पहाड़ की विरासत को बचाने आगे आये पहाड़ पुत्र अनिल बलूनी
अब तीलू रौतेली और माधो सिंह भंडारी से जुड़ी धरोहरों का संरक्षण करेगा पुरातत्व विभाग
आपको बता दे कि राज्यसभा सांसद और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख पहाड़ पुत्र अनिल बलूनी ने उत्तराखंड की दो विभूतियों वीरांगना तीलू रौतेली और वीर माधो सिंह भंडारी से जुड़े स्मारकों को पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित किये जाने के संबंध में केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन राज्य मंत्री (स्व. प्रभार) महेश शर्मा से महत्वपूर्ण भेंट की. जिसके बाद मंत्री ने पहाड़ पुत्र बलूनी के अनुरोध को स्वीकार कर विभागीय सचिव को जल्दी ही अग्रिम कार्रवाई हेतु निर्देशित किया. पहाड़ पुत्र अनिल बलूनी ने कहा कि उपरोक्त दोनों विभूतियाँ उत्तराखंड की संस्कृति, इतिहास, गौरव और स्मृतियों की महत्वपूर्ण विरासत हैं.


आपको बता दे कि पहाड़ पुत्र अनिल बलूनी ने कहा की अब उपरोक्त दोनों विभूतियों से जुड़ी धरोहरों को पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित किया जायेगा, जो कि राज्य के लिए बड़ी सौगात है. पौड़ी गढ़वाल के ईड़ा गाँव, गुराड़ तल्ला और चौन्दकोटगढ़ इन तीन स्थानों पर उनसे स्मृतियों के भवन और अन्य निर्माण जो जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है, उन्हें संरक्षित किया जायेगा. तीलू रौतेली जैसी प्रेरक विभूति और अदम्य साहसी वीरांगना से जुड़े स्मारकों का संरक्षण उत्तराखंड की संस्कृति और विरासत को सहेजना है. ये बात पहाड़ पुत्र अनिल बलूनी ने कही।
साथ ही सांसद पहाड़ पुत्र बलूनी ने कहा की माधो सिंह उत्तराखंड की वीर गाथाओं के अग्रणी नायक है. उनके शौर्य, पराक्रम के गीत पर्वतीय अंचलों के रीति रिवाज़ों, त्योहारों और उत्सवों के अभिन्न अंग है. अपने इकलौते पुत्र की बलि देकर चंद्रभागा नदी का पानी सुरंग के माध्यम से मलेथा गाँव (टिहरी गढ़वाल) की उसर भूमि को उपजाऊ बनाया. आज भी माधो सिंह भंडारी द्वारा निर्मित नहर उस क्षेत्र को धन-धान्य से परिपूर्ण करती है.
इस मौके पर सांसद पहाड़ पुत्र अनिल बलूनी ने केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा का आभार जताते हुए कहा, कि उनके इस निर्णय से ये स्थान पर्यटन के मानचित्र पर उभरेंगे. राज्य में आने वाले पर्यटक हमारी प्रेरक विभूतियों और उनकी वीरगाथाओं से परिचित हो सकेंगे. उत्तराखंड देवभूमि है. यहाँ के कण-कण में इतिहास बिखरा हुआ है. राज्य के अनेक ऐतिहासिक स्थान पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित हैं, उनके रखरखाव का बजट बढ़ाने की भी आवश्यकता है, यह अनुरोध भी माननीय मंत्री से किया गया है।
बहराल जिस तरह से लोकप्रिय पहाड़ पुत्र अनिल बलूनी लगातार राज्य के लिए जनहित के लिए प्रयास कर रहे है उससे उत्तराखंड के मैदान से लेकर पहाड़ तक कि जनता बलूनी से खुश है । तो दूसरी तरफ पहाड़ पुत्र अनिल बलूनी के राजनीतिक विरोधी भी अब इस फिराक मे है कि कैसे बलूनी को नुकसान पहुचाया जाए उनकी लोकप्रिय छवि को खराब करने के लिए षड्यन्त्र भी कर सकती है जिसके लिए सोशल मीडिया का दुरुपयोग भी किया जा सकता है ।इसलिए बलूनी जी सावधान आपके राजनीतिक विरोधी सामने से तो कुछ कर नही सकते ।पर आपके पीठ पीछे आपको राजनीतिक नुक़सान पहुचाने के अरमान पाल कर बैठ गए है।



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