

फिल्म निर्माता श्री नारायण सिंह ने कहा कि उन्होंने उत्तराखंड में बत्तीगुल मीटर चालू फिल्म शूटिंग की है, जिसमे राज्य सरकार ने काफी सहयोग प्रदान किया है। राज्य में काफी अच्छी लोकेशन हंै। शूटिंग का जितना शांत माहौल उत्तराखंड में मिला, कहीं और नहीं मिला। लोग जब शूटिंग देखने आते थे तो पूरे अनुशासन और शांति के साथ आते थे।

फिल्म निर्माता मुकेश भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड में काफी संभावनाएं है। सरकार फिल्म निर्माता के नजरिये से नीतियां तैयार करे। अनुदान और अन्य सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। श्री रमेश सिप्पी ने कहा कि हम सभी उत्तराखंड के साथ है। फिल्मो की शूटिंग से राज्य में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। O

फिल्म निर्माता श्री बोनी कपूर ने भी उत्तराखण्ड सरकार को सहयोग दिए जाने की बात कही।

प्रसिद्ध गीतकार प्रसून जोशी ने कहा की उत्तराखण्ड के लोग बहुत संवेदनशील है। हम सभी को मिलकर ऐसा माहौल बनने का प्रयास करना चाहिए, जिससे उत्तराखंड में शूटिंग के लिए फ्रेंडली माहौल तैयार हो सके। फिल्म निर्माता सतीश कौशिक ने कहा कि उनका उत्तराखंड से काफी पुराना नाता है।

इस अवसर पर मुख्य सचिव उत्पल कुमार ने कहा कि राज्य सरकार फिल्म निर्माता और निर्देशकों को हर सम्भव सहायता उपलब्ध कराएगा। सचिव सूचना दिलीप जावलकर ने उत्तराखण्ड फिल्म नीति में दी जा रही सुविधाओ की जानकारी फिल्म निर्माताओं को दी। साथ ही फिल्म नीति में संशोधन के लिए सुझाव भी मांगे। श्री जावलकर ने कहा कि आगामी अक्टूबर में आयोजित होने वाले निवेश सम्मेलन में फिल्म सिटी और स्टूडियो में निवेश संबंधी प्रस्ताव तैयार किये जा रहे है। 

कार्यक्रम में यशराज फिल्म्स के श्री ऋषभ चोपड़ा, जाॅन अब्राहिम प्रोडक्शन के श्री शील नीम्बालकर, फिल्म एंड टेलिविजन प्रोड्यूसर गिल्ड आॅफ इंडिया के श्री कुलमीत मक्कड़, फोक्स स्टार स्टूडियो के श्री पार्थ अरोरा, इंडियन मोशन पिक्चर्स प्रोड्यूसर एसोसियेशन के अध्यक्ष श्री टी.पी.अग्रवाल, निर्माता-निर्देशक श्री हंसल मेहता, प्रसिद्ध गायकिा सुश्री अनुराधा पोड़वाल, निर्माता श्री नितीन चंद्रचूड़, निर्माता-निर्देशक श्री मुकेश भट्ट, निर्माता श्री अरविंद बब्बल, निर्माता डाॅ. रतिशंकर त्रिपाठी, श्री मंयक तिवारी, श्री विक्रमजीत राॅय, मोशन पिक्सर्च एसोसियेशन आॅफ अमेरिका के श्री उदय सिंह, निर्माता श्री आशीष सिंह, श्री दिलीप ताहिल, श्री सुधांशु पाण्डे सहित अनेक प्रसिद्ध हस्तियां मौजूद थीं। 

कार्यक्रम में प्रमुख सचिव मनीषा पंवार, सचिव वित्त अमित नेगी, प्रबंध निदेशक सौजन्या, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रमेश भट्ट, औद्योगिक सलाहकार के एस पंवार आदि उपस्थित थे।

उत्तराखण्ड है, निवेश के लिए सबसे बेहतर राज्य: मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र

बेहतर कानून व्यवस्था, बिजली की उपलब्धता, इन्वेस्टर फ्रेंडली सिस्टम, दक्ष मानव संसाधन बनाते हैं उत्तराखण्ड को निवेश का सबसे उपयुक्त डेस्टीनेशन।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से करीबी बनाती है, उत्तराखण्ड को सबसे खास।
दिल्ली में आयोजित रोड़ शो में मुख्यमंत्री ने उद्यमियों को उत्तराखण्ड में निवेश की सम्भावनाओं के बारे में बताया।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द ने कहा कि उत्तराखण्ड, राष्ट्रीय राजधानी से रेल, सड़क एवं हवाई मार्ग से सीधे जुड़ा है। इस प्रकार हम दिल्ली के काफी करीब हैं। पौराणिकता भी हमें यहां से जोड़ती है। हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून, मसूरी और नैनीताल के साथ ही चारधाम गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ, हेमकुण्ड साहिब, नानकमत्ता एवं पिरान कलियर जैसे स्थान, राष्ट्रीय राजधानी से सीधे जुड़े हैं। उत्तराखण्ड का बेहतर औद्योगिक वातावरण व मानव संसाधन के साथ-साथ राज्यवासियों का शान्त व सहयोगी वातावरण हमें अन्य प्रदेशों से अलग पहचान दिलाता है। राज्य में चारधाम सड़क परियोजना व ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल मार्ग का निर्माण कार्य प्रगति पर है। यह पहल राज्य को बेहतर संसाधन एवं सहायता उपलब्ध कराने में मददगार है।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद उद्यमियों से कहा कि हम आप सभी से  सुझाव लेने आए हैं। राज्य में  कनेक्टिविटी बड़ी तेजी से बढ़ रही है। शीघ्र ही दिल्ली से देहरादून का सफर मात्र 3.30 घंटे में होने लगेगा। कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अगले 4- 5 साल में बहुत बड़ा परिवर्तन आने वाला है। राज्य उद्योगों को सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध करवा रहा है। लखवाड़ परियोजना में छः राज्यो ंने एमओयू किया है। इससे दिल्ली को भी पेयजल की उपलब्घता में काफी राहत मिलेगी। उत्तराखण्ड को भी 300 मेगावाट बिजली मिलगी। देवभूमि उत्तराखण्ड को पर्यटन के साथ-साथ औद्योगिक रूप से विकसित अर्थव्यवस्था में बदलने के लिए राज्य सरकार ने कई कदम उठाये हैं।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की उपस्थिति में गुरूवार को नई दिल्ली में उत्तराखण्ड सरकार द्वारा ‘डेस्टिनेशन उत्तराखण्ड-इन्वेस्टर्स समिट’ के तहत रोड शो का आयोजन किया गया। 07 व 08 अक्टूबर 2018 को देहरादून में उत्तराखण्ड राज्य का पहला निवेशक सम्मेलन होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी इस सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे।

रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री ने उद्यमियों से मिलकर उन्हें उत्तराखण्ड में निवेश की सम्भावनाओं व औद्योगिक विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाये गये कदमों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर, प्राकृतिक संसाधनों की उपलब्धता तथा उद्यमशील युवा सोच, का अद्वितीय मिश्रण है। विनिर्माण और सेवाओं की पहुंच से सतत रोजगार के अवसर सृजित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता रही है। जिससे हमारे युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर सृजित किये जा सकें।

उत्तराखण्ड विकास की ओर तीव्र गति से बढ़ रहा है। उत्तराखण्ड देश में सबसे तेजी से बढ़ रहे अर्थव्यवस्था वाले राज्यों में शामिल है। राज्य में ‘ईज आॅफ डूइंग बिजनेस’ पहल के माध्यम से आवेदन प्रक्रियाओं के सरलीकरण के लिए राज्य में एकल खिड़की व्यवस्था, व्यवसाय की स्थापना और संचालन के लिए अपेक्षित सभी लाइसेंस और अनुमोदनों के लिए ‘वन स्टाॅप शाॅप’ के रूप में प्रारम्भ की गई है।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उद्योगों की शिकायतों और मुद्दों का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। इसके लिए देहरादून में ‘निवेश प्रोत्साहन एवं सुविधा केन्द्र की स्थापना की गई है। राज्य सरकार ने मजबूत नीतिगत ढ़ांचे को मेगा औद्योगिक और निवेश संवर्द्धन नीति, फिल्म नीति, एमएसएमई नीति, सूचना संचार प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्राॅनिक्स नीति व स्टार्ट अप के माध्यम से अपनी अर्थव्यवस्था को विभिन्न क्षेत्रों में निवेश का नियमित प्रवाह सुनिश्चित किया है। पर्यटन, आयुष, वैलनेस, फिल्म शूटिंग, आॅर्गेनिक उत्पादों व खाद्य प्रसंस्करण की दिशा में भी राज्य सरकार का विशेष फोकस है।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि देहरादून में होने वाले शिखर सम्मेलन से पूर्व हमने निवेशकों की भावनाओं को समझने के लिए राज्य में मिनी काॅन्क्लेव आयोजित किये ओर विभिन्न राज्यों में जाकर निवेश को प्रोत्साहित करने के लिये रोड शो का आयोजन किया गया। राज्य को उच्च आर्थिक विकास की ओर ले जाने में उद्योग एवं व्यवसाय जगत की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। यह हमारा दृढ़ विश्वास है कि निजी क्षेत्र के साथ मजबूत संबंध बनाने व साझेदारी स्थापित करने से ही हम राज्य में आर्थिक प्रगति एवं रोजगार के अवसरों के सृजन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकते हैं।

कैबिनेट मंत्री श्री प्रकाश पंत ने कहा कि राज्य 70 प्रतिशत वनाच्छादित होने के बावजूद उद्यमिता के लिए एक बेहतर ऑप्शन है। राज्य को 2003 में प्राप्त औद्योगिक पैकेज से उद्योग जगत में महत्वपूर्ण शुरूआत हुयी। एमएसएमई के क्षेत्र में 1100 प्रोजेक्ट से बढ़कर 49000 हो गया है। उत्तराखण्ड में स्थिर राजनैतिक वातावरण है, बेहतर कानून व्यवस्था, अवस्थापना सुविधाएं बेहतर है। उन्होंने इनवेस्टर्स समिट में आमन्त्रित करते हुए कहा ि कवे सभी उत्तराखण्ड में एक पर्यटक एक तीर्थयात्री के रूप में आएं।

कैबिनेट मंत्री श्री मदन कौशिक ने कहा कि उत्तराखण्ड, उद्योगों के लिए सबसे ज्यादा अनुकूल राज्य है। यहां सामाजिक सुरक्षा का स्तर अन्य राज्यों की तुलना में बहुत ही अच्छा है। राज्य सरकार प्रयास कर रही है कि औद्योगिक घरानों को उत्तराखण्ड में निवेश के लिए हर सम्भव सहायता प्रदान करे। हम निवेश अनुकूल माहौल देने का प्रयास कर रहे हैं। 

कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज ने कहा कि स्थानीय उत्पादों की विशेषताओं को बताते हुए कहा उत्तराखण्ड में इसकी बहुत अधिक सम्भावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि हम राज्य को विंटर्स डेस्टिनेशन के रूप में भी विकसित करना चाहते हैं। सरकार यहां इस प्रकार के इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करना चाहते हैं कि देश विदेश से लोग सर्दियों के मौसम में भी पर्यटक उत्तराखण्ड आएं। 

कैबिनेट मंत्री श्री हरक सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड से लगभग सभी लोगों का जुड़ाव रहा है। पर्यटन, धार्मिक पर्यटन, साहसिक पर्यटन व वन्यजीव के लिए प्रेरित करते रहे हैं। स्व0 अटल जी ने औद्योगिक पैकेज दिया था। उद्यमियों को उत्तराखण्ड में अन्य राज्यों की अपेक्षा बेहतर मानव संसाधन व बेहतर शान्त व औद्योगिक वातावरण उपलब्ध हुआ है। 

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उद्यमियों ने प्रतिभाग किया। इनमें हीरो इलेक्ट्रिक व्हीकल्स प्रा. लि. के नवीन मुंजाल, आईबीएम ग्रुप के धीरज मोहन, लोकहीड मार्टिन इण्डिया प्रा.लि. के फिल शाॅ, कार्लसन रेजिडोर ग्रुप के के.बी काचरू, ओयो के सिद्धार्थ देशगुप्ता, फार्चून हाॅटल्स के शरद भारद्वाज, माईक्रोब्रिव बिस्ट्रो प्रा.लि. के अनिल केजरीवाल, डिक्सोन टेक्नोलाॅजी इंडिया लि. के सुनील वाचानी, केन पैकेजिंग प्रा.लि. के जितेन्द्र दरेवा, ट्रांसमैटेलाइट इण्डिया लि. के विकास जैन, होलोस्टिक इण्डिया लि. के अंकित गुप्ता व संजय तोमर, अजर पाॅवर के हरकनवाल वाधवा, बिकानों के सुरेश गोयल, यूटीसी के समित रे, काइनेटिक ग्रीन के विपुल बाजपेयी, उत्तम शुगर मिल्स लि. के राजकुमार अद्लखा व अशोक अग्रवाल, शिवोम दयाल एनर्जी प्रा. लि. के आशीष आहूजा, एस. के. मिश्रा, ए.के. वाष्णेय, इनोवैटिक इंजिनियरिंग प्रा. लि. के अश्वनि शर्मा, विकास चैधरी, एस्सेल इन्फ्रा प्रोजेक्ट लि. के रोहित मोदी, कमल माहेश्वरी, सुरेश सिंह, अवीना ग्रुप के अवधेश मित्तल, स्प्रे स्टीम इण्डिया प्रा. लि. के नवीन रंजन, सुक्रोही इण्टरनेशनल लि. के सुनिल अग्रवाल, पीपुल आॅफ इण्डियन आॅरिजिन चैम्बर आॅफ काॅमर्स एण्ड इण्डस्ट्री के अभय अग्रवाल, यूकेआईबीसी के रिचर्ड मैकलम, दिल्ली फैक्ट्रीज एसोसिएशन के मुल्तानी प्रमुख हैं।

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