पलायन रोकने के लिए हर विभाग का होगा एक्शन प्लान

त्रिवेंद्र  सरकार की मुहिम में अब नीति आयोग भी बना साझीदार

अपने उत्तराखंड के पहाड़ों से हो रहे लगातार पलायन को रोकने के लिए सुना है कि अब हर विभाग अपना एक्शन प्लान तैयार करने जा रहा है
इसका लाभ ये रहेगा के हर विभागों को ये पता रहेेगा कि पलायन रोकने के लिए उन्हें क्या करना हैओर वे क्या कर सकते है ,
बात दे कि त्रिवेंद्र सरकार लगातार पलायन पर लगाम लगाने के प्रयास मैं जुटी है और अब इस कोशिश में नीति आयोग भी शामिल हो गया है।
जानकारी अनुसार आयोग उत्तराखंड के अफसरो को ज्ञान देगा कि अन्य राज्यों की श्रेष्ठ योजनाएं इस पर क्या रही और उन्हें उत्तराखंड में किस तरह से धरातल पर उतारा जा सकता है।
बढ़ते पलायन पर लगाम लगाने के लिए पिछले 10 सालों मैं कोई मजबूत ठोस ब्लू प्रिंट , कार्ययोजना तैयार नहीं देखी गई ।
नीति आयोग से मदद के लिए त्रिवेंद्र सरकार के स्तर से भी कोशिश की जा रही थी।
ओर बीते महीनों मसूरी में आयोजित हुए कन्क्लेव में भी त्रिवेंद्र सरकार ने यह मुद्दा जोरो से उठाया था।
बोलता उत्तराखंड को जानकारी मिली है कि अस्वस्थ होने से पहले उत्तराखंड के राज्यसभा संसद अनिल बलूनी ने भी इस पूरे मुद्दे पर बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जानकारी अनुसार अनिल बलूनी ने कुछ समय पहले ही नीति आयोग के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष से मुलाकात कर उन्होंने आयोग से निवेदन किया था कि वे उत्तराखंड के पहाड़ों मैं बढ़ते पलायन की रोकथाम के लिए त्रिवेंद्र सरकार की मदद करे।
त्रिवेंद्र सरकार के प्रयास ओर दिल्ली मैं उत्तराखंड के हर ज्वंलत मुद्दों पर अस्वस्थ होने से पहले उन पर चिंतन, मंथन कर जहा से इसका रास्ता निकल सकता है हर उस चौखट पर अनिल बलूनी पहुचे है। जिसके सुखद परिणाम सामने है
अब 19 दिसंबर को त्रिवेंद्र के उत्तराखंड मैं नीति आयोग की टीम आ रही है।
जिस दिन पलायन की रोकथाम के लिए उत्तराखंड के विभागों की कोशिश को समझने और अपने अध्ययन को सामने रखने के लिए नीति आयोग की टीम उत्तराखंड के सचिवालय में होगी।
इस दिन नियोजन विभाग
इस महत्वपूर्ण बैठक में सभी विभागों को शामिल होने को कहा है

इस बैठक मैं उत्तराखंड का हर विभाग अपने स्तर पर एक्शन प्लान के साथ होगा या तैयार करेगा
फिर संबंधित विभाग पलायन की रोक थाम के लिए समयबद्ध काम किस तरह से करेंगे। बैठक के बाद यह कार्ययोजना बनेगी और इसमें नीति आयोग भी प्रत्यक्ष रूप से शामिल होगा।
बात दे कि त्रिवेंद्र सरकार का बनाया पलायन आयोग अभी तक उत्तराखंड में पलायन पर अपनी दो रिपोर्ट प्रकाशित कर चुका है। इसमें रोजगार की कमी से लगभंग 50 प्रतिशत, शिक्षा सुविधाओं की कमी से 15.12 प्रतिशत, स्वास्थ्य सेवाओं की कमी से 8.83 प्रतिशत, ओर वन्य जीवों से नुकसान की वजह से 5.61 प्रतिशत, उत्पादकता की कमी से 5.54 प्रतिशत और अवस्थापना सुविधा की कमी से 3.37 प्रतिशत पलायन पाया गया।।
बहराल 19 तारीख को त्रिवेंद्र सरकार के अफसरों की परीक्षा भी होगी क्योकि बढ़ते पलायान को रोकने के लिए उन्होंने आज तक जो भी कार्ययोजना बनाई है या जिस पर वो काम कर रहे है या करने वाले है वो सब नीति आयोग के सामने होगी।
ओर उनके अब तक के काम काज, योजना , को देख नीति आयोग समझ जायेगा कि उत्तराखंड के अफसर बढ़ते पल्यान को लेकर गम्भीर है भी या नही।


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