आज़ादी के 72 साल बाद, हंस पावर पैक की रोशनी से उत्तरकाशी के दूरस्थ गांवों में जगी विकास की अलख, रोशन हुए उत्तरकाशी के 560 परिवार

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हंस ऊर्जा,पावर पैक से रोशन हुए उत्तरकाशी के 560 परिवार
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आज़ादी के 72 साल बाद,
हंस पावर पैक की रोशनी से उत्तरकाशी के दूरस्थ गांवों में जगी विकास की अलख
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देश आजादी की 73वीं वर्षगांठ मना रहा हैं। लेकिन आज़ादी के 73 वर्ष बाद भी देश में कई गांव ऐसे है जो खराब मौसम और बर्फबारी के चलते कई बार शहरों से कट जाते है। बिजली-पानी,दूरसंचार के स्तर पर इन गाँव का संपर्क देश के दूसरे हिस्से टूट जाता है।
इन्हीं गाँव में शामिल हैं उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के दूरस्थ गाँव ,यह गाँव अक्सर बरसात के मौसम में कई बार देश के दूसरे हिस्सों से कट जाते है। जिसके चलते इन गाँव के लोगों को कई बार प्रदेश के अन्य भागों से कट जाते है।
उत्तरकाशी के इन 560 परिवारों के चेहरों पर आज एक अलग रोशनी जगमगा रही हैं,सही मायने में आज़ादी की रोशनी आज इनको मिली है। जो इन्हें दी है आध्यात्मिक गुरु श्री भोले जी महाराज एवं माताश्री मंगला जी के आशीष से ‘द हंस फाउंडेशन’ के सौजन्य से,हंस ऊर्जा की नयी किरण, विकास की किरण और नयी सोच की किरण।
‘द हंस फाउंडेशन’ के तत्वावधान में उत्तरकाशी के 560 परिवारों को हंस ऊर्जा योजना के तहत हंस पावर पैक का वितरण किया गया है। जो निश्चित तौर इन परिवारों की तमाम कठिनाइयों से दूर करते हुए ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना रहा है।
उत्तरकाशी के मोरी ब्लॉक के
जाखोल,सावनी,लिवाडी,धारो,सटूडी,पांवमल्ला,सिरंगा,गंगाड,कोटगांव,मेरवाड़,पासा और सुनकुण्डी इत्यादि गांव के परिवार शामिल हैं जिन्हें हंस ऊर्जा के तहत सोलर पावर पैक का वितरण किया गया। जो निश्चित तौर पर आज़ादी के 72 वर्ष बाद इन ग्रामीणों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
उत्तरकाशी जिले के यह वह गाँव हैं जो अक्सर खराब मौसम और भारी बर्फबारी के चलते बिजली कट जाने के कारण प्रदेश के दूसरे हिस्सों से कट जाते है। कई बार बिजली न होने के कारण इन गाँव के लोगों को जंगली जानवरों का सामान भी करना पड़ता था। ऐसे हालातों से लड़ने के लिए हंस पावर पैक इन ग्रामीण के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।


आपको बता दें की हंस पावर पैक एक ऐसा डिवाइस है ,जो सौर ऊर्जा से चार्ज होता है,और बिजली के बिल से मुक्ति दिलाता हैं। इस पावर पैक के माध्यम से मोबाइल फोन,पंखा,कंप्यूटर,रेडियों और लैफ्टोप चार्ज हो सकते है। हंस पावर पैक से 150 से 300 घण्टे तक एक एम्पियर तक की पावर प्राप्त की जा सकती हैं। इस पावर पैक की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस पावर पैक से आप अंधेरे को दूर करने के लिए इसकी एलइडी लाइट का भी उपयोग कर सकते हैं। जिसने इन ग्रामीणों और इनकी जीवनशैली में बदलाव की अलख जगा दी है। कई दिनों तक मौसम की खराबी और बर्फबारी से संघर्ष कर रहे इन परिवारों के जीवन में उजाला हो गया है।
उत्तरकाशी के मोरी ब्लाक के ग्रामीणों ने उन्हें हंस ऊर्जा,पावर पैक वितरण करने के लिए माताश्री मंगला जी एवं श्री भोले जी महाराज जी का कोटि-कोटि आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हंस पावर पैक ने उनके जीवन में रोशनी की अलख तो जगाई ही है,साथ ही हमारे गाँवों में शिक्षा के स्तर में सुधार की दिशा में भी हंस पावर पैक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है । हमारे बच्चे नयी तकनीकी से जुड़ कर अपने भविष्य निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहे है। इस पावर पैक के पोर्टेबल और हल्का होने के कारण इसे आसानी से इधर- उधर ले जाया सकता है। यही वजह है कि ग्रामीण हंस पावर पैक का इस्तेमाल अपने खेत-खलिहानों में काम करते हुए कर सकते है।
हंस ऊर्जा,पावर पैक यकीनन इन ग्रामीण परिवारों के लिए माताश्री मंगला जी एवं श्री भोले जी महाराज की उस कल्पना को साकार कर रहा है। जिस कल्पना के तहत द हंस फाउंडेशन ने पहाड़ के दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य-शिक्षा की अलख जागने की प्रतिबद्धता स्थापित की थी। जो आज उत्तरकाशी के इन गांवों के परिवारों को आत्मनिर्भर बनाते हुए आगे बढ़ने में सहायक सिद्ध हो रहा है।
आपको बता दें द हंस फाउंडेशन के सौजन्य से उत्तरकाशी के दूरस्थ क्षेत्रों में बजे गांवों के लोगों के स्वास्थ्य की देखभाल के हंस डिशपेंशरी का संचालन किया जा रहा हैं। जिसमें हर दिन लोगों को नि:शुल्क स्वास्थ्य की सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। साथ ही गंभीर रोग से पीड़ित मरीजों को इलाज के लिए देहरादून तक भेजने में फाउंडेशन महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।

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