cm trivendra rawat

देहरादून: उत्तराखंड में शिक्षा प्रणाली में आमूलचूल परिवर्तन की तैयारी है। सरकार ने तय किया है कि बेसिक और माध्यमिक स्कूलों का आपस में विलय और एकीकरण किया जाए। सरकार ने यह फैसला इस बारे में ऊधमसिंह नगर जिले में हुई एक पहल की सफलता के बाद लिया है। सरकार ने इस अभिनव पहल की शुरुआत करने वाले ऊधमसिंह नगर के पूर्व डीएम नीरज खैरवाल की अध्यक्षता में एक कमेटी भी गठित की है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के मुख्य निजी सचिव विक्रम सिंह चौहान ने इस बारे में शिक्षा सचिव को एक पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि मुख्यमंत्री का निर्देश है कि उत्तराखंड के बेसिक और माध्यमिक स्कूलों आपस में विलय किया जाए और एकीकरण किया जाए। इसके लिए आईएएस अफसर नीरज खैरवाल की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन करने का निर्देश दिया गया है। सभी जिलों के डीएम इस कमेटी के सदस्य होंगे और बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के निदेशक इस कमेटी के सदस्य होंगे। इस कमेटी को एक माह में अपनी रिपोर्ट सरकार को देनी होगी।

ऊधमसिंह नगर की डीएम रहते नीरज खैरवाल ने देखा कि कई स्थानों पर बेसिक और माध्यमिक स्कूल एक ही परिसर में चल रहे हैं और तमाम स्थानों पर छात्रों की संख्या बेहद कम है। यह भी देखा गया कि तमाम स्थानों को बच्चों को पढ़ने के लिए लंबी यात्रा तय करनी पड़ रही है। खैरवाल ने दोनों के एकीकरण की व्यवस्था खटीमा से शुरू की। इसे सफलता मिली तो पूरे जिले में लागू कर दिया। बाद में जिले की यात्रा पर गए सीएम त्रिवेंद्र को ये जानकारी मिली तो उन्होंने कहा था कि इस मॉडल को पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। इस बारे में अब सीएम की ओर से निर्देश जारी कर दिए गए हैं।


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