ख़बर उतराखण्ड से है आपको बता दे कि हरिद्वार के झबरेड़ा क्षेत्र में जहरीली शराब कांड के बाद उत्तराखंड और यूपी पुलिस ने एक दूसरे के इलाके से जहरीली शराब आने के आरोप मढ़ दिए। जिम्मेदारी से बचने की इस कोशिश में दोनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप की जंग शुरू हो चुकी है
इस मामला जब तूल पकड़ा तो दोनों प्रदेशों के मुख्यमंत्री स्तर पर हुई बातचीत के बाद कच्ची शराब बनाने वालों के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई का निर्णय लिया गया है। इसी कड़ी में गढ़वाल के पुलिस महानिरीक्षक अजय रौतेला ने सहारनपुर और मुरादाबाद के पुलिस अधिकारियों से बातकर कार्रवाई की रणनीति तैयार की है।


वही जहरीली शराब के सेवन से उत्तराखंड और यूपी के लोगों को बडे़ पैमाने पर जिंदगी से हाथ धोना पड़ा है। अब तक केवल उत्तराखंड में ही 28 मौते की पुष्टि हो चुकी है। जबकि ख़बर है कि 31 मौत हो चुकी है वही इसके बाद दोनों प्रदेशों की पुलिस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला भी शुरू हुआ।


आपको बता दे कि हरिद्वार पुलिस की जांच में नागल क्षेत्र में एक व्यक्ति का नाम आया तो यूपी की सहारनपुर पुलिस ने जहरीली शराब हरिद्वार जिले से आने का आरोप लगा दिया। सहारनपुर पुलिस ने तो इस बारे में बकायदा प्रेस कांफ्रेंस भी कर डाली। इसके बाद दोनों प्रदेशों की पुलिस में तलवारें सी खिंच गई।
मामला तूल पकड़ा और आला अधिकारियों के जरिए शासन स्तर तक पहुंच गया। इसके बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच लंबी बातचीत हुई। इसमें कच्ची शराब बनाने वालों के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई का निर्णय लिया गया। 
इसी कड़ी में गढ़वाल रेंज के आईजी अजय रौतेला ने सहारनपुर के आईजी शरद सचान और मुरादाबाद के पुलिस अधिकारियों से बातचीत कर कार्रवाई का प्लान तैयार किया। यूपी के मुरादाबाद जोन से प्रदेश का कोटद्वार और हरिद्वार का इलाका लगा है।

हरिद्वार जिले में भगवानपुर तहसील के अलग-अलग गांवों में जहरीली शराब पीने से 31! ग्रामीणों की मौत गई! , जबकि पांच दर्जन से अधिक लोगों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इनमें से कई की हालत नाजुक बनी हुई है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत के बाद आबकारी निरीक्षक समेत 13 अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। एसएसपी ने भी झबरेड़ा थानाध्यक्ष, चौकी प्रभारी और हलका कांस्टेबल को निलंबित कर पुलिस क्षेत्राधिकारी (मंगलौर) के नेतृत्व में मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। आबकारी मंत्री प्रकाश पंत ने घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं।

मरने वालों में सर्वाधिक 11 लोग झबरेड़ा थाना क्षेत्र के हैं। जानकारी के अनुसार बृहस्पतिवार को बाल्लुपुर गांव में किसी की तेरहवीं थी। खाना खाने के बाद यहां से लौटते समय 100 से अधिक ग्रामीणों ने गांव से कच्ची शराब खरीदी थी। बताया जा रहा है कि तेरहवीं से जाने के बाद शराब पीने से लोगों की हालत बिगड़ने लगी।
शुक्रवार सुबह झबरेड़ा और भगवानपुर क्षेत्र के छह गांवों में मौत का कहर टूट पड़ा। बताया जा रहा है कि बिंडुखड़क, बाल्लुपुर, भलस्वागाज, जहाजगढ़, नन्हेड़ा, अनंतपुर, चूड़ियाला, माणकपुर गांवों के 30 लोगों को सीने में तेज दर्द और चक्कर आने की शिकायत हुई। इसके बाद उनकी मौत हो गई।

  1. वही उतराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत रुड़की के भगवान पुर, झबरेड़ा के उन गाँव मै पहुचे जहा जहरीली शराब पीने से अब तक 31 लोगो की मौत हो। चुकी है ! हरीश रावत मृतको के परिवार वालो से मिले और दुख जताया इसके साथ ही इस पूरी घटना पर त्रिवेंद्र सरकार को हत्यारी बताते हुए इसे एक बड़ा हत्याकांड बताया साथ ही त्रिवेन्द्र सरकार से मृतक के परिवार वालो को 5 लाख रुपेय मुवाज़ा ओर उनके परिवार से एक सदस्य को सरकारी नोकरी की माग की
    वही मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कल जहरीली शराब की घटना में मृतकों के आश्रितों  को 2-2 लाख रुपये व गम्भीर रूप से बीमार को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिये है। साथ ही जो लोग अस्प्ताल मे भर्ती है उनके बेतहर इलाज के लिए उचित दिशा निदेश दिए है
    तो वही आबकारी मंत्री प्रकास पन्त के इस्तीफा की माग भी तेजी से विपक्ष ओर खुद भाजपा के पूर्व प्रवक्ता प्रकास सुमन ध्यानी उठाने लगे है।
    UP-उत्तराखंड में जहरीली शराब का कहर: अब तक 90 से ज्यादा लोगों की मौत!

आपको बता दे कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में जहरीली शराब पीकर मरने वालों का आंकड़ा 90 के पार पहुंच गया है. यूपी के सहारनपुर में 38 से अधिक मेरठ में 18,कुशीनगर में 8 से लोगों की इस वजह से मौत हुई है. वहीं उत्तराखंड के हरिद्वार और रुड़की में जहरीली शराब अब तक लगभग 30 से ज्यादा लोगों को मौत की नींद सुला चुका है.जहरीली शराबकांड से इतनी बड़ी संख्या में हुई मौत के बाद दोनों राज्यों में हड़कंप मच गया है. अवैध शराब के खिलाफ ताबड़तोड़ पुलिस कार्रवाई की जा रही है.सहारनपुर जिले के नागल, गागलहेड़ी और देवबंद थाना क्षेत्र के कई गांवों में जहां देर रात तक जहरीली शराब पीने से अब तक 47 लोगों की मौत हो चुकी है! वहीं 22 लोग अस्पताल में भर्ती है. हादसे के बाद शनिवार को सहारनपुर के डीएम आलोक कुमार पांडेय और एसएसपी दिनेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि 36 लोगों की मौत सहारनपुर के अलग-अलग गांवों में हुई है. जबकि 11 लोगों ने मेरठ में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. इस घटना को गंभीरता से लेते हुए अवैध शराब के कारोबार से जुड़े हुए 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. बाकी लोगों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम छापेमारी कर रही हैं.इस बड़ी लापरवाही पर एसएसपी दिनेश कुमार ने नागल थाना प्रभारी सहित दस पुलिसकर्मी और आबकारी विभाग के तीन इंस्पेक्टर व दो कांस्टेबल सस्पेंड कर दिए हैं.।


उत्तराखण्ड के हरिद्वार व उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद के सीमावर्ती गांव में जहरीली शराब के सेवन के कारण कतिपय ग्रामीणों के मृत्यु को दुखद  घटना के पश्चात राज्य सरकार द्वारा निम्न प्रभावी कदम उठाये गये हैं।

आबकारी मंत्री श्री प्रकाश पंत ने बताया कि  जनपद हरिद्वार के रूड़की क्षेत्र के आबकारी निरीक्षक, जनपद प्रवर्तन के आबकारी निरीक्षक तथा अधीनस्थ स्टाॅफ कुल 13 आबकारी कार्मिकों को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया।

2. प्रवर्तन कार्य से सम्बन्धित समस्त उच्चाधिकारियों अपर आयुक्त से लेकर सहायक आयुक्त तक व जिला आबकारी अधिकारी को प्रवर्तन कार्य में लापरवाही बरतने के लिये कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

3. समस्त जिलाधिकारी को प्रभावी प्रवर्तन कार्य करने हेतु आबकारी विभाग, पुलिस विभाग, वन विभाग व राजस्व विभाग की टीम गठित कर अवैध शराब के विरूद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये हैं।

4. जिलाधिकारी हरिद्वार द्वारा जहरीली शराब काण्ड के सम्बन्ध में एक मजिस्ट्रेट इनक्वायरी के आदेश निर्गत किये गये हैं। जांच अधिकारी एक पक्ष के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।

5. जनपद हरिद्वार में घटना की पुनरावृत्ति रोके जाने हेतु संयुक्त आबकारी आयुक्त गढ़वाल, उपायुक्त हरिद्वार परिक्षेत्र, जनपदीय प्रवर्तन दल हरिद्वार व मण्डलीय प्रवर्तन दल हरिद्वार की टीम गठित कर अग्रिम आदेशों तक रूड़की में ही कैंप कर अवैध मदिरा रोकने के निर्देश दिये गये हैं।  

6. उत्तर प्रदेश के सहारनपुर मण्डल के मण्डल आयुक्त से सम्पर्क कर जनपद सहारानपुर व हरिद्वार के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तथा आबकारी विभाग के अधिकारियों की टीम गठित कर सीमावर्ती संदिग्ध ग्रामों में दबिश का आयोजन कराया गया है।

7. जहरीली शराब के प्रकरण में प्रथम दृष्टया मैथाईल एल्कोहाॅल के होने के सम्भावना के दृष्टिगत राज्य में स्थित समस्त मेथाईल एल्कोहाॅल से सम्बन्धित अनुज्ञापनों की सघन जांच करायी जा रही है।

8. आबकारी आयुक्त दिनांक 10.02.2019 को प्रभावित क्षेत्रों में जायेंगे तथा की जा रही कार्यवाही का मौके पर पर्यवेक्षण करेंगे।

9. शासन द्वारा समस्त जनपदों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तथा जिला आबकारी अधिकारी की समन्वय समिति गठित कर अवैध मदिरा की तस्करी रोकने हेतु प्रभावी कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया।

10. दिनांक 08.02.2019 व 09.02.2019 को राज्य में अवैध शराब के विरूद्ध किये गये कार्य का विवरण निम्न प्रकार हैः-

1.    आई0डी0-28 अवैध शराब का बनाना

2.    ओ0एल0-21 शराब पकड़ने के प्रकरण

3.    कुल अभियोग-49

4.    पकड़ी गयी कच्ची शराब-965 बी0एल0

5.    पकड़ी गयी देशी शराब-65.7 बी0एल0

6.    पकड़ी गयी विदेशी शराब-36.1 बी0एल0

7.    कुल पकड़ी गयी शराब-1066.91 बी0एल0

8.    नष्ट किया गया लहन-27400 कि0ग्रा0

11. उपरोक्त में जनपद हरिद्वार में की गयी प्रवर्तन कार्यवाही का विवरणः-

1.    कुल अभियोग 02

2.    पकड़ी गयी कच्ची शराब-30 बी0एल0

3.    लहन-800 कि0ग्रा0



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