जाने निर्मला के बजट से उत्तराखंड को क्या क्या मिली बड़ी सौगात, ओर क्यो कहा मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने
वाईब्रेंट भारत का वाईब्रेंट बजट ।
जाने पूरी रिपोर्ट

जी हा मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारण ने किसानों को बड़ी सौगात दी है। बजट में किसानों के लिए ‘किसान रेल योजना’ शुरू करने का प्रावधान किया गया है। इससे किसान जल्दी खराब होने वाली चीजों को सही समय पर मार्केट तक पहुंचा सकेंगे बधाई
वही नागर विमानन मंत्रालय अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय मार्गों पर कृषि उड़ान की शुरुआत करेगा। साल 2020 तक किसानों की आय दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे उत्तराखंड के भी लगभग दस लाख किसानों को फायदा होगा।
मीडिया से फोन पर बातचीत के दौरान कृषि मत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि केंद्र सरकार का बजट उत्तराखंड के किसानों के लिए फायदेमंद होगा।
इस बजट में खेती-किसानी पर खास फोकस किया गया है। इससे किसानों की आमदनी में भी इजाफा होगा।
जान ले ये भी की क्या ओर हुए महत्वपूर्ण फैसले

15 लाख किसानों को ग्रिड कनेक्टेड पंपसेट से जोड़ा जाएगा।
अगर बंजर जमीन है तो सोलर पावर जेनरेशन यूनिट लगा सकते हैं, उसे ग्रिड को बेच भी सकते हैं।
11 करोड़ किसानों के लिए फसल बीमा योजना की शुरूआत होगी।
पीएम कुसुम योजना के तहत 20 लाख किसानों को सोलर पंप दिए जाएंगे।
खेती, मछली पालन पर जोर, कृषि को प्रतिस्पर्धात्मक बनाया जाएगा उनके लिए उन्नति लाई जाएगी।
पानी की कमी से संबंधित कमी देश भर में गंभीर विषय 100 जिले इससे प्रभावित। इनके लिए जरूरी उपाय किए जाएंगे।
महिलाओं के लिए धन लक्ष्मी योजना शुरू की जाएगी।
जल्दी खराब होने वाली वस्तुएं जैसे कि दूध मांस मछली के लिए रेल चलाई जाएगी।
कृषि विमान सेवा नागर विमानन मंत्रालय राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रूटों पर शुरू करेगा।
इंटिग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम,  संचयित इलाकों में नैचुरल फार्मिंग,  जैविक खेती के लिए पोर्टल सुविधा मिलेगी।
वही केंद्र सरकार की ओर से पेश किए गए बजट में इनकम टैक्स स्लैब में भी बड़ा बदलाव किया गया है। इससे उत्तराखंड के भी लगभग आठ लाख कर दाताओं को राहत मिली है। जिससे
मिडिल क्लास को बड़ा फायदा होगा।
क्योंकि अब पांच लाख रुपये की आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा।
जानकारी अनुसार
उत्तराखंड सरकार को हर साल 1,3400 करोड़ आयकर मिलता है।
साल दर साल यह आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में प्रदेशभर से 10,840 करोड़ रुपये टैक्स जमा हुआ था।

इसके बाद वित्तीय वर्ष 2018-19 में 13,400 करोड़ रुपये का आयकर संग्रह किया गया। में स्थापित उद्योगों का सारा टैक्स फायदा केंद्र व उपभोक्ता राज्यों को मिल रहा है।

ये भी जाने ये है नया टैक्स स्लैब

5 लाख तक की आय वालों को कोई टैक्स नहीं देना है।
5 लाख से 7.5 लाख तक की आय पर 10 फीसदी टैक्स देना होगा। पहले यह 20 फीसदी था।
7.5 लाख से 10 लाख तक की आय पर 15 प्रतिशत इनकम टैक्स।
10 लाख से 12.5 लाख की आय पर 20 फीसदी टैक्स लगेगा। यह पहले 30 प्रतिशत था।
12.5 लाख से 15 लाख की आय  पर 25 % टैक्स लगेगा।
15 लाख से ऊपर आय वालों को पहले की तरह 30% टैक्स लगेगा

वाईब्रेंट भारत का वाईब्रेंट बजट मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र

गांवों, किसानों, युवाओं, महिलाओं और गरीबों को समर्पित जन आकांक्षाओं का बजट।

आयकर दरों में की से निम्न मध्यम वर्ग को मिली बड़ी राहत।

शिक्षा, स्वास्थ्य, जलसंरक्षण, पर्यावरण और तकनीक को दिया गया महत्व।

कारपोरेट, लघु व मध्यम उद्योग, स्टार्ट अप, व्यापार, इन्फ्रास्ट्रक्चर और बैंकिंग क्षेत्र में सुधार से अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इस दशक के पहले बजट के लिए केंद्रीय वित मंत्री को बधाई दी।

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने केंद्रीय बजट को वाईब्रेंट भारत का वाईब्रेंट बजट बताते हुए इस दशक का पहला बजट प्रस्तुत करने के लिए केंद्रीय वित्तमंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ को साकार करने वाला बजट है। जन आकांक्षाओं को समर्पित गांवों, किसानों, युवाओं, महिलाओं और गरीबों की परवाह करने वाला बजट है। आयकर की दरों में कमी लाकर निम्न मध्यम वर्ग और मध्यम वर्ग को बड़ी राहत दी गई है। अर्थव्यवस्था में तेजी के लिए कारपोरेट, लघु एवं मध्यम उद्योगों, बैंकिंग क्षेत्र, व्यापारियों और स्टाअर् अप के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट में तीन बिंदुओं पर फोकस किया गया है- आकांक्षाओं का भारत, आर्थिक विकास और केयरिंग समाज। वित्तमंत्री श्रीमती सीतारमण ने बहुत सही कहा है कि ‘‘भारत डल झील में खिलता कमल है’’।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र के लिए उल्लेखित 16 सूत्री एक्शन से साल 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा। खेतों में सोलर पावर को बढ़ावा देने से अन्नदाता, ऊर्जादाता भी बन सकेंगे। कृषि वेयर हाउसिंग और कोल्ड स्टोरेज के निर्माण के लिए केंद्र सरकार द्वारा वायबिलिटी गैप फिंडग की जाएगी। विलेज स्टोरेज स्कीम, महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित की जाएंगी। इन समूहों से जुड़ी महिलाएं धान्य लक्ष्मी की भूमिका निभाएंगी। किसान रेल और कृषि उड़ान योजना से किसानों के उत्पाद को मार्केट तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। हॉर्टीकल्चर के लिए 1 प्रोडक्ट 1 डिस्ट्रिक्ट की बात कही गई है। जैविक खेती के लिए ऑनलाईन मार्केट उपलब्ध करवाया जाएगा। दूध के प्रोडक्शन को दोगुना करने के लिए सरकार की ओर से योजना चलाई जाएगी। मनरेगा के अंदर चारागार को जोड़ा जाएगा। ब्लू इकॉनोमी के जरिए मछली पालन को बढ़ावा दिया जाएगा. फिश प्रोसेसिंग को बढ़ावा दिया जाएगा।
कृषि और हॉर्टीकल्चर में लिए गए इन निर्णयों से उत्तराखण्ड के किसानों को भी बहुत फायदा होगा। इससे पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन को रोकने में मदद मिलेगी।
शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र पर भी फोकस किया गया है। फिट इंडिया को मूवमेंट को बढ़ावा दिया जा रहा है। आयुष्मान भारत योजना में अस्पतालों की संख्या को बढ़ाया जाएगा। इंद्रधनुष मिशन का विस्तार किया जाएगा। टीबी के खिलाफ देश में अभियान ‘टीबी हारेगा, देश जीतेगा’ द्वारा देश को 2025 तक टीबी मुक्त किया जाएगा।  प्रधानमंत्री जन औषधि योजना के तहत हर जिले में केंद्र स्थापित किए जाएंगे। जिला अस्पतालों में मेडिकल कालेज का निर्णय भी बहुत महत्वपूर्ण है।
शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट के लिए 1 लाख करोड़ से अधिक के बजट का प्रावधान किया गया है। नए इंजीनियरों के लिए स्थानीय शहरी निकायों में इन्टर्नशिप के अवसर दिए जाएंगे। हर जिले में एक्सपोर्ट हब स्थापित किया जाएगा। नया भारत नई तकनीक का उपयोग करने वाला भारत है। डाटा सेंटर पार्क की स्थापना, 1 लाख ग्राम पंचायतों को आप्टिकल फाईबर से गांवों तक डिजीटल कनेक्टीवीटी होगी। केयरिंग सोसायटी की अवधारणा के तहत समाज कल्याण, महिला सशक्तिकरण और बाल विकास के लिए भी प्रावधान किए गए हैं।


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