पहाड़ के चौकीदार का एक साल रहा बेमिसाल

उत्तराखंड राज्य मे 11 अप्रेल को मतदान होना है भाजपा ने ताबड़तोड़ अपनी स्टार प्रचारको की टीम चुनावी मैदान मे पूरे दम खम के साथ उतार रखी है । पूरी भाजपा की टीम राष्टवाद , मोदी सरकार के 55 महीनों के काम काज को लेकर ओर त्रिवेन्द्र सरकार के 2 साल के विकास के काम काज को लेकर जनता के बीच है। लेकिन इसी बीच आरोप प्रत्यारोप का शोर भी खूब सुनाई दे रहा है।जब कांग्रेस ने भाजपा की माल राज्य लक्ष्मी के विकास के काम काज ओर उनकी सांसद निधि के खर्च पर सवाल उठाए तो भाजपा में भी कांग्रेस पर ताबड़तोड़ हमले करते हुए सोनिया गांधी से लेकर राजबबर ओर प्रदीप टम्टा तक का काम उन्हें गिना दिया ।
ये कहकर की हमारी रानी माला राज्य लक्ष्मी शाह आपके इन तामाम नेताओ से विकास के मामले मे श्रेस्ठ है।
तो वही अगर बात की जाए  राज्य सभा सांसद राज बब्बर ओर प्रदीप टमटा की तो सवाल तो उठता ही है कि आखिर राज्य सभा में जाकर इन्होंने किया क्या।
अब इनको सीखने की जरूरत है पहाड़ पुत्र और राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी से जिनके छह साल के कार्यकाल का पहला साल आज यानी तीन अप्रैल को पूरा   हो गया  है।

आपको बता दे कि लोकसभा चुनाव की आदर्श आचार संहिता लागू होने के चलते उन्हें कामकाज के 11 महीने हो मिल पाए ओर अब तो खुद कांग्रेस के कार्यकर्ता से लेकर नेता और उनके आलोचको से लेकर राजनीतिक विरोधी भी मानते हैं कि पिछले 11 महीनों में उन्होंने एक दर्ज़न वे काम कर दिखाए, जो आज तक उत्तराखंड के किसी भी राज्य सभा सांसद ने सोचा तक ना था पर पर पहाड़ पुत्र बलूनी ने नामुमकिन से माने जा रहे सभी कार्यो को बारीकी से अमिलजाम पहना कर धरातल पर उतारा ।
बलूनी के इन महत्वपूर्ण कार्यो मै पलायन, पिछड़ेपन , बीमार पहाड़ को राहत, शिक्षा , वन ,रेल यातयात के साथ ही बुनियादी समस्याओं का सामना कर रहे पहाड़ की जनता के लिए किसी मरहम से कम नही और उन सब जनप्रतिनिधियों के लिए आईना की देखो ऐसे किया जाता है काम काज ।
अनिल बलूनी राज्य सभा सांसद बनने से पहले ही राज्य के विकास कार्यों के प्रति सक्रिय, सतर्क और महत्वपूर्ण मुद्दों पर संवेदनशील के साथ अपनी पारखी नज़र रखते थे और राज्य सभा सांसद बनने के बाद उन्होंने अपने सभी अनुभवों का मिश्रण कर राज्य हित मे प्रयास किये काम किये जो आज धरातल पर है ।
आपको बता दे कि राज्य के बड़े बड़े नेता फिर चाहे वे भाजपा के रहे हो या कांग्रेस के सभी की अपने अपने समय मे
या कह लीजिए अपने सरकारों के समय केंद्र के हर नेताओ के साथ अच्छे मधुत सबंध थे पर वे राज्य हित मे कुछ भी ख़ास ना कर पाए।
पर भाजपा में राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख की जिम्मेदारी निभा रहे पहाड़ पुत्र बलूनी ने भविष्य के राजनेताओं के सामने एक नई लकीर खीच कर ये बताने का काम किया है कि केंद्रीय नेतृत्व और केंद्रीय मंत्रियों से मधुर रिश्तों का लाभ , ऊपर सही तर्क देकर ब्लू प्रिंट बनाकर कैसे ओर किस तरह से जनता को लाभदिलाया जा सकता है।
आज अनिल बलूनी को बहुत करीब से जानने वाले लोग कहते है कि अपने समकक्ष जनप्रतिनिधियों के लिए वे मिसाल बनते जा रहे है ।
उनको राज्य की पूरी भौगोलिक जानकारी के साथ मुद्दों की समझ, परख है ।और उनके निरंतर प्रयासों और सियासी संबंधों से देवभूमि का विकास और राज्य के लोगों के विकास के लिए किस तरह से कुछ अलग किया जा सके जो धरातल पर जल्द उतरे जिसमे सबका साथ सबके विकास को सार्थक किया जा सके उस मुहिम में लगे रहते है जो उनको सबसे अलग बनाती है।
वही मीडिया में न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. महेश कुड़ियाल नर बताया कि बलूनी ने सांसद चुने जाने के दिन से ही लीक से हटकर फैसले लेने आरंभ कर दिए। ये बलूनी ही हैं, जिन्होंने सांसद बनने के बाद कार्यकर्ताओं को होर्डिंग, पोस्टर, अभिनंदन और स्वागत समारोह करने से साफ मना कर दिया।
उन्होंने पहला वेतन राजकीय अनाथालय के बच्चों के कल्याण के लिए दान कर दिया। सांसद निधि का इस्तेमाल नाली खड़ंजों पर खर्च करने की परंपरा को तोड़ा और इसका इस्तेमाल बड़े कार्यों पर करने की एक नई रिवायत शुरू की।
आइये ओर जानिए की मात्रा 11 महीने में क्या 12 काम किये इस पहाड़ के चोकीदार ने

1.  नैनी दून एक्सप्रेस का संचालन
2. राज्य को एनडीआरएफ  की पृथक बटालियन का आवंटन
3. कोटद्वार और उत्तरकाशी चिकित्सालयों में आईसीयू की स्थापना
4. पौड़ी के बौर गांव को गोद लिया
5. सेना और अर्द्धसेना के अस्पतालों में आम जनता का उपचार
6. आईटीबीपी के अस्पतालों में उपचार प्रारंभ कराया
7 विशिष्ट बीटीसी शिक्षकों की पैरवी, समाधान अंतिम चरण में पहुंचाया
8 मसूरी पेयजल योजना के लिए 187 करोड़ स्वीकृत कराए
9. तीलू रौतेली व माधो सिंह भंडारी के स्मारकों को पुरातत्व विभाग से संरक्षित करवाना
10. टनकपुर-बागेश्वर से गैरसैंण-कर्णप्रयाग रेललाइन के सर्वे के लिए धन स्वीकृत कराना
11. रामनगर में आधुनिक बस पोर्ट की स्थापना
12. राज्य के लिए पृथक दूरदर्शन चैनल प्रारंभ करवाना
वही
-सांसद निधि से ऋषिकेश एम्स और सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी में रैन बसेरे बनाने की घोषणा
-नैनीताल पेयजल योजना के लिए केंद्र सरकार से धनराशि स्वीकृति का प्रयास
-ऋषिकेश में बसपोर्ट बनाने के लिए पहल।
मीडिया में पहाड़ पुत्र बलूनी से जब सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस वित्तीय वर्ष में चुनाव अधिसूचना के कारण 11 महीने ही कार्य करने को मिले। ओर अगले वित्तीय वर्ष में लगभग साढ़े 10 माह मिल पाएंगे। लेकिन आप विस्वाश रखे ओर आगे देखते जाइये मैं पूर्ण ऊर्जा के साथ नए लक्ष्य निर्धारित करूंगा। महत्वपूर्ण नीतियां बन रही और आने वाले समय मे मेरे लक्ष्यों में वे सभी कार्य हैं, जो राज्य के लिए मील का पत्थर साबित होंगे।
बहराल पहाड़ के इस चौकीदार को बहुत बहुत सुभ कामनाये की आप लगातार राज्य हित मै लगातार कार्य करते रहे।

बोलता उत्तराखंड की पहाड़ पुत्र अनिल ब्लूनी  को बहुत बहुत सुभ कामनाये ।





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