अनलॉक-04: तो ठीक है पर ढील से त्रिवेंद्र  सरकार की बढ़ी चुनौती तो आपकीं भी परीक्षा की घड़ी

अनलॉक-04 में राज्य सरकार ने बेशक केंद्र सरकार की तरह ढील दी है, लेकिन इसके साथ ही उसकी चिंताएं बढ़ी है।

अपना उत्तराखंड राज्य सीमित संसाधनों वाला है और अपने इसी उत्तराखंड में अभी आवाजाही को बहुत ही सुनियोजित तरह से नियंत्रित किया गया था,
ताकि कोविड लोड वाले शहरों से लोगों की आवाजाही पर निगाह रखी जा सके।
लेकिन अब राज्य की सीमाएं खुल जाने से सरकार के सामने चुनौतियां भी बढ़ती दिखाई दे रही है

बता दे कि
सबसे बड़ी चुनौती कांटेक्ट ट्रेसिंग की होगी।
ओर स्वास्थ्य विभाग का इस पर सबसे अधिक फोकस है
ताकि कोविड के संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

वही अनलॉक चार में ये काम बढ़ने जा रहे है जैसे
रजिस्ट्रेशन की संख्या बढ़ेगी . रिपोर्ट की सत्यापन करने का काम बढ़ेगा।
मामले आएंगे तो उनके कांटेक्ट ट्रेसिंग करनी होगी।
मामले बढ़ने से कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़ेगी।
अस्पतालों में आक्सीजन वाले बेडों की संख्या बढ़ानी होगी। . वेंटीलेटर की सुविधा और स्टाफ की संख्या भी बढ़ेगी।


. पुलिस और प्रशासन का कार्य बोझ बढ़ेगा।

हम सभी जानते है कि आर्थिक गतिविधियों को चालू रखने के लिए अनलॉक की ओर जाना भी जरूरी है।
(लेकिन अनलॉक होगा तो इससे काम बढ़ेगा।)
अस्पतालों में अधिक बेड, ऑक्सीजन, वेंटीलेटर की सुविधा बढ़ानी होगी। अतिरिक्त स्टॉफ तैनात करना होगा।
जिसे त्रिवेंद्र सरकार प्रथमिकता के आधार पर सबसे पहले करेगी
लेकिन आप से भी निवेदन करती है कि आप जरा सी भी लापरवाही ना करें
खुद का भी ध्यान रखें और अपनो का भी ध्यान रखें
कोरोना काल के नियमों का पालन करें मास्क पहन कर हीं घर से निकले ,
समय-समय पर हाथ धोते रहे हाथों को सेनेटाइज करते रहे
ओर बेवजह घर से बाहर ना निकले


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