उत्तराखंड से बडी ख़बर : कोरोना महामारी घोषित, 31 मार्च तक बंद रहेंगे सभी सिनेमाघर और कॉलेज ओर भी बहुत ख़ास केबीनेट के निर्णय जाने आज के

आपको बता दे कि
उत्तराखंड सरकार ने कोरोना को महामारी घोषित कर दिया है। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इसके तहत अब स्कूल और आंगनबाड़ी के बाद राज्य के सभी कॉलेज, सिनेमाघर और मल्टीप्लेक्स 31 मार्च तब बंद रहेंगे। लेकिन मेडिकल कॉलेज खुले रहेंगे।
जी हा आज उत्तराखंड सरकार ने मंत्रिपरिषद और मंत्रिमंडल की बैठकें बुलाई
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में वाली बैठक में कोरोनो वायरस को लेकर यह फैसला लिया गया। इसमें सबसे खास बात ये है कि कोरोना को राज्य सरकार ने महामारी घोषित कर दिया है।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने आज शाम पांच बजे मंत्रिपरिषद की बैठक बुलाई। मंत्रिपरिषद में कैबिनेट मंत्रियों के साथ राज्य मंत्री धन सिंह रावत और रेखा आर्य भी मौजूद रहे। इस बैठक में सभी मंत्री कर्मचारी हड़ताल को लेकर चर्चा  भी की गई। इसके बाद शाम साढ़े पांच बजे कैबिनेट मंत्रियों की मंत्रिमंडलीय बैठक हुई। इस बैठक में परिषद में लिए गए निर्णयों पर सरकार ने अंतिम मुहर लगाई।

कैबिनेट बैठक में कोरोना वायरस से निपटने के ये लिए गए बड़े निर्णय।

केंद्रीय एपिडेमिक एक्ट 1997 में किया गया संशोधन।

उत्तराखंड के अंदर उत्तराखंड एपिडेमिक डिजीज एक्ट 2020 के तहत कैरोन वायरस को महामारी किया गया घोषित।

एक्ट की अवहेलना करने पर आईपीसी के तहत होगी कार्रवाई।

कोरोना वायरस से निपटने के लिए राज्य सरकार ने 555 डॉक्टरों की नियुक्ति कोरोना वायरस से निपटने के लिए मंजूरी दी।

हर मेडिकल कॉलेज में रिक्त पदों को भरने के लिए 50 प्रतिशक्त पद भरने को मंजूरी।

11 माह के लिए होगी नियुक्ति।

50 करोड़ रुपये राज्य सरकार ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए की व्यवस्था।

चिकित्सा सम्बन्धी उपकरण के ये खरीदारी करने के लिए बज़ट की व्यवस्था।

जरूरत पड़ने पर फैब्रिकेटेड अस्पताल बनाएं जाने का भी लिया गया निर्णय।

आवश्यकता पड़ने पर निजी भवन को अस्पताल के लिए किया जाकेगा प्रयोग

140 एम्बुलेंस कोरोना वायरस से निपटने के लिए होंगी तैयार

31 मार्च तक सारे डिग्री कालेज और सिनेमाघर बंद रखने के निर्देश

बसों में साइटेशन की व्यवस्था उपलब्ध कराने के निर्देश

बड़ी खबर
सरकार ने लिया हैं महत्वपूर्ण निर्णय

राज्य सरकार ने कोरोना को महामारी की घोषित

बड़ी ब्रेकिंग

सिनेमा हॉल, महाविद्यालय को 31 मार्च किया गया बन्द

कैबिनेट बैठक में कोरोना वायरस से निपटने के ये लिए गए बड़े निर्णय

केंद्रीय एपिडेमिक एक्ट 1997 में किया गया संशोधन

उत्तराखंड के अंदर उत्तराखंड एपिडेमिक डिजीज एक्ट 2020 के तहत कैरोन वायरस को महामारी किया गया घोषित

एक्ट की अवहेलना करने पर आईपीसी के तहत होगी कार्रवाई

कोरोना वायरस से निपटने के लिए राज्य सरकार ने 555 डॉक्टरों की नियुक्ति कोरोना वायरस से निपटने के लिए मंजूरी दी

हर मेडिकल कॉलेज में रिक्त पदों को भरने के लिए 50 प्रतिशक्त पद भरने को मंजूरी

11 माह के लिए होगी नियुक्ति

50 करोड़ रुपये राज्य सरकार ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए की व्यवस्था

चिकित्सा सम्बन्धी उपकरण के ये खरीदारी करने के लिए बज़ट की व्यवस्था

जरूरत पड़ने पर फैब्रिकेटेड अस्पताल बनाएं जाने का भी लिया गया निर्णय

उत्तराखण्ड सरकार ने कोरोना वायरस की रोकथाम हेतु बड़ा कदम उठाते हुए इस रोग को महामारी घोषित किया है। राज्य सरकार ने उत्तराखण्ड एपिडेमिक डिजीज कोविड-19 रेग्यूलेशन एक्ट – 2020 को लागू करने का निर्णय लिया है।
सरकार के पास कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए सभी प्रकार के अधिकार होंगे। सभी स्कूल, काॅलेज, सिनेमाघर को बन्द रखा जाएगा। केवल मेडिकल काॅलेज खुले रहेंगे। एक स्थल पर एकत्र होने से रोका जाएगा। अवहेलना करने पर आईपीसी की धारा 188 के तहत 01 माह से 06 माह के कारावास का प्रावधान किया गया है।
सरकार के निर्णय में कहा गया है कि कोरोना की रोकथाम के लिए राज्य के पास पर्याप्त संसाधन एवं उपकरण उपलब्ध हैं। यह भी कहा गया है कि शासकीय मेडिकल काॅलेज में सृजित पदों के सापेक्ष 11 माह के लिए 50 प्रतिशत तक अतिरिक्त पदों की स्वीकृति होगी। स्वास्थ्य विभाग में रिक्त नर्सिंग स्टाफ की भर्ती की अनुमति होगी। आईसोलेशन वार्ड, आईसीयू तैयार, उपकरण, दवा आदि के लिए 50 करोड़ रूपये का फंड तैयार किया गया है।
भविष्य में कोरोना की तीव्रता बढ़ने पर प्रीफेब्रिकेटेड 100 बेड का हाॅस्पिटल तैयार किया जाएगा। निजी भवन, चिकित्सा ईकाई भवन को जरूरत पड़ने पर अस्पताल बनाया जाएगा। तथा आपात स्थिति से निपटने के लिए 140 विभागीय एम्बुलेंस को एलर्ट पर रखा गया है। बसों में सेनिटेशन (साफ-सफाई) के लिए निगम एवं प्राईवेट आपरेटर व्यवस्था करेंगे। 104 हेल्पलाईन नम्बर शुरू किया गया है। सभी होटल व्यवसायियों को एडवाईजरी जारी की गयी है। ग्राम सभाओं, आशा कार्यकत्रियों को भी अभियान में जोड़ा जाएगा।

 


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