मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने आज सबसे पहले यानी कि बुधवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की 150 वीं जयंती के अवसर पर बहल चौक से गांधी पार्क तक ‘‘स्वच्छता ही सेवा’’ के तहत पदयात्रा की। इसके पश्चात उन्होंने गांधी पार्क में महात्मा गाँधी  व पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की एवं महात्मा गांधी जी की मूर्ति पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड को  स्वच्छता एवं सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त उत्तराखण्ड बनाने की शपथ भी दिलाई।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि संयोग से देश के दो महान विभूतियों राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती एक ही दिन है। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों की ओर से दोनों महान विभूतियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि गांधी जयंती के 150 साल होने पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। जिसमें दुनिया व भारत के सदस्य प्रतिनिधि हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने प्लास्टिक मुक्त भारत का एक विशेष संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक के अनेक दुष्प्रभावों को रोकने के लिए इसका पूर्णतः बहिष्कार करना जरूरी है। प्लास्टिक के अधिक इस्तेमाल से नालियों के चौक होने व शहरों में जलभराव की समस्यायें अधिक होती है, साथ ही प्लास्टिक अनेक रोगों का कारक भी है। प्रधानमंत्री जी के प्लास्टिक मुक्त भारत के सपने को साकार करने के लिए उत्तराखण्ड की जनता की ओर से पूर्ण सहयोग मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में प्लास्टिक मुक्ति के लिए जनता का सराहनीय सहयोग मिला है। हमारा प्रयास है कि उत्तराखण्ड प्लास्टिक से मुक्त होने वाला देश का पहला राज्य बने।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि महात्मा गांधी जी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी ने अन्त्योदय की जो कल्पना की थी, आज प्रधानमंत्री मोदी उनकी इस परिकल्पना को साकार करने का हर सम्भव प्रयास कर रहे हैं। समाज के हर वर्ग के लोगों के लिए जन कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। लाल बहादुर शास्त्री जी ने स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने का प्रयास किया। उन्होंने देश में खाद्यान की कमी की पूर्ति करने के लिए लोगों से एक दिन का उपवास रखने का आह्वान किया।


इससे पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने मुख्यमंत्री आवास में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किये।
इस अवसर सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत, मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक हरबंस कपूर, खजान दास मौजूद रहे.

जिसके बाद मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शहीद स्थल, कचहरी, देहरादून में उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारी शहीदों की पुण्यस्मृति पर उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण व पुष्पचक्र अर्पित किये। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य निर्माण के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले राज्य आन्दोलनकारियों के बलिदान के परिणामस्वरूप ही उत्तराखण्ड एक पर्वतीय राज्य बना। राज्य आन्दोलनकारियों के सपनों के अनुरूप उत्तराखण्ड का विकास हो इसके लिए राज्य सरकार निरन्तर प्रयासरत है।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने उत्तराखण्ड को स्पेशल स्टेट का दर्जा दिया। अटल जी ने उत्तराखण्ड को नया राज्य बनाने के साथ ही राज्य को मजबूती प्रदान करने के लिए औद्योगिक पैकेज दिया। जिसके कारण आज उत्तराखण्ड एक औद्योगिक राज्य के रूप में जाना जाता है। पर्यटन राज्य के रूप में उत्तराखण्ड की विशेष पहचान है। देश व दुनिया के पर्यटक उत्तराखण्ड आना चाहते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने ऑल वेदर रोड, रेलवे लाईन का और उड़ान योजना के तहत एयर कनेक्टिविटी का तोहफा उत्तराखण्ड को दिया। दिल्ली, काठगोदाम, जयपुर से कनेक्टिविटी बढ़ाई है। मुज्जफरनगर-रूड़की नई रेल लाईन के लिए धनराशि दी। दिल्ली-हरिद्वार-देहरादून  एक्सप्रेसवे व दिल्ली-बागपथ-सहारनपुर देहरादून रेलवे लाईन पर कार्य चल रहा है। राज्य के विकास लिए जो अवस्थापना सुविधाओं की जरूरत है उसको अटल जी ने औद्योगिक पैकेज व नरेन्द्र मोदी जी ने कनेक्टिविटी के रूप में राज्य को तोहफा दिया है।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों के विकास के लिए अनेक प्रयास किये जा रहे हैं। 58 रूरल ग्रोथ सेटर के लिए स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। सोलर पॉलिसी के तहत 200 मेगावट के प्रोजक्ट पर्वतीय क्षेत्रों में लग रहे हैं। चीड़ की पत्तियों से बिजली बनाने का कार्य राज्य में शुरू हो गये हैं। इसके 21 प्रोजक्ट आवंटित कर दिये हैं। आने वाले समय में इन योजनाओं के व्यापक स्तर पर परिणाम आयेंगे व पलायन भी रूकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सौंग व जमरानी बांध बनने के बाद 15 लाख की आबादी को पूर्ण ग्रेविटी का पानी उपलब्ध होगा व प्रतिवर्ष 100 करोड़ रूपये की बिजली की भी बचत होगी।


फिर इसके बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शहीद स्थल रामपुर तिराहा मुजफ्फरनगर पहुंच कर उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों की पुण्य स्मृति में पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।





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