उत्तराखंड: बोला पहाड़ हम गर्मी मे ही ठीक है भगवान नही चाहिये मौत की बारिश , उफान पर रामगंगा, चमोली में बादल फटा , एक की मौत दुःखद। माल का नुकसान पर नुकसान ।

 

बोलता उत्तराखंड के लिये थराली से विनोद की रिपोर्ट।

बता दे कि भीषण गर्मी के बीच  रविवार शाम को उत्तराखंड में मौसम ने करवट बदली। मौसम विभाग इसकी जानकारी पहले ही दे चुका था और फिर पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश से मौसम जहां सुहावना हो गया है तो वहीं कुमाऊं में रामगंगा उफान पर आ गई ओर उत्तराखंड के चमोली जिले में बादल फटने से लामबगड़ मतलब (गैरसैंण) में भारी नुकसान हुआ है। वहीं एक व्यक्ति की मौत भी हो जाने की जानकारी है दुःखद ख़बर है कि अल्मोड़ा के चौखुटिया क्षेत्र के खीड़ा में भी बादल फटने से कई घर बह गए हैं ओर जान माल का नुकसान हो गया है वहीं रामगंगा के उफान पर होने से पुलिस प्रशासन ने लोगों को गंगा किनारे न जाने का अलर्ट भी जारी किया है।  बता दे कि गढ़वाल क्षेत्र में कई जगह ओलावृष्टि भी रविवार को हुई। तो , मैदानी इलाकों में धूल भरी आंधी और तेज हवाओं ने लोगों के लिए परेशानी भी खड़ी कर दी। ओर पहाड़ में बारिश से मैदानी क्षेत्रों में भी थोड़ी ठंडक महसूस हुई है। कर्णप्रयाग, गैरसैण, आदिबदरी सहित उसके आसपास के क्षेत्रों में बारिश आने से मौसम सुहावना हो गया है। बारिश से कुछ जंगलों की आग बुझ गई और लोगों को धुआं छंटने से काफी राहत मिली। गांवों में बारिश के लिए इंद्रदेव को मनाने में जुटे किसानों ने भी खूब खुशी जताई है।


पिछले एक सप्ताह से कर्णप्रयाग में जंगलों की आग से फैले धुएं तेज बारिश आने के बाद धुंध पूरी तरह से छंट गई है
बहराल भगवान इंद्र देव के आशीष से बारिश के कारण तापमान में आई गिरावट से जंगलों की आग भी काफी हद तक नियंत्रण में आ गई है जिससे वन और अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों को कुछ राहत मिली है।
पर इस सबके बीच दुःखद ये रहा कि मेहलचौरी —-विकासखंड गैरसैंण के अन्तर्गत लामबगड गांव में बादल फटने से आये भारी मलबे की चपेट में आने से एक 85 वर्षीय वृद्ध बादर सिंह पुत्र मदन सिंह निवासी रामगधेरी तोक की मौत हो गई है। सांयकाल पौनै पांच बजे की घटना की जानकारी ग्रामीणों द्वारा स्थानीय प्रशासन के साथ ही जिलाधिकारी चमोली को भी दी गयी जिसके बाद मौके पर पहुंची राजस्व पुलिस के साथ ही ग्रामीणों की खोजबीन के बाद वृद्ध का शव गधेरे 300 मीटर दूर रामगंगा नदी के किनारे बरामद किया गया ।शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय चमोली ले जाया जाएगा।घटना की जानकारी के अनुसार 4 बजे शुरू हुई मूसलाधार बारिश के बीच लामबगड गांव के रामगधेरी तोक के बीचोंबीच बहने वाले गधेरे के ठीक ऊपर के जंगल में बादल फटने से गधेरे में भारी मात्रा में मलवा- पत्थर ओर छोटे- छोटे पेड़ भी उखड़ कर आ गये ठीक इसी दौरान लगभग पौने पांच बजे बैलों को चुगाकर घर की तरफ आ रहे 85 वर्षीय बुजुर्ग बादर सिंह के बैल तो घर पहुंच गये लेकिन उनके घर न पहुंचने पर अनहोनी की आशंका के चलते ढुंढ खोज शुरू की लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पाया जिसके बाद राजस्व विभाग की टीम के मौके पर पहुंचने के बाद पुनः ढुंढ खोज शुरू की गयी तो बुजुर्ग का शव घटनास्थल से 300 मीटर दूर रामगंगा नदी के किनारे बरामद किया गया ।भारी मात्रा में आये मलबे से माईथान – चौखुटिया की सड़क लगभग 100 मीटर हिस्सा बह गया है साथ ही एक मोटर पुलिया ओर पैदल पुलिया भी मलवे की चपेट में आने से बह गयी है।वहीं गांव की लगभग 10 हेक्टेयर खेती भी मलवे की चपेट में आने से धान की फसल के लिए तैयार पौध भी बर्बाद हो गयी है । ओर फिर ये पहाड़ के लोग दर्द मै कहते है कि हम गर्मी मै ही ठीक हैं इस बरसात ओर बादल फटने से तो हमारी या हमारे अपनो की जान चली जाती है। और हमारे पालतू जानवर की भी बड़ा दर्द होता है साहब ।



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