बीजेपी के 9 विधायक दे इस्तीफा -धस्माना

 जब जब जमकर बरसात होती है तो ज्यादा दूर नही देहरादून की तस्वीर को देख कर अंदाज़ा लग जाता है कि यहा जहा पूरी सरकार और विपक्ष रहता है वही इंतज़ाम फेल नज़र आते है और हर बार खुल जाती है पोल की आपदा प्रबंधन में सरकार फेल रहती है तो सोचिए उस पहाड़ की जनता का क्या हाल होता होगा जो बरसात की आवाज़ सुन सुन कर रात भर जागते है कि कही कुछ हो ना जाए वह नींद किस को आनी ओर अगर कही घटना घट जाती है तो वहां तो लाचार नज़र आता है आपदा वाला तंत्र काग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने तो देहरादून के भाजपा के सभी 9 विधायकों से इस्तीफा तक मांगा लिया है । वो कहते है कि ये विधायक है किस काम के खास कर उनके निशाने पर विनोद चमोली , हरबंस कपूर, ओर खजान दास रहे शुक्रवार को राजीव भवन में कांग्रेस से मेयर पद के प्रबल दावेदार ओर प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ताबड़तोड़ राज्य सरकार पर हमला बोल डाला उनकी माने तो त्रिवेन्द्र रावत की सरकार और उनके विधायक आपदा राहत बचाव कार्यों में भी पक्षपात करते नज़र आ रहे है उन्होंने आरोप लगाया की भाजपा के वोटर रहे लोगो को दो दो हजार रुपये भी दिए जा रहे है। जबकि कांग्रेस पार्षदों के वार्ड की अनदेखी की जा रही हैं। धस्माना ने दूंन के बीजेपी नेताओं की ओर इशारा करके बोला कि उन सबकी मेहरबानियों के चलते पूरा शहर जलभराव से जूझ रहा है पर ना किसी मंत्री को सरोकार ना ही विधायक को उन्होंने कहा कि भाजपा विधायकों ने अभी तक किसी भी आपदा ग्रसित क्षेत्र में दौरा नहीं किया है। धस्माना ने कहा कि सरकार की ओर से आपदा राहत बचाव कार्यों में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने कहा कि नदी किनारे बसे लोगों को राहत पहुंचाने के लिए सरकार के पास कोई ठोस योजना नहीं है। धस्माना ने दुख जताया कि भारी बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में बिजली और पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है लेकिन सरकार की अभी तक नींद नही टूटी है इसलिए सबसे पहले दूंन जिले के बीजेपी के सभी 9 विधायको की तुरंत इस्तीफा दे देना चाइए.       
धस्माना ने कहा कि 11 जुलाई को सुबह राजधानी देहरादून में आई बाढ़ में सात लोगों की जान चली गई और हजारों लोगों के घर में बाढ़ का पानी घुस गया जिसके कारण लोगों के घरों का सामान वर्बाद हो गया। घरों को भारी नुकसान हुआ किन्तु इन मौतों से व लोगों के नुकसान से सरकार व भाजपा को कोई लेना देना नहीं है और त्रिवेन्द्र सरकार व उनका संगठन केवल आगामी निकाय, लोकसभा व विधानसभा चुनावों की चिन्ता में मग्न है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री व भाजपा प्रदेश प्रभारी व प्रदेष अध्यक्ष बजाय मृत लोगो के घर जाकर संवेदना व सहायता देने के काशीपुर में बड़ी माला पहन कर हंसते मुस्कराते फोटो खिंचवा रहें हैं। उन्होंने कहा कि 11 जुलाई को हिल व्यू काॅलोनी, इन्द्रानगर, शास्त्री नगर खाले, दीपनगर, मित्रलोक काॅलोनी में हुई तबाही से प्रभावित लोगों को सरकार व प्रसाशन की ओर से एक भोजन का पैकेट तक मुहैया नहीं कराया गया जबकि लोगों का सारा सामान नश्ट भ्रश्ट हो गया था और घरों की रसोई में रखा सामान तक पानी में डूब गया था। उन्होंने कहा कि जब राज्य की राजधानी में आपदा प्रबन्धन का इतना बुरा हाल है तो राज्य के दूर दराज के इलाकों के बारे में कल्पना की जा सकती है कि वहां आपदा आने पर लोगों का क्या हाल होता होगा। श्री धस्माना ने कहा कि राज्य के आपदा प्रबन्धन का बुरा हाल है। आपदा प्रभावित लोगों को 48 घण्टे बीत जाने के बाद भी न तो राहत मिली है और न ही भविश्य में बचाव की कोई व्यवस्था की गई है। श्री धस्माना ने कहा कि महामहिम राज्यपाल द्वारा देहरादून में जल भराव को लेकर जो चिन्ता व्यक्त की गई है उससे राज्य के आपदा प्रबन्धन की पोल खुल गई है।
एक अन्य वकतव्य में श्री धस्माना ने कहा कि देहरादून में चलाये जा रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान में राज्य सरकार व सत्ताधारी दल के विधायकों की भूमिका व्यापारी व जन विरोधी है। उन्होंने कहा कि लोगों के वैधानिक निर्माणों का चिन्हींकरण व ध्वस्तीकरण किया जा रहा है तथा राज्य सरकार व जनता के चुने हुए विधायक लोगों का दर्द सुनने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रेमनगर में लगभग पांच सौ लोग उजड रहे हैं किन्तु क्षेत्रीय विधायक अपनी असमर्थता जता रहे हैं। श्री धस्माना ने कहा कि जब देहरादून के नौ निर्वाचित भाजपा के विधायक लोगों का दर्द नहीं दूर कर सकते तो उनको तत्काल विधायकी से त्यागपत्र दे देना चाहिए। श्री धस्माना ने कहा कि अतिक्रमण विरोधी अभियान में राजपुर विधानसभा के करणपुर, ईसी रोड़, घंटाघर, पल्टन बाजार, कैन्ट विधानसभा क्षेत्र की चकराता रोड़, पण्डितवाडी, प्रेमनगर, मसूरी विधानसभा के राजपुर कैन्ट रोड, कालीदास रोड़, रायपुर विधानसभा की रायपुर रोड़, लाडपुर आदि क्षेत्रों में हजारों व्यापारी प्रभावित हुए हैं किन्तु कोई विधायक जनता का दर्द सुनने तक नहीं पहुंचा है।
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता गरिमा दसौनी, महेश जोषी, राजेश चमोली, देवेन्द्र बुटोला भी उपस्थित थे।

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