आने लगी है आवाज़ बलूनी है जरूरी!

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख और उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी राज्य के प्रति अपनी राज्य सभा सांसद के तोर पर अपनी जिमेदारियो को किस तरह निभा रहे है ये उनसे आने वाली ओर वर्तमान राज्य सभा सांसद सीखे .          आपको बता दे कि हाल ही मे
पौड़ी जनपद में धूमाकोट के निकट हुई भीषण बस दुर्घटना के बाद अनिल बलूनी ने निर्णय लिया था कि वो अपनी सांसद-निधि के माध्यम से प्रदेश की स्वास्थ्य योजनाओं के उच्चीकरण में अपना योगदान देगे और प्रतिवर्ष दो से तीन आईसीयू की स्थापना करेगे बलूनी जो कहते है उसे जल्द से जल्द धरातल पर उतारने को बेताब रहते है उन्होंने इस बारे मे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत से भी चर्चा की थी। जिसके बाद सीएम ने अनिल बलूनी को आश्वासन दिया है कि इन केंद्रों के संचालन हेतु पर्याप्त चिकित्सक और ट्रेंड स्टाफ उपलब्ध कराया जाएगा। ओर राज्य के दुर्गम क्षेत्रों में गंभीर रोगियों को हायर सेंटर स्थानांतरित करने में दिक्कतें आती हैं। विशेषकर गंभीर रूप से बीमार और घायल लोगों को लेकर समस्या रहती है। अस्पतालों में आईसीयू की सुविधा ना होने से उनका महत्वपूर्ण जीवन संकट में पड़ जाता है। अनिल बलूनी ने
मुख्यमंत्री का आभार जताता है कि उन्होंने मेरे प्रस्ताव पर सहमति जताते हुए इन आईसीयू सेंटरों के सुगम संचालन के लिए चिकित्सक और ट्रेंड स्टाफ उपलब्ध कराने की बात कही है। अब सबसे बड़ी बात ये है कि
इस वर्ष तीन आईसीयू सेंटर की स्थापना हेतु के लिए तीन नगरों कोटद्वार (जिला पौड़ी), रामनगर (जिला नैनीताल) और उत्तरकाशी का चयन किया है। आधुनिक तकनीक और बेहतरीन चिकित्सीय उपकरणों से युक्त इन सभी आईसीयू सेंटरों में चार से पांच बेड और कम-से-कम दो वेंटिलेटर होंगे। कोटद्वार और रामनगर के अस्पताल का विस्तृत प्रपोजल भी प्राप्त कर लिया गया है। जल्द ही इन केन्द्रों का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। अनिल बलूनी ने कहा कि वो स्वयं समय-समय पर इन केन्द्रों के निर्माण कार्य की मॉनिटरिंग करते रहेंगे ये काम जल्द से जल्द शुरू हो सकें और आसपास के क्षेत्रों के रोगियों को इसका तत्काल लाभ मिल सके। यही नही बलूनी ने कहा कि आने वाले वर्ष में अन्य दूरस्थ नगरों का चयन किया जाएगा। अनिल बलूनी ने कहा कि इन तीनों केंद्रों का चयन बहुत सोच विचार करके किया गया है। प्रयास है इन केंद्रों की स्थानीय आबादी के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के नागरिक जो सुगमता से इन केंद्रों में आ सकते हैं उन्हैं इन सुविधाओं का लाभ मिल सके।आगामी वर्षों में भी प्रयास होगा कि राज्य के सभी महत्वपूर्ण नगरो/कस्बों में यह सुविधाएं आच्छादित हो सकें। साथ ही राज्य सभा सांसद बलूनी ने कहा कि इस सम्बंध में सांसद निधि की राशि जल्दी ही जारी कर दी जायेगी।.               ताकि जनता को शीघ्र इन सुविधाओं का लाभ मिलना प्रारंभ हो सके। ये तो थी अनिल बलूनी की बात लेकिन अब बोलता है उत्तराखंड कि अनिल बलूनी राज्य के विकास के लिए पहाड़ के दर्द को दूर करने के लिए ईमानदारी और तत्परता से काम कर रहे है जो ख़बर बोलता उत्तराखंण्ड के पास है ओर बोलता उत्तरखण्ड ने जो हाल ही मे सर्वे किया उसके अनुसार यदि पहाड़ में अनिल बलूनी का नाम लिया जाता है हमारे द्वारा तो वो कहते है जीतो रहो बेटा मतलब बलूनी को आशीष देते है कोई कहता है कि आने वाले भविष्य मे जिस तरह पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जरनल भुवन चंद्र खंडूड़ी की साख राज्य वासियों के दिल मे है वही प्यार ओर साख जनता के दिलो मे अनिल बलूनी के लिए देखी जाएगी तो क्या मान लिया जाए राज्य को ईमानदार जरनल खडूडी के नाम की तरह ही भविष्य मे अनिल बलूनी का नाम चमकता दिखाई देगा अब ये सब चर्चा पहाड़ में होने लगी है किसी चाय कि दुकान से लेकर परचून की दुकान तक खाने के ढाबे तक ये चर्चा आम बात है आपको ये भी बता दे कि इसके दो महत्वपूर्ण कारण है जिनको आप ध्यान से पढ़ना पहला कारण ये कि विधानसभा चुनाव से पहले ओर चुनाव के दौरान हरीश रावत पर जितना शब्दो से हमला अनिल बलूनी ने किया उतना किसी ने नही ओर उन बयानों के बाद बलूनी बहुत चर्चा मे आगये दूसरी बात पहाड़ की जनता गांव गांव में देश की ख़बर टीवी मे देखती है वो पीएम मोदी की ख़बर हो या सोनिया राहुल की गाँव वाले नेशनल ख़बर ही ज्यादा देखते है उसी के चलते बीजेपी के मीडिया प्रमुख होने के नाते अनिल बलूनी नेशनल मीडिया मे छाए रहते है और पहाड़ आये दिन अनिल बलूनी के बयान को सुनता है उनकी डिबेट ओर इंटरवीयू को देखता है ओर उनको पसन्द करता है बहराल अभी अनिल बलूनी राज्य सभा सासंद है और उनके पास पूरा समय है कि वो राज्य सभा सांसद के तौर पर एक वो नई मिशाल कायम करे किसी की लाइन मिटाने की जगह ख़ुद की लाइन खींचे जो वो कर भी रहे है तो वो दिन दूर नही जब बलूनी है जरूरी के नारे राज्य मे लगते दिखाई देंगे क्योकि आदमी अपने कामो से लोकप्रिय होता है और वो सब गुण अनिल बलूनी मे मौजूद है क्योकि आप खुद सोचिए अनिल बलूनी के पास सिर्फ अभी राज्य सभा सांसद को मिलने वाली सांसद निधि है जिसका सही उपयोग वो करने मे जुट गए क्या आपने अभी तक राज्य सभा संसद राजबबर का नाम सुना कि उन्होंने कुछ किया हो या किसी ओर राज्य सभा सांसद का ओर हम तो कहते है कि इसमें लोकसभा सांसद को भी जोड़ दे तो गलत ना होगा क्योकि पूरे पांच साल होने को है और कोई भी सांसद अपनी बड़ी उपलब्धि मतलब अपनी सासंद निधि का सही उपयोग नही कर सका और अगर किया होगा तो उनको भी आपके आगे रखा जाएगा

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