देहरादून पहुंचा शहीद मेजर चित्रेश का पार्थिव शरीर, एयरपोर्ट पर सैन्य अधिकारियों ने दी श्रद्धांजलि

 

 

उत्तराखण्ड के लिए पूरे देश के लिए दुःखद ख़बर है राजौरी में आईईडी धमाके में शहीद हुए मेजर चित्रेश बिष्ट का पार्थिव शरीर रविवार को देहरादून पहुंच गया है। शहीद के पार्थिव शरीर को वायुसेना के विमान से जॉलीग्रांट एयरपोर्ट लाया गया। इस दौरान वहां सेना के अधिकारियों ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की।
शहीद मेजर का अंतिम संस्कार सोमवार को किया जाएगा। इसलिए शहीद के पार्थिव शरीर को एयरपोर्ट से सीधे सेना के अस्पताल में ले जाया गया है। सोमवार सुबह उनकी अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। जिसके बाद उनका अंतिम संस्कार पूरे समान के साथ किया जाएगा।
आपको बता दें कि मेजर चित्रेश सिंह कश्मीर के राजौरी में शनिवार को आईईडी धमाके में शहीद हो गए। धमाका उस वक्त हुआ, जब वे आईईडी को डिफ्यूज कर रहे थे। मेजर चित्रेश भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून से वर्ष 2010 में पासआउट हुए थे। वर्तमान में वह सेना की इंजीनियरिंग कोर में थे।


वे उत्तराखंड पुलिस के सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर एसएस बिष्ट के बेटे थे। उनकी शहादत की सूचना मिलते ही शोक की लहर दौड़ गई है। गमगीन परिवार को ढांढस बंधाने के लिए उनके घर पर लोगों का तांता लगा हुवा है। मेजर चित्रेश का परिवार राजधानी के नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में रहता है।
आपको बता दें कि मेजर चित्रेश की 7 मार्च को शादी थी। बेटे के शहीद होने की खबर के बाद शादी की तैयारियां मातम में बदल गई। जिसने भी खबर सुना, वह गमगीन परिवार को ढाढ़स बंधाने बिष्ट परिवार के घर पहुंचने लगा हुआ है ।
आपको बता दे कि मेजर चित्रेश मऊ में ट्रेनिंग पूरी करने के बाद घर आया था। दो फरवरी को चित्रेश देहरादून से ड्यूटी पर गया था। पिता एसएस बिष्ट उसी दिन को याद कर रोए जा रहे हैं। उन्होंने चित्रेश से कहा था कि वह अब तो शादी के लिए छुट्टी ले ले, लेकिन वो पोस्टिंग पर राजौरी चला गया। मेजर चित्रेश का जवाब था कि 28 फरवरी को वह वापस आकर शादी की बाकी तैयारियां पूरी कर लेगा। 
मेजर चित्रेश को घर पर सब सोनू कहते थे। वह जनवरी माह में मऊ में ट्रेनिंग पर गया था। वहां से लौटते हुए वह कई दिन घर पर रुका था। दो फरवरी को वह घर से राजौरी में ड्यूटी के लिए निकल गया था। पिता एसएस बिष्ट ने बताया कि उस दिन उन्होंने चित्रेश से कहा था कि अब शादी को ज्यादा दिन नहीं बचे हैं, इसलिए छुट्टी का आवेदन कर दे। बावजूद इसके चित्रेश कश्मीर चला गया। वो बेहद होनहार था।
उसकी शादी को लेकर परिवार ने कई तरह के सपने संजोए थे, जो अब चकनाचूर हो गए। चित्रेश एसएस बिष्ट के छोटे बेटे थे। उनका बड़ा बेटा नीरज बिष्ट ब्रिटेन में नौकरी करता है। नीरज की शादी 2016 में हो चुकी है। एसएस बिष्ट वर्ष 2016 में ही पुलिस से सेवानिवृत्त हुए थे और वर्तमान में पत्नी रेखा बिष्ट के साथ नेहरू कॉलोनी में रहते हैं। चित्रेश की मां का रो रोकर बुरा हाल है। नाते रिश्तेदार भी घर पर पहुंचना शुरू हो गए हैं।
आपको बता दे कि परिवार के मुताबिक चित्रेश बचपन से ही काफी होनहार थे। उन्होंने शुरूआती पढ़ाई सेंट जोसेफ स्कूल से की थी और फिर एनडीए की परीक्षा पास कर सेना की राह चुनी। मेजर रैंक के लिए हुई विभागीय परीक्षा में उनका ऑल इंडिया में नौंवा स्थान था। मऊ में ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने 25 बम डिफ्यूज कर उत्तम अधिकारियों में नाम शामिल किया था।
एसएस बिष्ट का शुक्रवार को जन्मदिन था। बेटे चित्रेश ने उन्हें फोन कर बधाई दी थी। इस दौरान उन्होंने अपनी मां से भी काफी देर बात की। मां ने भी छुट्टी लेकर जल्द से जल्द घर आने को कहा था, लेकिन मां को उन्होंने चिंता न करने की बात कहते कुछ दिन में पहुंचने का आश्वासन दिया था। बिष्ट का कहना था कि रोजमर्रा ही बेटे से बात हो जाती थी।
चित्रेश की शादी की लगभग सारी तैयारियां हो चुकी थीं। जीएमएस रोड स्थित एक होटल की बुकिंग के अलावा तमाम खरीददारी भी हो चुकी थी। बिष्ट शनिवार को ही अपनी रिश्तेदारी में कार्ड बांटने गए थे। मेजर चित्रेश के शहादत की खबर से खुशियां मातम में तब्दील हो गई। चित्रेश को याद कर अब मां और पिता की आंखों से आंसु थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।



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