देवभूमि उत्तराखंड मैं पिछले 10 सालों से शराब माफिया का शोर खूब सुनाई दिया, अब कोंन शराब माफिया है ओर कोंन इन्हें प्रोत्साहित करता है यह तो भगवान ही जाने या वही जो कहते कुछ और है और करते कुछ और हैं , या फिर कह लो पर्दे के पीछे की सियासत कुछ और है। उत्तराखंड ने शराब माफिया का शोर भी खुद उत्तराखंड के नेताओ कि जुबानी सुना जब हरीश रावत की सरकार थी और सबसे अधिक चर्चा डेनिस नाम की शराब की खुले आम होती थी कि हरीश रावत की सरकार मैं लोग जहर पी रहे है। ब्रांड गायब है। उस समय विपक्ष मैं बैठी भाजपा ने मीडिया मैं मानो हरीश रावत को नोंचने के लिए बस हर जगह यही कहा कि हरीश रावत डेनिस के नाम शराब नही ज़हर पिला रहे है।


ओर उन नेताओं ने भी खूब कहा जो उस दौरान कांग्रेस मैं थे।
आज भले ही भाजपा मे है। खेर ये पुरानी बात आज इसलिए फिर याद आ गई कि आजकल तेज़ी से सोशल मीडिया मैं किसी हिलटॉप का जिक्र खूब हो रहा है।
अब क्या है ये हिलटॉप ये तो सोशल मीडिया , फेसबुक पर साफ तौर पर देखा जा सकता है।
पर ख़बर ये है कि इस हिलटॉप का शोर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को भी सुनाई दिया तभी तो
हर दा से रहा ना गया, इस हिलटॉप नाम से, इस ख़ास जानकारी से,ख़ास बात से ओर फिर तबाक से
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने फेसबुक पेज़ पर लिख डाला कि

एक उत्तराखंड के गृहस्थ बाबा हैं डबल मंत्री! मुझसे कहते थे कि यदि NCC Academy नहीं तो सरकार नहीं और यदि फ्रूटी बनाने का कारखाना लगा देवप्रयाग क्षेत्र में तो सरकार नहीं। अब भाई जी NCC Academy कख नैघो और हिलटॉप मिल ग्यो! तो हिलटॉप मुबारक। मैं #उत्तराखंड से भी जानना चाहता हूं कि मैंने उत्तराखण्डी फलों, सब्जियों आदि की खपत को बढ़ाने के लिये जब आबकारी नीति में परिवर्तन किया तो लोगों ने एक शराब जिसका नाम मैं भूल रहा हूं उसका नाम लेकर के आसमान सर पर उठा दिया कि उसमें 10% फलों का रस ब्लेंड होता था, स्वाद उसका कुछ बदला-बदला सा था। फिर मैंने दो वाइनरी प्लांट लगाने के लिये एक गढ़वाल में एक कुमाऊँ, भीमताल के पास में लाइसेंस दिये, लोग सड़कों में उतर आये मगर ऊंचे लोगों के ऊंचे ख्याल होते हैं। मैं कहाँ फलों, साग-सब्जियों की एल्कोहल युक्त फ्रूटी बनाने की बात कर रहा था, लोग तो विस्की का इंतजार कर रहे थे।


हिलटॉप मुबारक हो।

बहराल बोलता उत्तराखंड ने भी जनता पर छोड़ दिया है कि जो बोलेगा उत्तराखंड हिलटॉप को लेकर वो लिखेगा बोलता उत्तराखंड ।
जो कहेगा विपक्ष ओर जो कहेगी सरकार वो भी लिखेगा बोलता उत्तराखंड ।
फिलहाल ख़बर लिखे जाने तक देवप्रयाग के विधायक विनोद कंडारी जी का बयान था कि उनको जो जानकारी गाँव वालों से मिली है उसके अनुसार ये सब काम  साल  2016 मै  हरीश सरकार के दौरान हो चुका था।
बहराल सच जो भी होगा जल्द सबके सामने होगा।आरोप प्रत्यारोप तो लगते रहते है ।हम सच आपके सामने लायेंगे।

भाई बहनों  अब आप ही तय करो कि देवप्रयाग मैं दारू की फैक्ट्री कितनी सही कितनी गलत। जो आप कहेंगे वो भी लिखूंगा।



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