अरे भाई देख के चलो ये देहरादून है ! यही रहती है पूरी सरकार!

हमारी डबल इज़न की सरकार आप बुरा ना माने भाई जब बारिश होगी तो सड़कों पर गड्ढे भी तो होंगे ना! तभी तो मेरी सरकार देहरादून की सात किमी सड़क पर लगभग 214 गड्ढे गिनने मे आये तो 31 गड्ढे जानलेवा है।
आपको बता दे कि राजधानी देहरादून की सड़कें आये दिन सड़क दुर्घटना को खुले आम निमंत्रण देती है। अगर सिर्फ आइएसबीटी से घंटाघर तक की सात किमी की दूरी पर नज़र डालें तो जानकारी अनुसार बारिश के कारण 214 गड्ढे बने हुए हैं।  
राज्य की राजधानी देहरादून की सड़कें गड्ढों से सटी हुई है। ओर इन सड़कों से अब सफर करना दुर्घटना को न्योता देना जैसा साबित हो रहा है। आपको बता दे कि सहारनपुर रोड का हाल देखे तो इस मार्ग पर आइएसबीटी से घंटाघर तक महज सात किमी की दूरी पर बारिश के कारण 214 गड्ढे बने हुए हैं। जिनमे से 31 गड्ढे तो जानलेवा साबित हो रहे हैं। ओर हमारा लोक निर्माण विभाग इन मार्ग की सुध लेने को तैयार नहीं क्योकि उनके पास सही और सटीक बहाना आजकल बरसात का जो है। तभी तो सड़कों के गड्ढों को भरने तक का काम शुरू नहीं हुआ है। भगवान मालिक है इन सड़कों पर चलने वालों का।  
आपको बता दे कि जब बारिश ने देहरादून की सड़कों को नुकसान पहुंचाया है। और जगह-जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं। जिस पर आए दिन वाहन चालक रपट कर चोटिल भी हो रहे है।तो जरा सोचे पहाड़ की सड़कों का क्या हाल होगा ।
जानकारी अनुसाए शिमला बाईपास की तरफ आने वाली सड़क सीवर लाइन के कारण लगभग 40 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो रखा है। तो फ्लाईओवर के दूसरी तरफ आइएसबीटी जाने वाले मार्ग पर लगभग छोटे-बड़े करीब 16 गड्ढे बने हैं। निरंजन पुर मंडी से लेकर लालपुल के बीच छोटे-बड़े गड्ढे दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। लालपुल से भूसा स्टोर तक स्थिति थोड़ा ठीक हैं। लेकिन शिवाजी धर्मशाला से लेकर सहारनपुर चौक के बीच 23 छोटे-बड़े गड्ढे दुर्घटना को न्योता दे रहे हैं। 
ठीक इसी तरह सहारनपुर रोड से रेलवे स्टेशन, रॉयल होटल से प्रिंस चौक के बीच तो सड़क गड्ढों के कारण छलनी है। यहां सड़क के हर दूसरे कदम पर गड्ढे हो रखे हैं। रेलवे स्टेशन वाली सड़क और प्रिंस चौक तक दो मीटर से लेकर पांच मीटर तक लंबे-चौड़े और आधा फीट से ज्यादा गहरे गड्ढे वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। और आपको बता दे कि प्रिंस चौक के आसपास क्षेत्र में स्थिति सबसे ज्यादा खतरनाक बनी हुई है। यहां पर लोनिवि ने कुछ हिस्से में ईटें और टाइल्स बिछा कर इन्हें भरने का काम किया है। लेकिन ये सिर्फ जुगाड़ वाले काम है और कुछ नही । प्रिंस चौक से गांधी रोड पर एसएसपी दफ्तर तिराहे, दून दरबार और तहसील चौक के बीच छोटे-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। हालांकि दर्शनलाल चौक, घंटाघर के पास सड़क राहगीरों को सुकून दे रही है। क्योकि यहाँ वीआइपी मुवेन्ट ज्यादा है ना इसलिए । 

सबसे अधिक सड़कों की हालत आइएसबीटी फ्लाईओवर के नीचे और दोनों तरफ एनएच पर, हिल्टान स्कूल के सामने, शिमला बाईपास चौक के पास, मंडी के सामने, मंडी तिराहे पर, भारतीय टावर के सामने, लालपुल, गुरु रोड के सामने, सिद्धार्थ पैलेस के सामने, हरनाम भवन के सामने, मातावाला बाग के पास, शिवाजी धर्मशाला के सामने, मिडो कॉम्पलेक्स से सहारनपुर चौक के बीच, सहारनपुर चौक से आढ़त बाजार, लक्खीबाग पुलिस चौकी के दोनों तरफ, रायल होटल से रोडवेज दफ्तर तक, होटल मिलन पैलेस से प्रिंस चौक के बीच, प्रिंस चौक, द्रोण होटल के सामने, दून दरबार के सामने, तहसील चौक, डिस्पेंसरी रोड के पास अधिक हालत खराब है। आपको बता दे कि ये तो सिर्फ 7 किलोमीटर सड़क की कहानी है अगर इससे आगे निकल गए तो हालात ओर भी बहुत ज्यादा खराब हो रखे है
ये बात नही की लोनिवि के अधिकारी कुछ जानते नही उनको सब कुछ मालूम है पर जवाब ये है कि लगातार बारिश होने के कारण इनको दुरुस्त करना कठिन हो रहा है। ओर इनके पास गड्ढों की मरम्मत को बजट भी है । ओर ऊपर से इनको आदेश भी है कि जल्द सब ठीक करो ये सड़कें । बहराल अब देखना ये होगा कि अभी तो बरसात का रोना रोया जा रहा है आगे बरसात रुकने ओर इनके पास कुछ और कहने को बात होगी या सड़कों जो मिले ज़ख्म ठीक हो जाएंगे

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