मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को दी श्रद्धांजलि और सैनिकों के परिवारों को सौगात

आपको बता दे कि 20वें कारगिल विजय दिवस के मौके पर देहरादून के गांधी पार्क स्थित शहीद स्मारक पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ,विद्यायक गणेश जोशी समेत अन्य नेताओं और पूर्व सैन्य अधिकारियों ने पुष्प अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। वही पूरे राज्यभर में आज कई कार्यक्रम आयोजित किए गए थे
आज सुबह मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शहीदों को श्रदांजलि देने के बाद कहा कि भारत को वीर प्रसूता कहा गया है। ओर यहां जब एक जवान शहीद होता है तो 100 जवान पैदा होते हैं। उत्तराखंड गौरवान्वित है कि आजादी से पहले और बाद में जितने भी युद्ध हुए उसमे उत्तराखण्ड के वीरों ने खूब आगे बढ़कर शहादत दी। वही मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि भारत आज सशक्त बन चुका है। वे भारत की सेना का दुनिया में लोहा माना जाता है।


वही मुख्यमंत्री ने पूर्व सैनिकों से कहा उन्हें विस्वास दिलाया कि यह सरकार आपके लिए है।ओर आपकी समस्याओं को दूर करना हमारी प्राथमिकता है मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि अपर मुख्य सचिव पूर्व सैनिकों की समस्याओं के निस्तारण के लिए अब नोडल अधिकारी होंगे। वही उन्होंने कहा कि सरकार ने 1905 हेल्पलाइन भी शुरू की है, जिसकी निरंतर समीक्षा भी की जाती है। जिसको वे स्वयं भी लगातार फीड बेक लेते रहते है इस दौरान मुख्यमंत्री ने सैनिक और पूर्व सैनिकों के परिवारों को सौगात दी। उनका सम्मान किया।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की घोषणाये
अब सैनिकों को सीएम से मुलाकात के लिए अपाइंटमेंट नहीं लेना होगा।
सचिवालय में एंट्री के लिये सैनिकों-पूर्व सैनिकों को प्रवेश पत्र नहीं बनाना होगा। समस्याओं के निदान के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा।
वही सहस्रधारा रोड पर 75 बीघा भूमि पर शौर्य स्थल बनेगा। शौर्य स्थल पर सैनिक आश्रितों के लिये व्यवसायिक कोर्स भी कराया जाएगा।
सहस्रधारा में डिजिटल संग्रहालय बनाया जाएगा। जिसमें डिजिटल फार्मेट में अब तक के सभी शहीद व घायल सैनिकों के नाम अंकित होंगे।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि पूर्व सैनिकों उनके परिजनों की हरर समस्या को उनकी सरकार ने दूर किया है अगर फिर भी उनकी कोई समस्या होगी तो उसको भी दूर किया जाएगा।



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