उत्तराखण्ड के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय जो लगातार उत्तराखण्ड मैं शिक्षा की गुडवत्ता मैं सुधार लाने के लिए प्रयास रत है। इस बात से इनकार नही किया जा सकता मंत्री जी ने पिछले 2 सालों मैं उत्तराखण्ड के शिक्षा विभाग को पटरी पर लाने के लिए भरपूर कौशिक की जिसका परिणाम काफी हदों तक उत्तराखण्ड मैं देखने को भी मिला , तो निजी स्कूलों की मनमानी पर काफी हद तक रोके लगाने मैं सफलता भी प्राप्त की


बोलता उत्तराखण्ड से बात करते हुए शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि जब तक पूरे शिक्षक स्कूलों मैं नही होगे तब तक शिक्षा की गुडवत्ता पर बात नही हो सकती।मंत्री जी की यही बात पसंद आती है कि ईमानदारी से बात को कहते है स्वीकराते है। अब जल्द ही इस महीने मंत्री जी शिक्षा विभाग की बैठक लेने वाले है जिसमे महत्वपूर्ण निर्णयों पर चर्चा होगी और उसके बाद कभी भी मंत्री जी की मुहर लगनी तय है ओर जो फैसले केबिनेट मैं लाये जाने वाले होंगे उनको वहां लाया जाएगा।
बता दे कि उत्तराखंड के कही पहाड़ी जिलों के स्कूलों की बात करे जहा छात्र व छात्रों की संख्या अधिक है पर उनको पढ़ाने वाले अलग अलग विषयो के टीचर की कमी देखने को मिलती है अभी बेजरों के स्कूली छात्र छात्राओं को हमने सड़कों पर रैली निकालते हुए भी देखा
बहराल उम्मीद करते है आने वाले समय मैं सरकारी स्कूल मैं पर्याप्त टीचर रहे ताकि फिर गुडवत्ता पर फोकस हो और तब जाकर किसी भी स्कूलों के प्रधानचार्य के पास गुडवत्ता को लेकर कोई बहाना ना हो।
क्योंकि आज सरकारी टीचर भी यही कहता है कि कुछ सुधार सिस्टम मैं हो जाये तो बात बन जाये।



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