तो क्या सरकार ने मान लिया कि अवैध खनन हो रहा है ? घटित दुर्घटनाओं पर भी सीएम हुए सख्त ,ओर भी बहुत कुछ

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आपको बता दे कि देहरादून एवं हरिद्वार जनपद में विभिन्न स्थानों पर अवैध खनन होने तथा वाहनों द्वारा घटित दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि यह सुनिश्चित किया जाय कि इस तरह की दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने कहा कि सभी जिम्मेदार विभाग यह सुनिश्चित कर लें कि सभी भारी वाहनों को निर्धारित समय के भीतर ही मार्ग पर चलने की अनुमति दी जाय। मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात के दौरान नदियों से बजरी रेत का खनिज चुगान होने की शिकायत को गम्भीरता से लिया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने शिमला बाईपास पर डम्पर द्वारा बालिका को कुचलने की घटना को गम्भीरता से लेते हुए जिलाधिकारी देहरादून की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी बनाने के निर्देश दिये हैं। इस घटना के लिए दोषी अधिकारी/कर्मचारियों पर 15 दिन के अन्दर कठोर कार्यवाही के निर्देश दिये गये हैं।
हरिद्वार जनपद के खेड़ी सिहोहपुर में खनन सामग्री से भरे डम्पर की टक्कर से बाईक सवार दो लोगों मृत्यू हो गई दी इस सबंध में भी मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी हरिद्वार की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय कमेटी बनाने के निर्देश दिये हैं तथा 15 दिन के अन्दर  दोषी अधिकारी/कर्मचारियों पर कठोर कार्यवाही के निर्देश दिये गये हैं।
सीएम हेल्पलाईन में लापरवाह अधिकारियों के विरूद्ध होगी सख्त कार्यवाही – मुख्यमंत्री

बता दे कि  शिकायत मिलने के एक सप्ताह में कुछ न करने पर अब होगी कार्यवाही। अधिकारियों को स्मार्टफोन पर एप से लॉगइन करने की सुविधा मिली।जो अधिकारी सीएम हेल्पलाईन पर शिकायत प्राप्त होने के एक सप्ताह में कोई भी कार्यवाही नहीं करते हैं और बिना समाधान के शिकायत अगले स्तर पर चली जाती है तो ऐसे लापरवाह अधिकारियों के विरूद्ध शासकीय कार्यवाही की जाएगी। शिकायत निस्तारण की केवल खानापूर्ति करने या गलत तरीके से निस्तारण करने वाले अधिकारियों पर भी कार्यवाही की जाएगी। बता दे कि अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने सभी अधिकारियों को पत्र जारी कर सीएम हेल्प लाईन पर प्राप्त जन शिकायतों व जन समस्याओं पर समयबद्ध रूप से कार्यवाही कर रिपोर्ट सीएम हेल्पलाईन पर ऑनलाईन अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि सीएम हेल्प्लाईन पर एल-3 एल-4 स्तर के अधिकारी, शिकायतों को फोर्स क्लोज या स्पेशल क्लोज तभी करें जब बहुत आवश्यक हो, विभागीय कार्यवाही की जा चुकी हो और शिकायतकर्ता से अधिकारियों और कॉल सेंटर द्वारा सम्पर्क किया जा चुका हो।
मांग जैसी प्रतीत होने वाली शिकायतों को फोर्स क्लोज करने की बजाय मांग के रूप में परिवर्तित किया जाए, जिसे भविष्य में आवश्यकतानुसार घोषणाओं के लिए चिन्हित या सम्मिलित किया जा सके।
अधिकारियों की सुविधा के लिए सीएम हेल्पलाईन एप भी उपलब्ध है। कम्प्यूटर के अतिरिक्त स्मार्ट फोन पर भी सीएम हेल्पलाईन एप पर लॉगइन कर सकते हैं। प्रत्येक माह सभी एल 1, एल 2, एल 3 व एल 4 स्तर के अधिकारियों का शिकायतों के निस्तारण के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। हर महीने मुख्यमंत्री या मुख्य सचिव या अपर मुख्य सचिव द्वारा समीक्षा बैठक की जाएगी।

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