बजरंग दल के नाम से कुछ असामाजिक तत्व की दूंन मै गुडागर्दी जारी है, मीडिया से बात कर जताया गया विरोध पुलिस करे उचित कार्यवाही

उत्तराखंड राज्य की अस्थायी राजधानी देहरादून जो कभी शांत वादियों के नाम से जानी जाती थी पर आज दूंन के हालत किसी से छुपे नही है आपस मैं हर समाज के लोगो के साथ यहा सब प्यार मोहबत से रहते थे और आज भी रह रहे है लेकिन आज
देहरादून शहर जो की हमेशा से ही हिन्दु-मुस्लिम भाई चारे की मिशाल रहा है यहाँ चिन्ता का विषय यह है की देहरादून के माहौल को कुछ असमाजिक तत्व बजरंग दल के नाम से गुण्डागर्दी कर माहौल खराब करने में लगे हैं।       जिसको लेकर मुस्लिम सेवा सगठन समिति के संरक्षक ओर काग्रेस के नेता आजाद अली ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि
29 मई .2018 को सांय लगभग 7 से 7.30 बजे के बीच मैनुदीन भाई के घर के पास ही मैनुदीन भाई की टीवी, मोबाईल की दुकान है, मैनुदीन भाई अपनी दुकान पर रोज कि तरह काम पर था। तभी वहां 30-40 लोग आ पहुचे जिनमें से मेनुदींन भाई ने चार लोगों को ही पहचानता हुं की बात कही जिनके नाम सोनू मुछ, हिमांषु नेगी, मोहित व खेमु को मैनुदीन पहचानता है आरोप लगया गया है कि आते ही उन लोगों ने मैनुदीन की दुकान पें तोड़फोड़ कर मार पिटाई शुरु कर दी व जबरदस्ती मैनुदीन को उठाकर फुवारा चोक नेहरु कालोनी में एक मन्दिर में ले जाते हैं, लाठी-डण्डे, रौड से मारते-पीटते हैं उन्हीं में से कुछ साथी पैट्रोल डालकर जिन्दा जलाने की बात करते हैं व उन्हीं में से कुछ उनके साथी मारते-पीटते हुए फुवारा चैक के पास नेहरु कालोनी चौकी में ले जाते हैं जहां पर वो लोग पुलिस वालों की मौजुदगी में भी मारते हैं।।
मैनुदीन द्वारा पुलिस से कहा जाता है कि मुझे इनसे बचाओ परन्तुु वहां पर मौजुद पुलिस वाले बचाने के बजाय मैनुदीन डाट फटकार कर भगा देते है
मुस्लिम सेवा सगठन के सरक्षक ओर काग्रेस नेता आजद अली ने कहा कि चिन्ता का विषय ये है कि देहरादून का पुलिस प्रशासन देहरादून मे आये दिन बड़ी बड़ी घटना हो जाने के बाद भी अपराधीयों को महज छोटी- छोटी धारायें लगाकर या तो अपना पल्ला झाड़ लेता है या अपराध करने वालो को थोड़ा डाट कर भगा देते है जिससे उनका हौसला ओर बढ़ जाता है जो देहरादून में सीधे-सीधे इन गुण्डों की मदद करना है, आजद अली ने कहा कि पुरे देहरादून में लगभग 50 लोग ऐसे असमाजिक तत्व हैं जो बजरंग दल के नाम पर देहरादून में दंगा-फसाद, मार-पिटाई दबे कुचले गरीब अकेले लोगों को पकड़कर मारते पिटते रहते हैं यदि समय रहते देहरादून प्रशासन इन पर जल्द से जल्द सक्त कार्यवाही नहीं करता तो आने वाले समय में यह समाज के लिए एक बड़ा कलंक बन सकता है।                           बजिसके बाद
मुस्लिम सेवा संगठन से जुड़े सभी लोगों ने कहा कि हम सभी अमन पसंद शहर वासी प्रशासन से आग्रह करते हैं मैनुदीन वाली घटना पर उक्त घटना में शामिल लोगों पर 307 अपहरण के साथ रासुका के तहत कार्यवाही की जाये जिससे देहरादून में हिन्दु-मुस्लिम भाईचारा बना रहे व अपराधी इस तरह की घटना दुबारा ना दौहरा सके। साथ ही जल्द न्याय की माग की गई

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