अटल जी माँ गंगा की गोद मे समा गए उत्तराखंड़ के कुछ मंत्री लोगों की जाएगी कुर्सी!

भारत के पूर्व प्रधान मंत्री भारत रत्न अटल जी की अस्थि विसर्जन यात्रा मे जहा 50 हज़ार से अधिक लोगो का सैलाब उमड़ना था वे लोग सिर्फ 8 हज़ार से 10 हज़ार तक ही रुक गए। ओर चाहकर भी दर्शन नही कर पाए। अटल जी हम शर्मशार है जिस राज्य को आपने बनाया हम उस राज्य के राजनेताओ को सुधार ही नही पाए ये लोग आपकी अस्थि विसर्जन यात्रा से पहले ही आपस मे नूरा कुश्ती कर रहे थे आपको तो इनके नाम मालूम ही होगे । मदन कौशिक की घटिया राजनीति! मनोज गर्ग का बिना वजह का अहंकार! कौशिक का तिवारी ! इन लोगो ने अटल जी के साथ साथ बीजेपी पार्टी को भी शर्मशार कर दिया !

रमेश पोखरियाल निशंक ओर सतपाल महाराज का नाम भी सुनाई दिया! आपसी गुताबाज़ी के चलते अटल जी की अस्थि विसर्जन यात्रा अपने उस परवान पर नही चढ़ सकी जो बीजेपी के नेताओ ने सोचा था। जो जनता ने सोचा था । और अटल जी को पसंद करने वालो ने सोचा था कुछ मंत्रियो ओर छोटे नेताओ ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत का भी हाईकामान के आगे बिना बात के सर झुखा दिया होगा ! आपको बता दे कि ये अस्थि विसर्जन यात्रा सबसे पहले प्रेम नगर आश्रम से होनी थी पर सूत्र बोल रहे है कि मदन कौशिक ओर उनके अपने लोग नही चाहते थे क्योंकि प्रेम नगर आश्रम सतपाल महाराज का है और मदन कौशिक ओर उनके लोग मनोज गर्ग जैसे लोग नही चाहते थे कि इस का लाभ सतपाल महाराज को मिले। ये वो नेता है जो अस्थि विसर्जन यात्रा मे भी लाभ तालाश रहे थे! फिर मदन कौशिक ओर उनके लोगो ने शांति कुंज मे से अस्थि विसर्जन यात्रा की बात कही तैयारियां भी हो गई थी पर यहा के राजनेताओ को आपस मे लड़ता देख बीच का रास्ता निकाला गया जिस पर अधिक से अधिक जनता ना चल सकी फिर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थि विसर्जन यात्रा हरिद्वार के भल्ला कॉलेज ग्राउंड से शुरू हुई ओर ये यात्रा हर की पैड़ी पर जाकर खत्म हुई यहां अपने दिवंगत नेता की अस्थियां गंगा में प्रवाहित करने के लिए बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता के साथ साथ कुछ आम जनता भी मौजूद रही इस दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत समेत कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे
इस कलश यात्रा में बीजेपी के कुछ कार्यकर्ता भी शामिल बताये जा रहे है बाकी गुटबाज़ी के चलते नही आ पाए।
हर की पैड़ी पर मंच भी तैयार किया गया था जिसमे तमाम बड़े बीजेपी के नेता ओर अटल जी का परिवार कुछ समय मौजूद रहा देवभूमि से देवलोक की तरफ अटल चले गए और ठीक एक बजे अटल जी के परिवार ने अटल जी की अस्थि माँ गंगा मे विसर्जन से पहले पूजा शुरू हुई और उसके बाद अटल जी की अस्थि को माँ गंगा मे विसर्जीत किया गया

ठीक 1 बजकर 15 मिनट पर अटल जी के बेटी नमिता ने अटल जी की अस्थि को माँ गंगा मे विसर्जन किया और इसी के साथ हरि के द्वार से देवलोक चले गए अटल जी ओर माँ गंगा की गोंद मे समा गए अटल जी ।पर वो लोग कह है जिनकी वजह से अमित शाह की उम्मीदों पर पानी फिर गया । वो लोग कोन थे जिनकी वजह से सीएम त्रिवेन्द्र को भी चुप रहना पड़ा। सूत्र बोल रहे है कि अभी तो अमित शाह और राजनाथ सिंह ओर योगी आदित्यनाथ किसी तरह से चुप हो गए है पर इनकी ये चुपी आगे चलकर किसी भयानक तूफान से कम ना होगी जिसकी लपेट मे कोन आ जाये ये तो समय ही बताएगा लेकिन कुल मिलाकर अभी जो हालात बने है उसके लिए सूत्र बोल रहे है कि मदन कौशिक पर निशाना लगाया गया है। आपको बता दे कि मंत्री मदन कौशिक की ना तो रमेश पोखरियाल निशंक से बनती है और ना सतपाल महाराज से! लिहाज़ा रविवार को जो भी हुवा उसके लि भविस्य मे मदन कौशिक पर बड़ी गाज गिरनी तय है ! कास ये राजनेता सीख ले पाते कि अटल जी क्या थे ओर आज भी क्या है लोगों के दिलो मे ओर क्यो है अगर ये नेता समझ पाते तो बात ही क्या थी । बहराल आगे आगे देखना आप की ये अटल जी की अस्थि विसर्जन यात्रा आगे चलकर किसी को आउट जरुर करेगी और कोन होगा आउट ये समय बताएगा।

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