सोशल मीडिया पर लगतार बीते दिनों से बोला जा रहा था और कही आज भी बोला जा रहा होगा
कि उत्तराखंड का मुख्यमंत्री बदला जा रहा है या फिर जल्द बदलने वाला है!
यही बात शोशल मीडिया के स्तर से ऊपर उठकर प्रिंट और electronic media यानी टीवी मीडिया के कानों तक भी पहुच गई
बस फिर क्या सभी को इस मुद्दे पर खुद ओर सबसे पहले, सबसे आगे बना जो रहना है कि आखिर सच क्या है ओर सभी ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र से समय लेकर उनसे बयान लेने की कोशिश दिल्ली मे की भी ।
जिसको मुख्यमंत्री मिले उसने अपने अपने अंदाज मैं ख़बर भी चला दी लेकिन इस बीच मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र क्या बोलते नज़र आये दिल्ली मैं टीवी चैनल और प्रिंट पर ये भी आपको बताते है

जब मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र से दिल्ली मे एक चैनल सवाल करता है कि
त्रिवेंद्र जी आप के ऊपर जो आरोप लगता है कि आप अफवाह तंत्र को रोक पाने में असफल रहे , आपने विधायकों को सैन्य स्मारक विजिट करने के लिए बुलाया लेकिन उत्तराखंड में अफवाह उड़ गई कि सभी विधायकों को दिल्ली बुला लिया गया है आप को हटाने की तैयारी है ?
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने जवाब दिया कि मुख्यमंत्री बनने के 3 महीने के अंदर ही अफवाह फैलाना शुरू हो गई थी कि पहले गुजरात का चुनाव होगा और उसके बाद मुझे हटा दिया जाएगा उसके बाद कहा गया कि मध्य प्रदेश या दिल्ली के चुनाव के बाद हटा दिया जाएगा. ओर उससे पहले कहा गया था कि लोकसभा के चुनाव के बाद हटा दिया जाएगा अब ऐसी अफवाहों कि मुझे आदत हो गई है.

मुख्यमंत्री से सवाल होता है कि क्या इससे त्रिवेंद्र को नुकसान नही होता?
तो मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र कहते है कि
निश्चित रूप से नुकसान होता है
राज्य मे लो स्तर के कर्मचारियों पर इसका असर पड़ता है।
त्रिवेंद्र पर इसका असर भले ही ना पढ़े पर लो स्तर के कर्मचारियों पर इसका असर पढ़ता है
उच्च स्तर पर तो सबको सच मालूम होता है लेकिन कुल मिलाकर इससे स्टेट का नुकसान होता है
कुछ लोगो के काम है ये, वो
इसमें लगे रहते है
ओर हमारा काम है सतत डेवलपमेंट की सोच का है ।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र से जब पूछा गया कि कौन है वे लोग हैं जो इस तरह अफवाह फैलाते हैं
तो मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत  बोले कि देखिए जिनको लगता है कि मेरे को अवसर मिल सकता है वे लोग भी किसी ना किसी रूप मै सामान्य तौर संलग्न रहते है।
बाकी विपक्ष तो आग मै घी डालने का काम करता ही है ।

जव मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र से पूछा गया कि  पार्टी के अंदर के लोग भी शामिल है क्या तो वे बोले
हो सकता है कुछ लोग हो।

फिर पूछा गया कि जो लोग दावेदारी करना चाहते है क्या वे लोग है
तो मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र बोले वही हो सकते है बाकी तो किसी के होने का मतलब ही नही है।
देखिये हमने डेवलपमेंट में किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया. विपक्ष के साथ भी कोई भेदभाव नहीं किया. हमने विधायकों या जनप्रतिनिधियों को समय देने की बात कही। ओर समय दिया है आज कोई भी विधायक ये नहीं कह सकता कि
हमको मुख्यमंत्री ने समय नहीं दिया मैं दावे के साथ कह सकता हूं इस बात को।

हमने हमेशा से ही चीजों को बैलेंस करके चले है और हमारा फोकस हमेशा से डेवलपमेंट रहा है।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र से पूछा गया कि सोशल मीडिया मैं सतपाल महाराज और रमेश पोखरियाल निशंक के नाम की अफवाह फैली है क्या आप तक यह बातें आई हैं?
तो त्रिवेंद्र बोले कि
देखिये ये सब सोशल मीडिया में चल रहा है. इसमें कितनी सच्चाई है यह मैं नहीं कह सकता!
हा पर सोशल मीडिया पर ऐसी काफी अफवाहें उड़ी हैं और उड़ाई गई हैं।
मुख्यमंत्री से सवाल पूछा गया कि  फिर आप केंद्र नेतृत्व से उन लोगो की शिकायत नहीं करेंगे कि यह लोग हैं जो अफवाह फैलाकर राज्य में सरकार को कमजोर करना चाहते हैं तो मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र बोले कि शिकायत करने का अपना स्वभाव नहीं है हम तो सिर्फ काम करते हैं विकास करते हैं जनता के बीच रहते हैं जनता के लिए काम करते हैं और अपनी बात समझाने का प्रयास करते हैं शिकायत का जो भी स्वभाव है वह हमने पाला ही नहीं.शिकायत करना हमारे स्वभाव में ही नहीं है।

बहराल मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत ने अपनी बात कह दी है उन सभी को जो इन सवालों के जवाब चाहते थे।
अब देखना ये है कि भाजपा का हाईकमान कब इस पूरे मामले के बीच मै हस्तक्षेप करता है भी या नही ।


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