उत्तराखण्ड : ख़बर अभी अभी

 

अभी दो दिन पहले ही

हेलीकॉप्टर क्रैश के बाद आज फिर करानी पड़ी हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग  सभी सुरक्षित।

आपको बता दे कि उत्तरकाशी के आराकोट बंगाण क्षेत्र में आपदा राहत कार्य के दौरान दो दिन पहले हेरीटेज एविएशन कंपनी का हेलीकॉप्टर क्रैश होने के बाद से यहां हेलीकॉप्टर के माध्यम से राहत एवं बचाव कार्य बंद कर दिए गए थे। लेकिन आज एक बार फिर हेलीकॉप्टर के माध्यम से राहत सामग्री प्रभावित गांव तक पहुंचाने का काम शुरू किया गया। ओर इसके लिए आर्यन एविएशन कंपनी के हेलीकॉप्टर को काम पर लगाया गया।  बता दे कि हेलीकॉप्टर आराकोट से चिवां गांव के लिए राहत सामग्री ले जा रहा था।


ओर दो राउंड में सफलतापूर्वक राहत सामग्री पहुंचाने के बाद दोपहर लगभग 2:15 बजे जब यह हेलीकॉप्टर तीसरे राउंड में राहत सामग्री लेकर उड़ा तब  ही
नगवाड़ा टिकोची के पास ट्रॉली के तार सामने आने पर पायलट ने हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग करा दी। बता दे कि इस हादसे में  पायलट सुशांत जीना निवासी जबलपुर और इंजीनियर अजित सिंह निवासी हरियाणा  जान  बच गई है

तो एक को हल्की चोट आई है  वही

हेलीकॉप्टर के जरिए इन्हें देहरादून  लाया जा रहा है

इमरजेंसी लैंडिंग के तत्काल बाद रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंच गई थी


वही इससे पहले आपदा प्रभावित आराकोट क्षेत्र के गांवों में राहत सामग्री पहुंचा रहा एक हेलीकॉप्टर 21 अगस्त को मोल्डी गांव के पास तार से टकराकर क्रैश हो गया था । इस हादसे में हेलीकॉप्टर के परखच्चे उड़ गए थे और इसमें सवार पायलट एवं इंजीनियर के साथ ही एक स्थानीय युवक की मौत हो गई थी।

आपको बता दे कि उत्तराखंड में साल 2010 से लेकर अब तक दुःखद  नौ हेलीकॉप्टर क्रैश की घटनाएं हो चुकी है। जिसमें अब तक पायलेट सहित 27 लोगो की दर्दनाक मौत हो चुकी है दुःखद है बहुत आपको बता दे के इसमें एमआई-17 समेत सात हेलीकॉप्टर तो केदार घाटी में ही दुर्घटनाग्रस्त हो रखे है तो मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार
एक हेलीकॉप्टर बदरीनाथ और बुधवार को एक हेलीकॉप्टर उत्तरकाशी में कल क्रैश हुआ है जिसमे तीन लोगों की मौत हो गई दुःखद है।
बता दे कि
साल 2013 महीना जून का कब केदारनाथ आपदा के प्रलय ला दी थी तब बहुत बड़ी सख्या पर चलाए गए खोज-बचाव एवं राहत कार्य के दौरान सेना का एमआई-17 समेत तीन हेलीकॉप्टर क्रैश हो गए थे। ओर इस हादसों में सेना के 20 अधिकारी/जवानों समेत 23 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी।
ख़बर जो कह रही है कि पिछले आठ सालो में केदारनाथ और आसपास के क्षेत्र में सात हेलीकॉप्टर क्रैश हो चुके हैं,
जिससे सेना व निजी कंपनियों को लगभग 500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।
हम सभी जानते है कि समुद्रतल से लगभग 11 हजार 750 फीट से अधिक ऊंचाई वाले केदारनाथ क्षेत्र में हेलीकॉप्टर को एक बहुत ही संकरी घाटी से होकर गुजरना होता है। ओर यहां हवा का दबाव अधिक होने के कारण मौसम कब खराब हो जाये भगवान ही मालिक है ऐसे में हल्की सी चूक भी हेलीकॉप्टर दुर्घटना ग्रस्त का बड़ा कारण बन सकती है।


ओर बनी भी होगी! साल जून 2013 की आपदा के बाद तो केदारनाथ में चलाए गए खोज-बचाव व राहत अभियान के दौरान 21 जून को जंगलचट्टी में ही निजी कंपनी का हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया था।
ओर फिर इसके बाद इसके बाद 25 जून को सेना का एमआई-17 हेलीकॉप्टर केदारनाथ से लौटते समय अचानक खराब मौसम और घने कोहरे के चलते जंगलचट्टी की पहाड़ी से टकराकर क्रैश हो गया था। इस हादसे में सेना के 20 अधिकारी/जवान शहीद हो गए थे। मृतकों के शव कई दिनों की खोज के बाद बरामद किए गए थे। इसके बाद 24 जुलाई को केदारनाथ से गुप्तकाशी लौट रहा निजी कंपनी का हेलीकॉप्टर गरुड़चट्टी में क्रैश हो गया था, जिसमें पायलट व इंजीनियर की मौत हो गई थी। दुःखद है हम सबके लिए वो घटना।
वही साल 2010 में केदारनाथ में निजी कंपनी हेलीकॉप्टर के टेकऑफ करते समय पंखे से कटकर एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई थी तो साल 2016 में केदारनाथ में ही टेकऑफ के दौरान निजी कंपनी के हेलीकॉप्टर का दरवाजा खुल गया था, जिसमें छह यात्री बाल-बाल बच गए थे। तब इसके बाद इन यात्रियों को अन्य हेलीकॉप्टर से भेजा गया था,फिर 18 मई 2017 को केदारनाथ में टेकऑफ करते समय निजी कंपनी के हेलीकॉप्टर के टायर रपट गए थे,ओर सुनो निर्माण सामग्री ला रहा सेना का एमआई-17 हेलीकॉप्टर केदारनाथ में वीआईपी हेलीपैड से पहले ही बिजली के तारों में उलझकर क्रैश हो गया था। भगवान केदारनाथ की किर्पा से इस हादसे में पायलट व अन्य दोनों सुरक्षित निकल आये थे
तो वही
महीना जून साल 2017 में भी बदरीनाथ से हरिद्वार के लिए तीर्थयात्रियों को लेकर जा रहा एक हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था ओर इस हादसे में चीफ इंजीनियर की मौत हो गई थी दुःखद और दो पायलट घायल हुए थे। इंजीनियर की मौत इतनी दर्दनाक थी कि हेलकॉप्टर के पंखे में लगे ब्लेड से कटकर उनके शरीर के पांच टुकड़े हो गए थे उफ वो दर्दनाक मंज़र सुनकर आज भी आंखों मैं आंसू आ जाते है।ओर अब कल ही बुधवार को उत्तरकाशी के आपदा प्रभावित आराकोट क्षेत्र के गांवों में राहत सामग्री पहुंचा रहा एक हेलीकॉप्टर मोल्डी गांव के पास तार से टकराकर क्रैश हो गया। इस भयानक हादसे में हेलीकॉप्टर के परखच्चे उड़ गए और इसमें सवार पायलट एवं इंजीनियर के साथ ही एक स्थानीय युवक की मौत हो गई।



LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here