यह मेरा उत्तराखंड है ये आपका उत्तराखंड है यहां नियमों और मानकों की उड़ाई जाती है धज्जियां!! जी हां यह बात हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि देहरादून मैं कोरोना के चलते लॉक डॉन के बीच एक और हैरान करने वाला मामला सामने आ गया है।


एक शिक्षक ने शासन के आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए खुद को रिलीव करने और दूसरे स्कूल में जॉइन करने के लिए बंद पड़े स्कूल के ताले खुलवा लिए!!
ये पूरा मामला महेश्वरानंद इंटर कॉलेज माजरा का है जानकारी अनुसार यहा एक सहायक अध्यापक को रिलीव करने के लिए पहले स्कूल खोला गया फिर अमबावती दून वैली पब्लिक स्कूल पंडितवाड़ी में ज्वाइन भी करा दिया गया
सूत्र कहते हैं कि इस पूरी प्रक्रिया को गुपचुप तरीके से अंजाम दिया गया !
सवाल ये उठता है कि जब स्कूल बंद है तो फिर महज एक शिक्षक के लिए यह सब क्यों किया गया? बताया जा रहा है कि मार्च माह के अंत में यानी कि जल्द ही 48 घंटे के अंदर प्रिंसिपल को रिटायर होना है
जिनका चार्ज लेने के लिए शिक्षक ने ये पूरी फील्डिंग सजाई।
मुख्य शिक्षा अधिकारी को भी इस पूरे मामले की जानकारी है, स्कूल प्रबंधन ने उनसे ऐसा करने की अनुमति नहीं ली.फिर भी अभी तक कोई एक्सन क्यो नही??
अब देखना ये है कि इस पूरे मामले में उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय क्या करते है

हम सभी जानते है कि कोरोना के चलते पूरा देश लॉक डाउन कर दिया गया है वहीं भारत ही नहीं पूरा विश्व इस समय कोरोना वायरस महामारी से निपटने के उपाय को अपना रहा है , लेकिन अपने उत्तराखंड के शिक्षा विभाग के अधीन कई आशाकीय स्कूलों को ना तो कोरोना का कोई खौफ है और ना ही देश के प्रधानमंत्री जी की अपील का इनपर असर पड़ा
ओर तो ओर ये लोग जीरो टॉलरेश की नीति से सरकार चलाने वाले मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र जी के द्वारा जारी किए गए आदेशों का भी है धड़ल्ले से मजाक उड़ा रहे हैं धज्जियां उड़ा रहे हैं।


उत्तराखंड के आशाकीय स्कूल अपने चहेते शिक्षकों को ट्रांसफर पोस्टिंग का खेल लॉक डाउन के बीच खेल चुके है!!
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे जी ध्यान दीजिए कि जीरो टॉलरेश की नीति से सरकार चलाने वाले मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के नेतृत्व ये कैसे हो रहा है!!??
आपके विभाग में ये कैसा खेल खेला गया ?? किसकी सह पर खेला गया??!!
कही ये तो नही की आपकी भी लोकप्रिय छवि कों खराब करने की कोई साजिश तो नही हों रही है??
लिहाज़ा आप तत्काल मन्त्री जी इस मामले का सज्ञान ले कर उचित निर्देश दे।
क्योकि ये
शिकायतें लगातार आ रही है पूछता है बोलता उत्तराखंड आखिर राजधानी देहरादून के आशाकीय स्कूल महेश्वरानंद इंटर कॉलेज माजरा और अमरावती दून वैली पब्लिक स्कूल पंडितवाड़ी एक शिक्षक की रिलीविंग और जॉइनिंग के लिए लॉक डाउन के बावजूद कैसे खोल दिया गया?? जिसकी परमिशन मुख्य शिक्षा अधिकारी से लेना भी उचित नहीं समझा गया , ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि आखिर दोनों स्कूलों को ऐसी क्या आन पड़ी थी जब देशभर में लॉक डाउन चल रहा ????
गौर करने वाली बात यह है कि जॉइनिंग के पीछे ना तो छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होने वाले कोई बात है और ना ही इन दिनों स्कूल का कोई ऐसा काम जो शिक्षक नेता की जॉइनिंग करने से कोई फायदा स्कूल को हो रहा है क्योकि स्कूल तो बंद है तो फिर जॉइनिंग की ऐसी क्या जल्दी थी??
मुख्य शिक्षा अधिकारी आशा रानी भी इन सब बातों से अनजान नहीं उन्होंने कहा कि कार्रवाई होगी लेकिन सवाल यह है कि कब होगी कब होगी कब होगी?? स्कूल मैनेजमेंट की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो गए हैं आपको बता दें कि आशाकीय स्कूलों की पूरी कमान स्कूल प्रबंधन के पास होती है लिहाज़ा उन पर भी सवाल खड़े होते है।
इस पूरे मामले की जांच ही नही होनी चाहिए बल्कि जल्द से जल्द जो भी नियमो के विपरीत हुवा हो उसको अमल मैं लाते हुए एक्शन होना चाइए शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय जी
ये बात आग की तरह फेल रही है कि
लाक डाउन के बीच यदि खेल खेला गया जिसकी निंदा हो रही है
ओर बदनाम हो रहा है आपका महकमा।


LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here