“कहणि सुहेली रहणि दुहेली, कहणि रहणि बिन थोथी।”

कोरा उपदेश देना या ज्ञान की बात करना सरल है, पर उसके अनुरूप आचरण करना या उस ज्ञान को जीवन में उतारना कठिन है, दुर्लभ है।
– (गोरखबानी)

पूर्वाश्रम के जन्मदाता, कैलाशवासी, पूज्य पिताश्री की स्मृति को कोटिशः नमन!

 

कल उत्तराखंड की राज्यपाल महामहिम बेबीरानी मौर्य
यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र के पंचूर गांव स्थित उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी
के पूर्वाश्रमके जन्मदाता स्वर्गीय आनंद बिष्ट जी के घर पहुंची।


यहां उन्होंने स्व. आनंद सिंह बिष्ट के निधन पर परीवारजनों को सांत्वना दी। राज्यपाल बेबीरानी मौर्य कल सुबह दस बजकर 45 मिनट पर हेलीकॉप्टर से पंचूर गांव पहुंची। वह यहां वह लगभग तीस मिनट तक रुकी। उनके साथ पौड़ी के जिलाधिकारी और एसएसपी भी मौजूद रहे।


हम सभी जानते है कि
सीएम योगी के पूर्वाश्रम के जन्मदाता उनके पिता आनंद सिंह बिष्ट जी (89) ने सोमवार की सुबह 10:44 बजे दिल्ली एम्स में अंतिम सांस ली।
उनके निधन की खबर लगते ही यमकेश्वर क्षेत्र में शोक की लहर है । वन विभाग में रेंज अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त आनंद सिंह बिष्ट परिवार के साथ पैतृक गांव यमकेश्वर ब्लाक के पंचूर गांव में रह रहे थे। वह लगभग 2 माह से बीमार चल रहे थे।
21 अप्रैल को
स्व. आनंद सिंह बिष्ट के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार ऋषिकेश के लक्ष्मणझूला के पास फूलचट्टी में गंगा तट पर किया गया।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र हर पल रहे परिवार के साथ ,एक बेटे का निभाया फ़र्ज़

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने पितृधर्म के स्थान पर राष्ट्रधर्म को चुना। ये कहा योग गुरु राम देव ने ओर उन्होंने स्वयं वैदिक विधि से संस्कार करवा कर स्वर्गीय श्री आनंदसिंह बिष्ट जी, के मोक्ष प्राप्ति के लिए प्रार्थना की। इस समय योगी आदित्यनाथ जी मौजूद नहीं रहे। बड़े बेटे मानवेंद्र सिंह बिष्ट ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी।

आप इस दौरान    राष्ट्र धर्म  निभा रहे थे

इससे पहले 20 अप्रैल को
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने

पत्र मा के नाम   लिखा था कि

पूज्य पिताजी के कैलाशवासी होने पर मुझे भारी दुःख एवं शोक है।

वह मेरे पूर्वाश्रम के जन्मदाता हैं।

जीवन में ईमानदारी, कठोर परिश्रम एवं नि:स्वार्थ भाव से लोक मंगल के लिए समर्पित भाव के साथ कार्य करने का संस्कार बचपन में उन्होंने मुझे दिया।

अंतिम क्षणों में पिताजी के दर्शन की हार्दिक इच्छा थी, परंतु वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के खिलाफ देश की लड़ाई को उत्तर प्रदेश की 23 करोड़ जनता के हित में आगे बढ़ाने के कर्तव्यबोध के कारण मैं दर्शन न कर सका।

कल 21अप्रैल को अंतिम संस्कार के कार्यक्रम में लॉक डाउन की सफलता तथा महामारी कोरोना को परास्त करने की रणनीति के कारण भाग नहीं ले पा रहा हूं।
पूजनीया मां, पूर्वाश्रम से जुड़े सभी सदस्यों से भी अपील है कि लॉकडाउन का पालन करते हुए कम से कम लोग अंतिम संस्कार के कार्यक्रम में रहें।

पूज्य पिताजी की स्मृतियों को कोटि-कोटि नमन करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा हूं।

लॉकडाउन के बाद दर्शनार्थ जाऊंगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने
योगी आदित्यनाथ जी को भेजे शोक पत्र मै लिखा था कि
आप जैसे यशस्वी ओर कर्मठ पुत्र के पिता के रूप मै वे एक गौरव पुरूष थे।

बोलता उत्तराखंड स्वर्गीय आनंद सिंह जी को नमन करता है , उन्हें श्रदांजलि देता है

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