आपको बता दे कि ख़बर है कि भारतीय चिकित्सा संघ के बैनर तले निजी चिकित्सालयों की हड़ताल को देखते हुए अब सरकारी अस्पतालों में तैनात चिकित्सकों व सहायक स्टाफ की छुट्टियों पर रोक लगा दी गई है।जी हां आपको बता दे कि इसके साथ ही सभी सरकारी चिकित्सालयों को अब 24 घंटे खोलने के निर्देश दिए गए हैं। आपको बता दे कि सरकार ने एक्ट में पंजीकृत होने के बावजूद तालाबंदी में शामिल अस्पतालों को सील करने के निर्देश भी दे दिए हैं।
ख़बर है कि स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. ताराचंद पंत ने बताया कि सभी अस्पतालों के अधिकारियों को मरीजों को आवश्यक उपचार व सुविधाएं उपलब्ध कराने और अपरिहार्य स्थिति से निपटने के लिए 108 एंबुलेंस तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने ये भी बताया कि इमरजेंसी के लिए विभाग के वरिष्ठ निदेशकों को गढ़वाल व कुमाऊं मंडल और देहरादून जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ जानकारी ये है कि प्रदेशभर में एक्ट में पंजीकरण न कराने वाले अस्पतालों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है।
यही नही इसके साथ ही एक्ट में पंजीकरण कराने के बावजूद तालाबंदी में शामिल हो रहे अस्पतालों को भी सील किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दून में अब तक दो अस्पतालों को सील किया जा चुका है, जबकि 66 पर नोटिस चस्पा किए गए हैं। ।

वही बड़ी खबर
ये भी है कि

कल विपक्ष सदन में निजी डॉक्टरों की हड़ताल का मुद्दा जोरो से उठाएगा ओर
कांग्रेस नियम 310 के तहत सदन मै मुद्दे को उठाने का प्रयास करेगी
निजी अस्पतालो ने क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट का मुद्दा



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