इन्होंने अगस्त के महीने मुख्यमत्री त्रिवेंद्र रावत पर हर आरोप लगा डाले थे पर आज सब चुप है जानो क्यो

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अगस्त का महीना है ओर वो भी यानी कि ठीक एक साल पहले वो भी अगस्त का ही महीना था
मतलब एक साल लगभग पूरा हो गया पिछले साल अगस्त के महीने मैं ही मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत मुम्बई में जानी-मानी फिल्मी हस्तियों से मुलाकात कर रहे थे ,उन्हें बता रहे है थे कि हमारा उत्तराखंड फिल्म शूटिंग के बेस्ट डेस्टीनेशन के रूप में उभर कर आ रहा है।
आप भी उत्तराखंड मै आइये ओर यहा फ़िल्म बनाइये।
तो दूसरी तरफ उत्तराखण्ड के कही नेता इसे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का नाटक बता रहे है थे, ख़ास कर विपक्ष तो हर मौके पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र के अपने बयानों से कपड़े फाड़ने को तैयार था।और बयान दे भी रहे थे कि ये सिर्फ मौज मस्ती हो रही है , मुंबई के होटलों मैं ऐश हो रही है और पैसा राज्य सरकार का खर्च किया जा रहा है ।


तो उसी दोरान त्रिवेंद्र इन सब विपक्ष के बयानों को जानकर ,समझकर सिर्फ चुप थे और लगभग सभी फिल्म प्रोडक्शन हाउस को फिल्मों की शूटिंग के लिए उत्तराखण्ड आने का न्योता दे रहे थे उन्हें बता रहे थे कि क्यो उत्तराखण्ड
उनके लिए अनुकूल है।


मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत की जब फिल्मी हस्तियों से मुलाकात हो चुकी थी तो उन सभी का यही कहना था कि उत्तराखण्ड में फिल्म शूटिंग की सम्भावनाएं शुरू से ही मौजूद थी परंतु मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने फिल्मों को लेकर जिस प्रकार की पहल की हैं, उससे बाॅलीवुड सहित फिल्म जगत में उत्तराखण्ड के प्रति उत्सुकता बढ़ी है।


यही नही मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने उस दौरान कार्यक्रम में मौजूद सभी फिल्मकारों से राज्य की फिल्म नीति में क्या-क्या सुधार किए जा सकते हैं, इसके लिए भी सुझाव मांगे थे और उनकी सरकार ने प्रदेश में फिल्म जगत के लिए जो अनुकूल वातावरण तैयार किया है उसकी जानकारी भी साझा हो रह थी हो भी क्यो ना आखिर अपने उत्तराखंड को कुदरत ने अनमोल नेमतों से जो नवाजा है। यहाँ झरना, झील, जंगल, नदी, पहाड़, बर्फीली चोटियां, एडवेंचर स्पोर्ट्स, और वन्य जीव संपदा से भरपूर स्पॉट हैं। यानी एक फिल्मकार प्रकृति के जिस रूप को कैमरे में कैद करना चाहता है वो सब यहाँ मौजूद है।


अपने उत्तराखण्ड को ओपन फिल्म स्टूडियो कहा जा सकता है।
उस समय मुख्यमंत्री ने कहा था कि फिल्मों की शूटिंग के लिए उत्तराखण्ड का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष यहां की अच्छी कानून व्यवस्था व शांतिप्रिय लोग हैं। उत्तराखंड फिल्म पॉलिसी भी फिल्म निर्माता निर्देशकों को पसंद आई थी


इसके साथ ही उस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा था कि
राज्य सरकार ने जमीनी स्तर पर भी फिल्मों को प्रोत्साहन देने की कोशिशें की हैं। हम यह चाहते हैं कि अगर कोई फिल्मकार मुंबई से उत्तराखंड शूटिंग के लिए आता है तो उसे अपने साथ टेक्नीशियन, स्पॉट बॉय, और अन्य सहयोगियों की भारी भरकम टीम को न लाना पड़े। हमारे पास स्थानीय स्तर पर ही ऐसे कुशल टेक्नीशियन उपलब्ध हैं ।


ओर उत्तराखंड की फिल्म नीति से प्रभावित होकर उत्तराखंड को नेशनल फिल्म अवार्ड्स में most film friendly state का स्पेशल मेंशन अवार्ड प्रदान किया गया। हम फिल्म शूटिंग को केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रखना चाहते। हम चाहते हैं कि इसके जरिये हमारे पर्यटन क्षेत्र को मजबूती मिले। फिल्म शूटिंग से स्थानीय स्तर पर राज्य में रोजगार के अवसर पैदा हों। फिल्म इंडस्ट्री में उत्तराखंड का योगदान हो और ज्यादा से ज्यादा टेक्नीशियन व कलाकार यहाँ से मिल सकें, ताकि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को जन्म मिले।


ओर तब मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने बॉलीवुड के सभी फिल्म निर्माता एवं निर्देशकों का आहवान किया था कि  एक बार उत्तराखंड की यात्रा पर जरूर आएं। मैं यकीन दिलाता हूँ आप भले ही एक विजिटर की तरह आएंगे लेकिन यहाँ का वातावरण आपको इतना पसंद आएगा कि आप एक इन्वेस्टर की तरह यहाँ अपना योगदान देने की सोचेंगे।
बस फिर क्या था उस दिन श्री विशाल भारद्वाज, श्री रमेश सिप्पी, करण जौहर प्रोडक्शन के श्री पार्थ, श्री महेश भट्ट, श्री सिद्धार्थ राय कपूर, श्री सतीश कौशिक सहित अनेक फिल्म निर्माताओं व निर्देशकों ने जल्द ही उत्तराखण्ड में फिल्म शूटिंग किए जाने की बात कही थी


फिल्म निर्माता श्री सिद्धार्थ रॉय कपूर ने कहा था कि राज्य सरकार की यह पहल सराहनीय है। ऐसा कम ही होता है कि किसी राज्य के मुख्यमंत्री खुद फिल्मकारों से मिलकर अपने राज्य में आने के लिए आमंत्रित करें। उत्तराखंड में काफी संभावनाएं है।
फिल्म निर्माता श्री नारायण सिंह ने कहा था कि उन्होंने उत्तराखंड में बत्तीगुल मीटर चालू फिल्म शूटिंग की है, जिसमे राज्य सरकार ने काफी सहयोग प्रदान किया है। राज्य में काफी अच्छी लोकेशन है शूटिंग का जितना शांत माहौल उत्तराखंड में मिला, कहीं और नहीं मिला। लोग जब शूटिंग देखने आते थे तो पूरे अनुशासन और शांति के साथ आते थे।
तब उस दौरान फिल्म निर्माता मुकेश भट्ट ने कहा था कि उत्तराखंड में काफी संभावनाएं है। सरकार फिल्म निर्माता के नजरिये से नीतियां तैयार कर रही है जरूरत महसूस होने पर संसोधन के लिए भी तैयार है तब श्री रमेश सिप्पी ने कहा था कि हम सभी उत्तराखंड के साथ है। फिल्मो की शूटिंग से राज्य में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
वही फिल्म निर्माता श्री बोनी कपूर ने भी उत्तराखण्ड सरकार को सहयोग दिए जाने की बात कही थी तो
प्रसिद्ध गीतकार प्रसून जोशी ने कहा था कि उत्तराखण्ड के लोग बहुत संवेदनशील है। हम सभी को मिलकर ऐसा माहौल बनायेगे , जिससे उत्तराखंड में शूटिंग के लिए फ्रेंडली माहौल तैयार हो सके। तो फिल्म निर्माता सतीश कौशिक ने कहा था कि उनका उत्तराखंड से काफी पुराना नाता है।
उस कार्यक्रम में यशराज फिल्म्स के श्री ऋषभ चोपड़ा, जाॅन अब्राहिम प्रोडक्शन के श्री शील नीम्बालकर, फिल्म एंड टेलिविजन प्रोड्यूसर गिल्ड आफ इंडिया के श्री कुलमीत मक्कड़, फोक्स स्टार स्टूडियो के श्री पार्थ अरोरा, इंडियन मोशन पिक्चर्स प्रोड्यूसर एसोसियेशन के अध्यक्ष श्री टी.पी.अग्रवाल, निर्माता-निर्देशक श्री हंसल मेहता, प्रसिद्ध गायकिा सुश्री अनुराधा पोड़वाल, निर्माता श्री नितीन चंद्रचूड़, निर्माता-निर्देशक श्री मुकेश भट्ट, निर्माता श्री अरविंद बब्बल, निर्माता डाॅ. रतिशंकर त्रिपाठी, श्री मंयक तिवारी, श्री विक्रमजीत राॅय, मोशन पिक्सर्च एसोसियेशन आॅफ अमेरिका के श्री उदय सिंह, निर्माता श्री आशीष सिंह, श्री दिलीप ताहिल, श्री सुधांशु पाण्डे सहित अनेक प्रसिद्ध हस्तियां मौजूद थीं।
उस दौरान इस कार्यक्रम में प्रमुख सचिव मनीषा पंवार, सचिव वित्त अमित नेगी, प्रबंध निदेशक सौजन्या, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रमेश भट्ट, औद्योगिक सलाहकार के एस पंवार आदि उपस्थित थे।
ओर उसके बाद भी मुख्यमंत्री के जब ये बयान मीडिया मैं आये तो विपक्ष ने फिर त्रिवेंद्र रावत पर हमला बोल डाला था कि कुछ नही होगा ये सब भी जुमले है और कुछ नही
चलिए ये तो एक साल पहले यानी पिछले अगस्त की बात थी अब आज के अगस्त की बात आपको मालूम ही है ।जिसे नही मालूम उनको फिर बता देते है


मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उत्तराखण्ड को 66वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के अन्तर्गत  Most Film & Friendly State  का प्रथम पुरस्कार के लिए नामित किया गया है।
है ना बड़ी बात मतलब त्रिवेंद्र रावत के उस पिछले अगस्त की मेहनत का अच्छा और सुभ फल एक साल मैं ही मिल गया ना
अब क्या कहेगे वो जो उस दिन मतलब एक साल पहले कह रहे थे कि मुख्यमंत्री तो बस मुंबई मैं घूम रहे है

क्या मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र के घूमने से ही
उत्तराखंड को
66वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के अन्तर्गत  Most Film & Friendly State  का प्रथम पुरस्कार के लिए नामित किया गया है।
जी नही सच तो ये है कि जो उस दौरान त्रिवेन्द्र सरकार ने ख़ास कर मुख्यमंत्री ने पसीना बहाया था ये उसका फल है ।

बहराल मुख्यमंत्री ने कहा कि ये उत्तराखण्ड के पर्यटन के लिये शुभ संकेत है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार द्वारा फिल्म निर्माताओं की सुविधाओं के  दृष्टिगत आकर्षक फिल्म नीति लागू की गई है। गत वर्ष राज्य में आयोजित निवेश सम्मेलन में भी देश-विदेश के फिल्म निर्माताओं द्वारा सुझाव दिये गये थे, जिसके बाद राज्य सरकार द्वारा फिल्म नीति 2019 लागू की गई।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 से अभी तक लगभग 220 फिल्मों, धारावाहिक, डाक्यूमेंट्री आदि की शूटिंग की गई है। इनमें मीटर चालू बत्ती गुल, परमाणु, बाटला हाउस, कबीर सिंह, केदारनाथ, नरेन्द्र मोदी, स्टूडेंट ऑफ द ईयर-2, डिस्कवरी चैनल पर प्रसारित होने वाला कार्यक्रम  Men vs Wild आदि कई बड़े नाम भी शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा फिल्म नीति को आकर्षक बनाया गया है, जिसमें सिंगल विंडो शूटिंग अनुमति प्रदान किये जाने की व्यवस्था की गई है। अब राज्य में शूटिंग हेतु कोई भी शुल्क नही लिया जा रहा है। नई फिल्म नीति में रुपये 1.5 करोड़ तक अनुदान दिये जाने की व्यवस्था है। इसके साथ ही शूटिंग अवधि में पुलिस सुरक्षा निशुल्क उपलब्ध कराया जाना शामिल है। क्षेत्रीय फिल्मों को स्थानीय सिनेमाघरों द्वारा सप्ताह में एक शो अनिवार्य रूप से दिखाया जाना भी इसमें शामिल है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड को विगत वर्ष राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के अन्तर्गत Special Mention Certificate for Film Friendly State प्रदान किया गया था। इस पुरस्कार हेतु राष्ट्रीय स्तर पर गठित चयन समिति द्वारा निर्धारित मानकों का परीक्षण कर यह पुरस्कार प्रदान किया जाता है। यह पुरस्कार ease of filming, Infrastructure, अनुदान, database, marketing and permotion एवं  विगत वर्षो में राज्य में शूटिंग की गई फिल्मों की संख्या आदि प्रमुख होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में बड़ी संख्या में फिल्मों की शूटिंग से स्थानीय कलाकारों व्यवसासियों को भी लाभ होता है। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा कि अकेले स्टूडेंट ऑफ द इयर-2 फिल्म की शूटिंग पर फिल्म निर्माता ने राज्य में 13 करोड़ रूपये व्यय किये जिसका लाभ राज्य के लोगों को हुआ है साथ ही जीएसटी के रूप में राज्य सरकार को भी करोड़ो का राजस्व प्राप्त हुआ।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य में फिल्म शूटिंग स्टूडियो के निर्माण मे निजि संस्थान आगे आये हैं। एक संस्थान कोटद्वार में खुल गया है दूसरा शीघ्र देहरादून में शुरू होने वाला है। बड़ी संख्या मे दक्षिण के फिल्मकार भी राज्य के प्रति आकर्षित हुए हैं। उत्तराखण्ड का सौन्दर्य फिल्मों के अनुकूल है। यहां का शांत माहोल, अपनत्व व भाई चारा फिल्म निर्माताओं को पसन्द आया है। हमारा प्रयास राज्य के सीमान्त व सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक फिल्म निर्माताओं की पहुंच बनाने का है। इसमें ये क्षेत्र भी पर्यटन से जुड सकेंगे।
ये अबके अगस्त की बात है जी
बधाई त्रिवेंद्र सरकार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत को ओर उत्तराखंड के सभी राजनीतिक दल को, सभी कलाकारों को , इस उम्मीद के साथ कि अगर राज्य हित मैं अच्छा होता है, या कोई भी प्रयास करता है तो उसको राजनीति से दूर रख उत्तराखंड के विकास के बारे मैं सोचना होगा । तभी आगे बढेगा अपना उत्तराखंड ।

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