पहाड़ मै अनियंत्रित होकर बस खाई में गिरी, यात्रियों में मची चीखपुकार, फिर हुवा चमत्कार , बच गई सबकी जान ,धन्यवाद भगवान , सिर्फ दर्जन भर यात्री घायल,

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पहाड़ मै अनियंत्रित होकर बस खाई में गिरी, यात्रियों में मची चीखपुकार, फिर हुवा चमत्कार , सिर्फ दर्जन भर यात्री घायल,

आपको बता दें कि उत्तराखंड के अल्मोड़ा में सराईखेत-रामनगर-डोटियाल मोटर मार्ग पर मंगलवार को लगभग ढाई बजे कटपतिया के पास नगचूलाखाल से रामनगर की तरफ जा रही कुमाऊं आदर्श की बस सड़क से लगभग 30 मीटर नीचे गिरकर पेड़ों पर अटक गई। ओर बस के गिरते ही यात्रियों में चीखपुकार मच गई। दुर्घटना में चालक समेत 13 लोग घायल हो गए। बस अगर पेड़ों पर नहीं अटकती तो जानमाल को काफी नुकसान होता। घायलों को निजी वाहनों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवायल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को रामनगर के लिए रेफर कर दिया गया था
ख़बर विस्तार से आपको बता दे कि कुमाऊं आदर्श बस संख्या यूके 04-पीए-0074 मंगलवार को नगचूलाखाल से रामनगर की तरफ हिबजा रही थी। कि सराईखेत-रामनगर-डोटियाल मार्ग में कटपतिया के पास अचानक चालक संतुलन खो बैठा और बस खाई में जा गिरी। इस दुर्घटना में चालक नंदन सिंह मेहरा पुत्र हीरा सिंह निवासी सासखोली क्वैरला के अलावा सुंदर सिंह मेहरा पुत्र उदय सिंह मेहरा निवासी जमाड़ चौखुटिया, सुरेश राम पुत्र झोली राम कल्याणपुर स्याल्दे, रजनी देवी पत्नी श्यामसुंदर निवासी पटवाल जसपुर सल्ट, हरीश राम पुत्र गुसाई राम धनेटा स्याल्दे, आनंद सिंह पुत्र जसोद सिंह चचरोटी स्याल्दे, नीमा देवी पत्नी आनंद सिंह चचरोटी स्याल्दे, देव सिंह पुत्र दौलत सिंह, रोहित सिंह पुत्र देव सिंह दोनों निवासी ओखला थैलीसैण पौड़ी गढ़वाल, श्याम सुंदर पुत्र मोहन राम, प्रियांशी पुत्री श्याम सुंदर दोनों निवासी पटवाल जसपुर सल्ट, अतर सिंह भागीरथ सिंह खड़कपुर देवीपुरा काशीपुर, कविता देवी पत्नी हीरा सिंह निवासी डनासारी पटोडी सल्ट घायल हो गए।
वही सूचना मिलने पर स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। उन्होंने घायलों को खाई से निकाला और निजी वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवायल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को रामनगर के लिए रेफर कर दिया है।
यही हुवा चमत्कार बस के पेड़ों में अटकने से बच गईं जानें नही तो जा सकती थी कही ज़िन्दगी !
आपको बता दे जिस स्थान पर दुर्घटना हुई उसके ठीक नीचे गहरी खाई है। बस सड़क से नीचे गिरने पर पेड़ों के बीच अटक गई। यदि पेड़ नहीं होते तो बस ओर नीचे गहरी खाई में जा गिरती, जिसमें जन हानि हो सकती थी। संयोग से बस पेड़ों के बीच में अटक गई। इस कारण बस में सवार यात्रियों की जान बाल-बाल बच गई।
ख़बर है कि स्थानीय लोगों ने दुर्घटना होने पर तुरंत 108 को फोन किया। स्थानीय लोगों ने बताया कि बार-बार फोन करने के बावजूद 108 कर्मचारी फोन को काट दे रहे थे। घटना के कई घंटे बाद भी 108 एंबुलेंस दुर्घटना स्थल पर नहीं पहुंची। बाद में अस्पताल ने घायलों को रेफर कर दिया, लेकिन घायलों को ले जाने के लिए वाहन की व्यवस्था नहीं हुई। इससे घायलों के परिजन भड़क गए।

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