आपको बता दे कि अब राज्य की नोकरशाही को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत फटकार लगाते नज़र आएंगे जी हां मुख्यमंत्री , मंत्रियों व आला अफसरों की बैठकों में अफसर व कर्मचारी पूरी तैयारी के साथ अगर नही आएं तो फटकार खाने के तैयार रहें। ये कहना है मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का ।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने साफ किया है कि जो अफसर तैयारी के साथ नहीं आएंगे तो फटकार खाने के भागी बनेंगे। इसके साथ ही अब अगस्त महीने से विभागों की समीक्षा बैठकें मुख्यमंत्री करने जा रहे हैं और वे चाहेंगे कि इन बैठकों में अधिकारी पूरी तैयारी के साथ पहुंचे।
कल देहरादून मे उत्तरांचल पंजाबी महासभा के एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। जब उनसे विभागीय बैठकों में अफसरों को फटकारे जाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों को बैठकों में पूरी तैयारी के साथ आना चाहिए। यदि वे तैयारी के साथ नहीं आएंगे, तो उन्हें फटकार लगेगी ही। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं अगस्त माह से विभागों की समीक्षा बैठकें करने जा रहे हैं। वे भी चाहेंगे कि इन बैठकों में अधिकारी सही जानकारी के साथ आएं।
वही उत्तराखंड पुलिस के सब इंसपेक्टर और इंस्पेक्टरों का वेतन कम किए जाने की खबरों का मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शनिवार को खंडन किया। उन्होंने कहा कि सरकार का ऐसा कोई इरादा नहीं है। ऐसे समाचार प्रकाशित करके न जाने क्यों भ्रम का वातावरण बनाने की कोशिश हो रही है। इसलिए वे इसका खुद खंडन कर रहे हैं कि किसी का वेतन नहीं घटेगा। प्रदेश में सब इंसपेक्टर 4600 और इंसपेक्टर 4800 ग्रेड पे ले रहे हैं। गृह विभाग ने 22 जुलाई को एक बैठक बुलाई है, जिसमें उनके ग्रेड पे की समीक्षा होनी है।


इसके साथ ही मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड सरकार अब 131 दुकानों के लिए कोई ई टेंडर आमंत्रित नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि ये सभी दुकानें उठ नहीं पाई हैं। इसलिए सरकार ने तय किया है कि इन दुकानों के ई-टेंडर नहीं किए जाएं। माना जा रहा है कि इन दुकानों के बंद होने से इस वित्तीय साल में सरकार को लगभग 250 करोड़ रुपये की चपत लगनी तय है।
बहराल अब देखना ये होगा कि राज्य की नोकरशाही ,क्या समीक्षा बैठकों मैं तैयार होकर आती भी है नही।



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