भाजपा मे हरिद्वार जिले से बगावत की आहट!

बोलता उत्तराखण्ड के सूत्र बोल रहे है कि त्रिवेन्द्र रावत के लिए मुसीबत खड़ा करने का काम बीजेपी के हरिद्वार विधायक करेगे ,जानकार कहते है कि सिर्फ मदन कौशिक को छोड़ कर हरिद्वार जिले का कोई भी विधायक त्रिवेन्द्र रावत से खुश नही है और इसकी बानगी समय समय पर देखने को मिली है पहले की बात हम आपको आगे बताएंगे लेकिन आज की तस्वीर ये है कि
बसपा नेता शहजाद को पार्टी ने किया निष्कासित किया जा चुका है और सूत्र बोल रहे है कि
शहजाद भाजपा में शामिल हो सकते है , अब बात भाजपा विधायक संजय गुप्ता के बयान की करते है ये लक्सर से भाजपा विधायक संजय गुप्ता है जिन्होंने एक बयान अखबार में दिया है कि मुख्यमंत्री के पास अपने विधायकों के लिए समय नहीं है, लेकिन पूरी सरकार शहजाद के बेटे की शादी में झोटा बिरयानी खाने चली गई।         इस बयान के कही मायने निकलते है पहला ये की संजय गुप्ता रमेश पोखरियाल निशक के करीबी है और बसपा नेता रहे शहजाद मदन कौशिक के ओर मदन कौशिक निशक के करीबियों को ठिकाने लगाने का काम अक्सर करते है आपको बता दे कि सीएम को विधायक संजय गुप्ता के कार्यक्रम मे बीते दिनों आना था पर जनाकर कहते है कि मदन कौशिक की ना के बाद सीएम नही गए मदन कौशिक स्वयं पिछले लोकसभा चुनाव मे हरिद्वार लोकसभा से टिकट माग रहे थे पर निशक को टिकट मिला आज भी पूरे हरिद्वार के नेता जानते है कि मदन कौशिक निशक को बिल्कुल भी पसंद नही करते                              और उन पर हरिद्वार से बाहरी व्यक्ति का राग आलापते है
कौशिक के बहुत नज़दीक माने जाते है शहज़ाद तभी पूरी पूरी गोपनीय आंकलन करने के बाद बसपा ने मोहम्मद शहजाद को बहार का रास्ता दिखा दिया। महासचिव सतीश कुमार ने रविवार को इस बात की जानकारी दी कि पार्टी से शहजाद को पार्टी से निष्कासित कर दिया है उन पर बीजेपी के साथ मिलकर
हरिद्वार में लोकसभा का गणित मजबूत करने का आरोप लगा है क्योंकि भाजपा शहजाद पर डोरे डालने की कोशिशों में जुटी हुई थी। जिसकी भनक बसपा आलानेताओं को लग चुकी थी कि शहजाद लगातार भाजपा नेताओं के संपर्क में है। इसी को शहजाद के पार्टी से निष्कासित किए जाने का कारण माना जा रहा है
महासचिव सतीश कुमार ने कहा कि उन्होंने पार्टी को गुमराह करने का काम किया है। वे भाजपा के संपर्क में रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक ने हाल में राष्ट्रीय अध्यक्ष बहन मायावती से पूर्व की गलतियों की माफी मांगते हुए शामिल हुए थे। पूर्व विधायक को चार साल में तीसरी बार निष्कासित करने के सवाल पर कहा उन्होंने भरोसा तोड़ा है। उन्होंने कहा कि भाजपा से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और उनके सरकार के सहयोगियों को अपने यहां पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत बुलाया। यह पार्टी के साथ विश्वासघात है। 

राजनीति के जानकारों की माने तो कौशिक अपने साथ शनिवार को जिस तरह से सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत को शहजाद के घर लेकर गए, उसे राजनीति मै सामान्य नहीं मान रहे है अब बात वो जो पहले कि है हरिद्वार ग्रामीण सीट से हरीश रावत को चुनाव हारने वाले विधायक यतिस्वरानंद भी सीएम से नारज चल रहे है वो कहते है कि एक पहाड़ को चुनाव हराया पर बीजेपी ने अब तक उनका कोई महत्वपूर्ण पद नही दिया खेर यही बात और दर्द कभी राजेश शुक्ला के समर्थकों से भी सुनाई देता है तो कांग्रेस से बीजेपी में आये कुँवर प्रणव का भी यही दर्द झलकता रहता है क्योंकि वो लगातार जीतते आ रहे है   यहां बीजेपी मे कोई उनको भी पूछने वाला नही सूत्र बोलते है कि कौशिक निशक के सभी करीबी विधायको को पटखनी देना चाहते है जिससे निशक हरिद्वार मे कमजोर पड़ जाए और भविष्य में उसका फायदा कौशिक को मिले                         कुल मिलाकर अगर जानकारो की बात करे तो हरिद्वार जिले के बीजेपी विधायक ही सीएम त्रिवेन्द्र रावत के खिलाफ सीधा खड़ा ना होकर मदन कौशिक के ऊपर आने वाले दिनों मे शब्दों से हमला कर सकते है तो कोई सीधे सीएम को कह सकता है जैसे संजय गुप्ता कह गए कि हमसे मिलने का समय मुख्यमंत्री को नही पर शहजाद के यहा पहुच गए आधी सरकार लेकर इन बातों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि अगर कही से भी हरिद्वार जिले के बीजेपी विधायको ने बगवात कर दी तो मैदान की ये बगवात पहाड़ से कुमाऊँ तक पहुँचगी जो सरकार और सगठन के लिए ठीक साबित ना होगी ओर सबसे ज्यादा नुकसान त्रिवेन्द्र रावत का होगा बहराल अब देखना ये होगा कि सीएम इस लगी आग मे पानी कब तक डालते है क्योंकि सीएम के राजनीतिक दुश्मन इस आग मे घी डालने मे जुट गए होंगे

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