आप सिर्फ त्रिवेन्द्र रावत नही मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत है

राज्य के मुख्यमंत्री और उनकी सरकार का जनता दरबार हर बार चर्चाओं का विषय बन जाता है जरा याद करे कुछ समय पहले बीजेपी कार्यलय मे लगे जनता दरबार मे एक व्यक्ति दुखी होकर जहर खा कर आया और इलाज के दौरान उसकी मौत हो जाती है उस समय बीजपी नेता ओर मंत्री सुबोध उनियाल को जमकर मीडिया में उछाला गया तो बीजेपी के जनता दरबार पर कही सवाल खड़े हुए ओर बीजेपी की छवि धूमिल भी हुई जैसे तैसे मामले को ठंडे बस्ते में डाला गया लेकिन आज एक बार फिर
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के जनता दरबार में उस समय हंगामा हो गया जो सूत्र बोल रहे है कि जब उत्तरकाशी में तैनात प्राइमरी स्कूल की एक महिला ने अपनी समस्या बताने के लिए मुख्यमंत्री के जनता दरबार में महिला खड़ी हुई वैसे ही महिला ने CM और आस पास बैठे अधिकारियों को नेताओ की बीवीओ व परिजनो के स्थानांतरण का हवाला देते हुए लताड़ लगानी शुरू कर दी। सूत्रों के अनुसार पीड़ित महिला काफी सालों से सूदूर उत्तरकाशी के प्राइमरी स्कूल में तैनात है और लंबे समय से महिला अपने स्थांतरण की मांग कर रही थी।
CM के जनता दरबार में लगभग 150 से ज्यादा लोगों की भीड़ थी कि अचानक महिला का शोर शराबा जैसे ही हुआ वैसे ही पूरे जनता दरबार में अफरा-तफरी का माहौल हो गया पुलिस प्रशासन इससे पहले कुछ समझ पाते की महिला ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को भी उनकी बीवी की देहरादून में तैनाती व रसूख़दार शिक्षकों के स्थानांतरण की बात करने के साथ खूब खरी-खोटी तब तक सुना दी थी तुरंत महिला पर महिला पुलिसकर्मी  ने काबू पाने की कोशिश की ओर मुखिया के आदेश पर उन्हें जनता दरबार से बाहर ले कर आ गए बाहर जाते जाते भी पीड़ित महिला ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को चोर उचक्का तक कह दिया बस स्याद यही पर सीएम सर भूल गए कि वो अब सिर्फ बीजपी के नेता ही नही है बल्कि राज्य के मुख्यमंत्री भी है ओर अपनी बात गलत अंदाज़ में रखने वाली राज्य की जनता है ना कि बीजेपी का कोई नेता या नेत्री जिसे वो कुछ भी बोल दे क्योकि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत ने उसी समय इस शिक्षिका को बर्खास्त करने का फ़रमान जारी करने को ही नही कहा बल्कि उसकी गिफ्तारी तक कि बात कह दी क्योंकि इस हंगामे के बाद
जनता दरबार मे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने तुरंत अधिकारियों को महिला के निलंबन के ऑर्डर जारी करने के निर्देश दिए हैं इसके साथ ही सीएम ने महिला को गिरफ्तार करने  को भी  कहा  अब बोलता है उत्तराखण्ड की इन महिला टीचर ने जिन जिन शब्दों का प्रयोग किया वो गलत है चाहे महिला किसी भी हाल में परेशान क्यो ना हो उनको यहा पर भी सयमं रखना चाइए था ओर अपनी बात अपने प्रोफेशनल के हिसाब से वो रखती आगे सीएम क्या बोलते ओर ना कुछ बोलते तो मीडिया था वहां पर वो महिला टीचर फिर मीडिया के आगे अपनी बात रखने को स्वत्रंत थी इसलिए हम उनके तरीके से सहमत नही फिर चाहे उनकी मजबूरी जो भी रही हो पर सवाल यहा पर खड़ा होता है कि क्या हो गया था सीएम सर को वो कैसे भूल गए कि सरकार से नाराज लोगो की बात हो या राज्य की किसी भी जनता की फिर चाहे वो बीजेपी को पसंद करने वाला हो या ना पसंद करने वाला फिर किसी ने बीजेपी को वोट दिया हो या नही पर सरकार बीजेपी की बनी है और मुख्यमंत्री खुद त्रिवेन्द्र रावत है और ये सरकार राज्य की पूरी जनता की सरकार है उनकी भी जो अन्य दलों को पसंद करते है ओर उनकी भी जो बीजेपी को पसंद करते है पर राज्य का मुखिया सबके लिए बराबर होता यानी पूरे राज्य की जनता का अब इन महिला की बात को सुनकर चाहे उन्होंने कितने भी गलत अंदाज़ में अपनी बात रखी हो पर राज्य के एक मुख्यमंत्री को उस समय विवेक शील होना चाइए था सयंम रखना था क्योकि त्रिवेन्द्र रावत की छवि खराब करने का आये दिन प्रयास भी खूब होता है और हुवा यही आग में घी डालने का काम सरकार ने स्वयं कर दिया जो सूत्र बोलते है क्योकि मुखिया का जनता दरबार जरूर था पर साथ मैं वो लोग भी थे जो राज्य सरकार से वेतन व मोटी तनख्वा लेते है तो वो लोग भी थे साथ मे जो रोजना सरकार से चिपके रहते है सबको ये बताने के लिए की हम ही है रावत जी के सबसे खास पर आज जब महिला टीचर सीएम से नाराज़ थी या कह लो व्यवस्था से नाराज़ थी तो इन लोगो ने सीएम को खुद आगे कर सीएम की छवि को वहां रहते ही ओर खराब करने का काम कर दिया फिलहाल हम तो यही कहेंगे कि सीएम सर आप अब सिर्फ त्रिवेन्द्र रावत नही मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र रावत हो इसलिये आपके आगे ओर भी भड़ास राज्य की जनता निकाल सकती है फिर चाहे वो आपकी सरकार से नाराज़ हो या पिछली सरकारों से या सिस्टम से या फिर कोई हो षडयंत्र क्योकि आपको तो अपने कुनबे के कुुछ   नेता तब से ही पसंद नही करते जब   से आप मुख्यमंत्री बने हो लिहाज आप खुद मौका ना दे दुसरो को बात बढाने का क्योकि सच तो एक दिन सामने आ ही जाता है पर आपको भी सयंम का ख्याल रखना होगा क्योकि कही आने वाले दिनों मैं ये ना हो कि आपकी इस आदत को पकड़कर भविष्य मे कोई आपकी कुर्सी के पीछे ना पड़ जाए मतलब रचने वाले रच सकते है बड़ा षडयंत्र !!!

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