आपको बता दे कि पिछले साल मे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्ररावत ने कही महत्वपूर्ण फैसले लिए अगर ये बोला जाए कि साल 2018 विकास की इबारत लिख गया तो गलत ना होगा । अब तो बस सरकार ने जो बीज बोए है उनके फल की चिंता सरकार को है। त्रिवेन्द्र सरकार द्वारा साल 2018 की बनाई गई योजनाएं और वो सभी वादे इस नए साल पर धरातल पर उतरते हैं तो ये साल जनता के लिए नई सौगात लेकर आएगा और पूरे राज्य को राज्य की जनता को इसका सीधा फायदा मिलना तय है। आपको बता दे कि 24 जनवरी को महिलाओं के लिए पैनिक बटन की लांचिंग राज्य मे होगी। ओर 26 जनवरी से उत्तराखंड के सभी परिवारों को पांच लाख तक का निशुल्क इलाज मिलेगा। वही देहरादून से पंतनगर हवाई सेवा चार जनवरी से शुरू होगी। तो पंचायत चुनाव लड़ने को शिक्षा व दो बच्चों वाली शर्त लागू होगी।


इसके साथ ही हरिद्वार-देहरादून, हरिद्वार-दिल्ली हाईवे का चौड़ीकरण का काम साल 2009 से चल रहा है। आपको बता दे कि सुस्त चाल और अनियमितताओं के कारण दस साल बाद भी हाईवे चौड़ीकरण का काम पूरा नहीं हो सका। ओर इस हाईवे की बदहाली के कारण ही 15 सौ से अधिक लोग सड़क दुर्घटना में जान गंवा चुके हैं। ख़बर आती है कि मेले और पर्व के दौरान तो हरिद्वार पूरी तरह जाम हो जाता है। बरसात के दौरान सड़क पर गड्ढे हैं या गड्डों में सड़क। पता ही नही चलता अब नया साल लोगों को राहत देगा क्योंकि इस साल मतलब 2019 मे हाईवे को पूरी तरह से तैयार कर लिया जाएगा।
वही आपको बता दे कि साल 2019 में ही कुंभ क्षेत्र का विस्तार करते हुए चंडी घाट पुल के समीप नमामि गंगे योजना के अंतर्गत राज्य के सबसे लंबे गंगा घाट का निर्माण किया जा रहा है। इस घाट की लंबाई लगभग 6 सौ मीटर है। इस घाट पर लोगों के बैठने, बारिश से बचने के लिए शेल्टर, टहलने, शौचालय सहित कही अलग अलग प्रकार की सुविधाओं से लेस किया जाएगा।


जबकि आधुनिक सुविधाओं के युक्त श्मशान घाट बनाया जा रहा है। घाट का आधे से अधिक कार्य पूरा कर लिया गया है। घाट बनने से कुंभ की भीड़ को और व्यवस्थित किया जा सकेगा और प्रदेश का सबसे बड़ा गंगा घाट हरिद्वार को मिलेगा। उम्मीद जताई जा रही है हरकी पैड़ी की तर्ज पर ही इस घाट पर भी गंगा आरती भी होगी। यहां गंगा में स्नान कर श्रद्धालु सिद्धपीठ दक्षिण काली मंदिर और मां चंडी देवी, गौरी शंकर और नीलेश्वर महादेव के दर्शन कर सकेंगे।


वही ख़बर है कि सरकार ने हरिद्वार के कनखल स्थित नक्षत्र वाटिका में देवी के 52 शक्तिपीठ थीम पार्क बनाने की योजना बनाई है। पर्यटन विभाग ने 6.30 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय भेज दिया है। जबकि नक्षत्र वाटिका की भूमि की एनओसी वन विभाग से लेने की कवायद जारी है। यदि सभी की योजना के मुताबिक चला तो इसी वर्ष हरिद्वार में 52 शक्तिपीठ बनाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। जिला पर्यटन अधिकारी सीमा नौटियाल की मानें तो 52 शक्तिपीठ बनाने को लेकर विभाग काफी गंभीर है। मुख्यालय स्तर पर योजना का जल्द पूरा करने की कवायद जारी है। इस योजना को सिरे में उतारने की दिशा मे जिला पर्यटन अधिकारी सीमा नौटियाल ने जूना अखाड़े के संत शिवम पुरी त्रिकालदर्शी के साथ भी बैठक की थी। त्रिकालदर्शी ने सबसे पहले मुख्यमंत्री के सामने 52 शक्तिपीठ बनाने की योजना रखी थी। त्रिकालदर्शी ने बताया कि जो ले आउट शक्तिपीठ के लिए तैयार किया है वह काफी प्रभावपूर्ण है। 52 शक्तिपीठों का मंदिर काफी भव्य बनेगा।


मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत ने जहा पूरे राज्य मे जीरो टालरेश की नीति से काम किया है वही राज्य के हर जिले में विकास का खाका खींच था ।तभी तो राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत कहते है कि जो विकास के बीज उन्होंने साल 2018 में बोये थे अब उनके फल की चिंता साल2019 मे उनको लगी रहेगी क्योंकि ये साल अब विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण साल होने जा रहा है तो वही आगमी दिनों में होने वाले लोकसभा चुनाव पर भी पूरे देश की नज़र रहेगी कि क्या भाजपा की फिर से केन्द्र में सरकार बनेगी मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत तो एलान जार चुके है कि फिर से अगले 5 साल के लिए मोदी जी पीएम बनेंगे ओर देवभूमि की पाँचो सीट पर फिर से कमल खिलने जा रहा है।

बहराल बोलता उत्तराखंड के पूरे परिवार की तरफ से आप सबको नववर्ष की बहुत बहुत सुभकामनाये। बाबा केदारनाथ जी की आशीष आप सब पर बना रहे।



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