मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र की पहाड़ को सौगात , रोजगार के लिए कही ये बात

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मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को जनता इण्टर काॅलेज नैनीडांडा में 1837.56 लाख लागत की नैनीडांडा ग्राम समूह पेयजल योजना का लोकार्पण किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने 133.40 लाख लागत के राजकीय आयुर्वेदिक काॅलेज टकोली खाल व कुणजौली के अनाावासीय भवनों तथा 41.85 लाख लागत के राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय भवन का भी लोकार्पण किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने 86.17 लाख लागत के  विकास खण्ड कार्यालय वीरोखाल के नवनिर्मित भवन के लोकार्पण के साथ ही कुल 1374.15 लाख की  योजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। जिसमें 961.07 लाख की योजनाओं का लोकार्पण तथा 413.08 लाख की योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने धूमाकोट मे सभागार व मिनी स्टेडियम निर्माण, जगदई-किनगौडा मोटर मार्ग निर्माण पटोदिया में औद्यानिकी फार्म नैनीडांडा सी.एस.सी को टेली मेडिशिन से जोड़ने के साथ ही 1983 से संचालित आदर्श संस्कृत महाविद्यालय को अनुदान दिये जाने की घोषणा की।


मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि हमारा प्रयास प्रदेश के सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक तमाम सुविधायें उपलब्ध कराना है। शिक्षा, स्वास्थ्य,सड़क व पेयजल की योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिये योजनायें बनायी जा रही है। युवा नौकरी ढूंढने के बजाय नौकरी देने वाले बने इसके लिए युवाओं को प्रोत्साहित करने के साथ ही उन्हें सुविधायें प्रदान करने की व्यवस्था की जा रही है। पर्वतीय क्षेत्रों में युवा स्वरोजगार से जुड़ेंगे तो पलायन को रोकने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में साथ ही यहां के युवाओं का भविष्य पर्यटन से जुड़ा है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इसे उद्योग का दर्जा दिया गया है। अब प्रदेश में पर्यटन व्यवसाय के लिए उद्योगों की भांति सुविधायें मिलेगी। इससे अधिक से अधिक युवा इन व्यवसाय से जुड सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शुद्ध हवा, जलवायु के साथ ही शांत वातावरण के लिए हमारी अपनी पहचान है। इस वर्ष उत्तराखण्ड आने वाले यात्रियों व पर्यटकों की संख्या 3-4 गुना बढ़ गई है। इस प्रकार प्रदेश में टूरस्टिों की तादात बढ़ रही है। आने वाले समय में जब चारधाम सड़क के साथ ही अन्य सड़कों का निर्माण पूर्ण हो जायेगा इससे पर्यटकों की तादात और बढ़ेगी। हमें उसके लिये व्यवस्थायें भी बनानी होगी अब प्रदेश के हर कोने में प्र्यटकों का आवागमन होगा। आज दिल्ली में 48 डिग्री सेल्सियस तापमान है। जबकि नैनीडाडा वीरोखाल जैसी जगहों पर 28 डिग्री सेल्सियस है। इस प्रकार 20 डिग्री सेल्सियस का सीधा अन्तर है। स्वाभाविक है कि गर्मी से बचाव तथा शुद्ध हवा व जलवायु के लिये लाग यहां आयेंगे। इस प्रकार प्रदेश में पर्यटन व्यवसाय बढ़ाने से युवाओं को आगे आना होगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों से पलायन रोकने के लिए हमे ऐसे उत्पादों पर ध्यान देना होगा। जिन्हें जंगली जानवर नुकसान नहीं पहुंचा सकते है। इसूमें भांग, कण्डाली जैसे उत्पाद विकल्प हो सकते है। पिरूल से बिजली बनाने के प्रयास आरम्भ हो गये है। उन्होंने कहा कि हमारे लोग देश ही नहीं विदेशों मे भी अपनी मेहनत से उत्तराखण्ड को पहचान दिला रहे है। हमारे युवा यदि नौकरी को अपना लक्ष्य न बनाकर स्वरोगार अपनाये तो इससे प्रदेश का भी भला होगा और युवाओं का भी। इस अवसर पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, विधायक महंत दिलीप सिंह रावत क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित थे।

वही मुख्यमंत्री ने राज्य के उपलब्ध संसाधनों से विकास, स्वरोजगार, भांग, कण्डाली की खेती तथा पिरूल से बिजली उत्पादन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका, पोलेण्ड, इजरायल व अन्य देशों में कण्डाली की डिमांड है। इस दिशा में हम कार्य कर उत्तराखण्ड की आर्थिकी को मजबूत कर सकते हैं। विश्व में एक लिटर भांग के तेल कीमत साढे चार लाख रूपये है। कण्डाली एनीमिया, कैन्सर व अन्य बीमारियों में लाभप्रद है। पिरूल से उत्पादित बिजली को सरकार द्वारा साढे सात रूपये यूनिट की दर से खरीदा जायेगा।
मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने ब्रहमलीन माध्वाश्रम जी महाराज की प्रतिभा व व्यक्तित्व के अनुरूप ग्राम बेंजी में संग्रहालय खोलने की बात कही। संग्रहालय हेतु ग्रामीणों को भूमि चिन्हित कर जिलाधिकारी के माध्यम से एस्टिमेट बनाकर भेजने को कहा। उन्होंने कहा कि यहाँ पर ऐसा केन्द्र बनाया जाएगा जिसे देखने के लिए देश विदेश से लोग आए। इससे गांव की आर्थिकी मजबूत होगी।
इस अवसर पर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि माधवाश्रम जी महाराज के व्यक्तित्व में पूर्ण पहाड की झलक दिखाई देती थी। कहा कि उत्तराखण्ड में देवस्थलों को सर्किट से जोडा जाएगा। पहाड को कारपोरेट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा जिससे गावों की आर्थिकी मजबूत होगी। उन्होने कहा कि केदारनाथ में यात्रियों को लाइन में कई देर इंतजार करना पड है, यात्री हवा, धूप, बारिश से बच सके इसके लिए सरकार प्रयासरत है।
विधायक रूद्रप्रयाग भरत सिंह चौधरी ने कहा कि माध्वाचार्य जी उत्तराखण्ड के प्रथम शंकराचार्य थे। बीकेटीसी के उपाध्यक्ष अशोक खत्री, बाल संरक्षण आयोग के सदस्य वाचस्पति सेमवाल, पूर्व विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल, एसपी अजय सिंह सहित जनता व जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन बीना बेंजवाल व गिरीश बेंजवाल द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

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