संकट में त्रिवेन्द्र सरकार :- चेतावनी के बाद भी आंदोलन पर अडिग साढ़े 3 लाख कर्मचारी?

सरकार और शासन सख्त, शिंकजा कसने की ये है तैयारी, अब क्या होगा?

देहरादून। उत्तराखंड में करीब साढ़े तीन लाख कर्मचारियों के आंदोलन पर जाने की चेतावनी से राज्य की त्रिवेन्द्र सरकार संकट में दिखाई दे रही है। इस आंदोलन को रोकने के लिये सरकार और शासन ने सख्ती दिखाते हुए शिंकजा कसना शुरू कर दिया है। शासन ने सभी विभागों को स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों द्वारा की जाने वाली हड़ताल कर्मचारी आचरण नियमावली के अंतर्गत प्रतिबंधित है।
इसी कड़ी में शासन ने उत्तराखंड अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक समन्वय समिति के 31 जनवरी और चार फरवरी को प्रस्तावित आंदोलन कार्यक्रम के तहत किसी भी प्रकार का अवकाश स्वीकृत न करने के निर्देश दिए हैं। कर्मचारियों के इस तरह के तेवरों को देखते हुए अपर मुख्य सचिव कार्मिक एवं सतर्कता राधा रतूड़ी ने सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों को पत्र जारी कर कहा कि हड़ताल राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली के अंतर्गत प्रतिबंधित है। कर्मचारियों के हड़ताल अथवा कार्य बहिष्कार पर जाने से एक ओर आमजन को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है वहीं, शासन की योजनाओं में भी विलंब होता है।
अपर मुख्य सचिव ने उच्च न्यायालय के 29 अगस्त 2018 को दिए आदेशों के अनुपालन में विभाग द्वारा जारी पत्र का भी हवाला दिया है, जिसमें कर्मचारियों की हड़ताल पर रोक लगाने संबंधी आदेश दिए गए हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों को आंदोलनात्मक कार्यक्रमों के अंतर्गत किसी भी प्रकार का अवकाश स्वीकृत न करते हुए इस संबंध में अवकाश नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है।

चेतावनी के बाद भी आंदोलन पर अडिग साढ़े 3 लाख कर्मचारी
सरकारी कर्मचारी आवास भत्ते में बढ़ोतरी किए जाने समेत दस सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन का ऐलान कर चुके हैं।कर्मचारी आंदोलन का नेतृत्व कर रही उत्तराखंड अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक समन्वय समिति ने सरकार के इस कदम पर नाराजगी जताई है। उत्तराखंड अधिकारी-कर्मचारी-शिक्षक समन्वय समिति की ओर से घोषित सामूहिक अवकाश के खिलाफ सरकार की सख्ती का कर्मचारियों पर कोई असर पड़ता नहीं दिख रहा है। सरकार ने हड़ताल को अवैध घोषित करते हुए कर्मचारियों को शामिल न होने को चेताया है, मगर कर्मचारी आंदोलन को सफल बनाने में जुटे हुए हैं।
समन्वय समिति का दावा है कि प्रदेशभर के साढ़े तीन लाख कार्मिक 31 जनवरी को सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। सोमवार को उत्तराखंड अधिकारी-कर्मचारी-शिक्षक समन्वय समिति की बैठक में मुख्य संयोजक ठाकुर प्रहलाद सिंह ने सदस्यों के साथ आंदोलन को सफल बनाने की तैयारियों पर चर्चा की। समिति के संयोजक मंडल में शामिल सचिवालय संघ के अध्यक्ष दीपक जोशी ने कहा कि कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा था कि सरकार सभी कर्मचारी संगठनों के साथ बैठक कर उनकी मांगों का निस्तारण करे। इस संबंध में अभी तक कोई बैठक नहीं हुई है। वहीं, समिति के सदस्यों को नोटिस जारी करने की भी तैयारी है। कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अडिग हैं और किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।


LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here