सूत्रों के हवाले से ख़बर: चीन सीमा लिपुलेख में कारगिल युद्ध के फ्रंट पर रही बटालियन ने संभाली कमान

ख़बर है कि लद्दाख क्षेत्र के गलवां घाटी में चीनी सेना के भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश के बाद से ही पिथौरागढ़ जिले से लगती चीन सीमा लिपुलेख में भी सुरक्षा एजेंसियां चौकस हैंओर यही नही जानकरी अनुसार कारगिल युद्ध में फ्रंट पर रही एक बटालियन ने भी लिपुलेख में कमान संभाल ली है।
तो एसएसबी जवानों ने नेपाल सीमा पर गश्त तेज कर दी है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लिपुलेख सीमा पर नाभीढांग से लिपुलेख तक के 8 किमी के दायरे को भारतीय सुरक्षा बलों ने छावनी में बदल दिया है।
वही सीमा पर चीनी सैनिकों को कड़ी टक्कर देने के लिए कारगिल युद्ध के समय सबसे आगे रही सेना की एक बटालियन को तैनात कर दिया गया है। इसके अलावा सीमा पर पैरामिलिट्री फोर्स भी तैनात है। 
भारतीय सेना की जिस बटालियन को लिपुलेख सीमा पर तैनात किया गया है, वह अपने बेहतरीन युद्ध कौशल के लिए जानी जाती है। कारगिल युद्ध के समय इस बटालियन ने पाक समर्थित आतंकवादियों और पाक सेना को नाकों चने चबवा दिए थे।
ख़बर है कि वहीं नेपाल सीमा पर किसी भी तरह की घुसपैठ को रोकने के लिए भारतीय सुरक्षा बलों की टुकड़ी चौबीस घंटे अपने अत्याधुनिक उपकरणों के साथ गश्त कर रही है।





LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here