सीएम त्रिवेन्द्र ने कही सांसद अनिल बलूनी के लिए ये बात , ओर अनिल बलूनी की मुहिम को मिला प्रसिद्ध गीतकार प्रसून जोशी का साथ पूरी रिपोर्ट ।

393

सीएम त्रिवेन्द्र ने कही सांसद अनिल बलूनी के लिए ये बात , ओर अनिल बलूनी की मुहिम को मिला प्रसिद्ध गीतकार प्रसून जोशी का साथ पूरी रिपोर्ट ।

देहरादून।

राज्यसभा सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख पहाड़ पुत्र अनिल बलूनी की अपना वोट, अपने गांव मुहिम को अब भारी जनसमर्थन मिलने लगा है। सोशल मीडिया में बड़ी सँख्या में लोग अब तक इस मुहिम से जुड़ चुके हैं । तो प्रवासी उत्तराखण्डी भी बलूनी की इस मुहिम की खूब सराहना करते नही थक रहे हैं। इन सबके बीच प्रसिद्ध गीतकार, लेखक और भारतीय सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी ने भी अनिल बलूनी की मुहिम से खुद को जोड़ते हुए इसे उत्तराखंड के लिए सार्थक बताया है।


बता दे कि प्रसून जोशी ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि देवभूमि उत्तराखंड की गौरवशाली संस्कृति को बचाने एवं पलायन रोकने के लिए अनिल बलूनी के इस अभियान के लिए मेरी हार्दिक शुभकस्मनाएँ। पीड़ा और चिंता के बाद ऐसे प्रयासों से ही उत्तराखंड का भविष्य बेहत्तर होगा।

पहाड़ पुत्र अनिल बलूनी का ड्रीम प्रोजेक्ट है पहाड़ के उजड़ते घरों को फिर से बसाना। हमको अपनी जड़ों से जोड़ना।
बता दे कि राज्यसभा सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी उत्तराखंड से लगातार हो रहे पलायन को रोकने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। ओर अब उनकी कोशिशों के अच्छे नतीजे भी देखने को मिलने लगे हैं। यही वजह है कि बड़ी संख्या में अब लोग उनका अनुसरण कर रहे हैं ।
अनिल बलूनी फेसबुक पर लिखते हैं माना अँधेरा घना है, लेकिन दिया जलाना कहा मना है। मित्रों, मैंने अपना नाम अपने गांव की मतदाता सूची में जुड़वाया है। मेरा मानना है कि मैं अपने गांव, अपने परिवेश और अपनी संस्कृति से निकटता से जुडूंगा, महत्वपूर्ण पहलू यह है कि राज्य बनने के बाद हुए भारी पलायन से गांव के गांव खाली हुए हैं। भारी संख्या में पहाड़ की विधानसभा सीटें घटी है और स्वाभाविक रूप से विकास के लिए अपेक्षित धन और संसाधन में पहाड़ों की हिस्सेदारी घटी है। आइए मिलजुल कर इस अभियान के भागीदार बने।
अपना वोट, अपने गांव।
अनिल बलूनी जी अपने द्वारा किये जा रहे कार्य और सफल प्रयास की वजह से अक्सर मीडिया की सुर्खियां बनते है ।


हाल ही में सांसद पहाड़ पुत्र अनिल बलूनी ने जिला अधिकारी को एक लेटर लिखा था जिसमें उन्होंने निवेदन किया था कि कोटद्वार की मतदाता सूची से उनका नाम काट कर, इसे पौड़ी के नकोट, कंडवालस्यू, विकासखंड कोट में स्थानांतरित कर दिया जाए। नकोट सांसद बलूनी का पैतृक गांव है। ऐसा करने के पीछे उनका मुख्य उद्देश्य अपनी मिट्टी, अपनी जड़ों से जुड़े रहना है। सांसद अनिल बलूनी ने कहा कि शिक्षा और रोजगार की वजह से उत्तराखंड से लगातार पलायन हो रहा है। गांव खाली हो गए हैं। गांव से लोगों के संबंध खत्म हुए हैं, जिसका असर राज्य की संस्कृति, रीति-रिवाज और बोली-भाषा पर भी पड़ा है, ये खतरे में हैं और इन्हें बचाने की जरूरत है। मैंने निर्जन बौरगांव को गोद लेकर अनुभव किया है कि बहुत समृद्ध विरासत की हम लोगों ने उपेक्षा की है। हमने पलायन को विकास का पर्याय मान लिया है। अगर हर प्रवासी अपने गांव के विकास की चिंता करें और गांव तथा सरकार के बीच सेतु का कार्य करें तो निसंदेह हम अपनी देवभूमि को भी संवार पाएंगे और अपनी भाषा, संस्कृति और रीति-रिवाजों को सहेज पाएंगे।
इसी कड़ी में बलूनी ने लोकसभा चुनाव से पहले प्रसिद्ध गीतकार, लेखक और भारतीय सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी से भेंट की थी। अनिल बलूनी ने प्रसून जोशी से अनुरोध किया था कि वे उत्तराखंड में पर्यटन के विकास हेतु एक ऐसा प्रेरक गीत लिखें कि पर्यटन और तीर्थाटन हेतु देश-विदेश के सैलानी और श्रद्धालु उत्तराखंड आयें। इससे जनता उत्तराखंड को देखेगी और उत्तराखंड से पलायन रुकेगा। अनिल बलूनी ने कहा था कि, हमें गर्व है कि देवभूमि के बेटे प्रसून जोशी ने अपनी कलम से उत्तराखण्ड का नाम रोशन किया है। माना जा रहा है कि प्रसून जोशी ने बलूनी केेेे अनुरोध पर उत्तराखंड के लिए एक सुंदर गीत लिखने का मन बना लिया है।
आपको बता दे कि अनिल बलूनी ने एक सामाजिक अभियान “अपना वोट – अपने गांव” के द्वारा किए गए अनुरोध को समाज के हर वर्ग से व्यापक स्वीकारोक्ति मिल रही है। हाल ही में सांसद बलूनी ने अपने मूल गांव की मतदाता सूची में अपना नाम जोड़ कर अपील की थी कि हमें देवभूमि की समृद्ध संस्कृति और रीति-रिवाज के संरक्षण के लिए एकजुट होना चाहिए। इसके साथ ही देश की अंतर्राष्ट्रीय सीमा से जुड़े इस सामरिक प्रांत के लिए भी गांवों का आबाद होना आवश्यक है।
बलूनी ने समाज के हर वर्ग के महानुभावों से अनुरोध करते हुए “अपना वोट- अपने गांव” का एक प्रतीकात्मक लोगो अपनी फेसबुक और व्हाट्सएप प्रोफाइल पर अपलोड किया, जिसके बाद इस विषय पर विभिन्न विधाओं और क्षेत्रों के महानुभावों का समर्थन मिला।
अभियान के समर्थन में अनेक महानुभावों ने अपने सोशल मीडिया की प्रोफाइल फोटो पर अपना वोट अपने गांव का लोगो अपलोड किया। जिनमें कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, अरविंद पांडे, विधायक पुष्कर सिंह धामी, मुकेश कोली, महेश नेगी, गोपाल रावत, गणेश जोशी, पद्मश्री प्रीतम भरतवाण, फिल्म जगत से हेमंत पांडे, भारत के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल राकेश थपलियाल, आईएफएस कपिल जोशी, भाजपा नेता बलराज पासी, कुंदन लटवाल आदि लोग प्रमुख है।


वही सबसे बड़ी बात ये है कि उत्तराखण्ड मै जीरो टालरेश की नीति से सरकार चलाने वाले मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत जी  ने भी आज मीडिया के आगे आकर खुल कर अनिल बलूनी की पहल की तारीफ की है मुख्य मंत्री ने कहा कि हमारे राज्य सभा सांसद अनिल बलूनी ने जो अपना वोट अपने गाँव मुहिम चलाई है।वो शानदार मुहिम है मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि मै समझता हूँ कि ये पहल भविष्य के लिए कारगर साबित होगी। ओर इस पहल के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत ने अनिल बलूनी को बधाई  भी दी। बहराल राज्य के पहाड़ के विकास के लिए जहा राज्य में त्रिवेन्द्र सरकार लगातार काम कर रही है वही हमारे सांसद अनिल बलूनी भी पहाड़ की तस्वीर बदलने के लिए प्रयासरत है।

ओर जब केंद्र से लेकर राज्य सरकार  ,  व  सांसद  सब भाजपा के हो तो फिर विकास तय है। धन्यवाद बलूनी जी

धन्यवाद  मुख्यमंत्री जी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here