आज़ादी से अब तक नही पहुँची सड़क ओर उस गाँव के नेता है सीएम!

लगता है राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत इतने व्यस्त है कि वो अपनी विधानसभा डोईवाला की जनता का दर्द भूल ही गए है चलिए हम याद दिला देते है उनको हम बात कर रहे है मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के विधानसभा क्षेत्र डोईवाला की ओर बात है यह पर विकास को तरसते गाँव की जी हा सनगांव मोटर मार्ग को आजादी से लेकर अब तक नहीं बनाया जा सका है।     

आपको बता दे कि पहाड़ी क्षेत्र के खतरनाक ओर जोखिम भरे कच्चे रास्ते ,उबड़-खाबड़ मार्ग पर चलकर यहां के गांवों की सैकड़ों लोगों की जिदंगी रेंगते हुए आगे बढ रही है। पर इस ओर आज तक किसी का ध्यान गया नही है और गया भी है तो सिर्फ बनाते है बनाते है तक बात रुक जाती है आलम ये है कि बरसात के दिनों में आये दिन मार्ग बहने से इस क्षेत्र के कई गांवों का संपर्क थानो और भोगपुर से टुट जाता है। ओर बीमार जनता से लेकर बुजुर्ग ओर छात्र ओर छात्रा परेशान हो जाते है आपको बता दे की चुनाव के दौरान डोईवाला से चुनाव जीतने से पहले मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत थार वाहन (4 वॉय 4) में बैठकर सनगांव क्षेत्र में भ्रमण पर गए थे। लेकिन उनका वाहन सनगांव कच्चे मार्ग में फंस गया। था घंटों की मेहनत के बाद वाहन को वहां से निकाला गया था तब मुख्यमंत्री ने यहां के लोगों से वादा किया था कि उनके क्षेत्र में पक्की सड़क जरूरी बनेगी। पर लगता है सरकार भूल गए है। आपको बता दे कि लोनिवी ने जाखन पुल से सनगांव के पास तक लगभग 5 किलोमीटर मार्ग बनाया है लेकिन इससे आगे मार्ग अभी तक नहीं जा सका है। अभी भी नाहीकला तक लगभग 11 किलोमीटर कच्चे मार्ग पर सड़क बनाई जानी बाकि है। ओर जब जब कोई नेता वहां तक जाता है तो गांव के लोग पहले तो सभी सरकारो को कोसते है कि उनकी मांग आज तक किसी ने पूरी नही करी फिर सारा गुस्सा त्रिवेन्द्र रावत पर उतरता है  
वे कहते है कि तमाम सरकारों ने उनकी समस्याओं की अनदेखी की है। ग्रामीण भूषण तिवारी, किरण पुण्डीर, निर्मला देवी, अतुल पुण्डीर आदि ने कहा कि आजादी के बाद से अब तक सड़क के लिए संघर्ष चल रहा है। लेकिन अभी तक किसी भी नेता ने यहां ध्यान नहीं दिया है। तबीयत खराब होने पर मरीज को कंधों पर लादकर ईलाज के लिए शहर ले जाना पड़ता है। क्योकि सड़क न बनने के कारण इस क्षेत्र में कोई वाहन नहीं पहुंच पाता है। ग्रामीणों की मांग है कि जल्द ही सनगांव मोटर मार्ग के अधूरे कार्य को पूरा किया जाए। नही तो गाँव वाले अब उग्र आंदोलन करेगे
आपको बता दे कि अभी तक सनगांव मोटर मार्ग को प्रथम चरण में 5 किलोमीटर तक बनाया गया है। बाकि मार्ग के लिए वन विभाग से लैंड ट्रांसफर की कार्रवाई की जा रही है। पर अभी तक कुछ खास नही हुवा कार्यवही कागजो मे दम तोड़ रही है डबल इज़न की सरकार बनने के फायदे चुनाव से पहले पीएम मोदी भी भाषण मे जनता को बता गए थे सरकार बन गयी पर जनता को वो फायदे नज़र नही आ रहे है और उस जनता की भी क्या गलती जिस्को जिसकी जरूरत है वो काम ही विकास का ना हो तो सरकार डबल इज़न की हो या बिन इंजन की उनको इससे फर्क नही पड़ता उनको तो सिर्फ अपने काम से मतलब है बहराल मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत जी आप से उम्मीद है कि आप जल्द गाँव के अंदर तक सड़क पहुँचा देगे ओर अपना वादा निभाएगे क्योकि चुनाव जब फिर होंगे तो वोट मांगने आपको जाना फिर वही है

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