विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल का रैबार : इगास मनाने जा रहे है सांसद अनिल बलूनी के पैतृक गाँव , तो मंत्री हरक सिंह भी बोले बेबाक

*स्पीकर इगास मनाने जाएंगे अनिल बलूनी के पैतृक गाँव*

उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष श्री प्रेमचंद अग्रवाल ने दीपावली के 11 दिन बाद मनाए जाने वाले इगास-बग्वाल पर्व की प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। श्री अग्रवाल ने कहा है कि इगास-बग्वाल पर्व हम सभी के जीवन में नया प्रकाश लेकर आए और हमारा प्रदेश सदा सुख, समृद्धि और सौभाग्य से आलोकित रहे।

विधानसभा अध्यक्ष ने अपने संदेश में कहा है कि उत्तराखंड की सभ्यता, संस्कृति और पर्व-त्योहार को मनाने का तरीका अपने आप में अनूठा है उन्होंने कहा कि इगास पर्व के दिन वर्षों से चली आ रही परंपराओं को निभाया जाता है।देवभूमि में इस दौरान भैलो खेलने का रिवाज है जोकि खुशियों को एक दूसरे के साथ बांटने का माध्यम है।इस दिन रक्षा बंधन पर हाथ पर बंधे रक्षासूत्र को बछड़े की पूंछ पर बांधकर मन्नत पूरी होने के लिए आशीर्वाद मांगा जाता है।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा है कि ज्योति पर्व दीपावली का उत्सव इसी दिन पराकाष्ठा को पहुंचता है, इसलिए पर्वों की इस शृंखला को इगास-बग्वाल नाम दिया गया।विधानसभा अध्यक्ष ने सभी से पर्व को मनाए जाने का आह्वान किया है जिससे कि आज की पीढ़ी हमारी संस्कृति को समझ और जान सके एवं हमारी लुप्त होती संस्कृति को बचाए जा सके।

अवगत कराना है कि विधानसभा अध्यक्ष कल 8 नवम्बर को इगास मनाने सांसद अनिल बलूनी के पैतृक गांव नकोट, कंडवालस्यु जाएंगे। ये गांव पौड़ी जनपद के कोट ब्लाक में स्थित है।


वहीं उत्तराखंड के वन मंत्री हरक सिंह रावत अपने पैतृक गांव मैं ओर मंत्री अरविंद पांडे अपने पैतृक गांव मै इगास ,बंगवाल मानने कल पहुच रहे है और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी के अस्वस्थ होने के कारण उनके मित्र भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा सहित कई दिग्गज नेता कल अनिल बलूनी के पैतृक गांव मे इगास ओर बंगवाल का त्योहार मनाएंगे आपको बता दें कि अस्वस्थ होने से पहले अनिल बलूनी ने एक मुहिम चलाई थी कि अबकी बार इगास का त्यौहार हम अपने गांव बनाएंगे


ओर जनता से भी निवेदन किया था लेकिन अस्वस्थ होने के कारण उत्तराखंड के राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी अपने गांव नहीं पहुंच पा रहे हैं जिस कारण उनके मित्र और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता साबित पात्रा सहित कई दिग्गज नेता अनिल बलूनी के गांव जाकर इगास मनाते हुए नजर आएंगे और वहां से एक रेबार देने की कोशिश होगी कि हमको अपनी जड़ों से जुड़े रहना है जब जड़े हैं तब ही हम हैं आओ अब समय आ गया है हम सब मिलकर रिवर्स पलायान करे।
आपको बता दें इससे पहले कल वन मंत्री हरक सिंह रावत ने तो यह तक कह दिया था कि यदि हम ही राजनेता हम ही मंत्री या अन्य राजनीतिक दलों के नेता जब खुद ही अपने गांव नहीं जाएंगे उनके दुख-सुख में नहीं खड़े होंगे तो फिर इस बढ़ते पलायान को कोई नहीं रोक सकता देहरादून में बैठकर पलायान की बात करने से और पलायान के लिए कुछ लिखने से कुछ नहीं होने वाला साथ ही बेबाक बोलते हुए वन मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा था कि राज्य के सभी उत्तराखंड के अधिकारियों को सरकारी कर्मचारियों को बार त्यौहार में अपने गांव जाना चाहिए यही नहीं वन मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा था कि गांव में अगर किसी विधायक की मंत्री की पूर्व मंत्री की या किसी भी पार्टी के नेता की जमीन बंजर पड़ी है तो उसको उजाड़ से बचाना चाहिए अगर खुद कुछ नहीं कर सकते तो कम से कम गांव के लोगों से ही उस पर हर लगवाना चाहिए कम से कम अगर आप कुछ नहीं कर सकते तो गांव के लोगों को आपके   दिए  पैसों से रोजगार तो मिल जाएगा तभी हम कह सकते हैं कि बढ़ते पलायान पर लगाम लगेगी वरना बोलने से कुछ नहीं होने वाला ।

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