हरिद्वार जिले में भगवानपुर तहसील के अलग-अलग गांवों में जहरीली शराब पीने से 27 ग्रामीणों की मौत गई, जबकि पांच दर्जन से अधिक लोगों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इनमें से कई की हालत नाजुक बनी हुई है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत के बाद आबकारी निरीक्षक समेत 13 अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। एसएसपी ने भी झबरेड़ा थानाध्यक्ष, चौकी प्रभारी और हलका कांस्टेबल को निलंबित कर पुलिस क्षेत्राधिकारी (मंगलौर) के नेतृत्व में मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। आबकारी मंत्री प्रकाश पंत ने घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। मरने वालों में सर्वाधिक 10 लोग झबरेड़ा थाना क्षेत्र के हैं। जानकारी के अनुसार बृहस्पतिवार को बाल्लुपुर गांव में किसी की तेरहवीं थी। खाना खाने के बाद यहां से लौटते समय 100 से अधिक ग्रामीणों ने गांव से कच्ची शराब खरीदी थी। बताया जा रहा है कि तेरहवीं से जाने के बाद शराब पीने से लोगों की हालत बिगड़ने लगी।
शुक्रवार सुबह झबरेड़ा और भगवानपुर क्षेत्र के छह गांवों में मौत का कहर टूट पड़ा। बताया जा रहा है कि बिंडुखड़क, बाल्लुपुर, भलस्वागाज, जहाजगढ़, नन्हेड़ा, अनंतपुर, चूड़ियाला, माणकपुर गांवों के 20 लोगों को सीने में तेज दर्द और चक्कर आने की शिकायत हुई। इसके बाद उनकी मौत हो गई।

वही उतराखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत रुड़की के भगवान पुर, झबरेड़ा के उन गाँव मै पहुचे जहा जहरीली शराब पीने से अब तक 27 लोगो की मौत हो। चुकी है ! हरीश रावत मृतको के परिवार वालो से मिले और दुख जताया इसके साथ ही इस पूरी घटना पर त्रिवेंद्र सरकार को हत्यारी बताते हुए इसे एक बड़ा हत्याकांड बताया साथ ही त्रिवेन्द्र सरकार से मृतक के परिवार वालो को 5 लाख रुपेय मुवाज़ा ओर उनके परिवार से एक सदस्य को सरकारी नोकरी की माग की अब हरीश रावत इसे पूरा हत्याकांड बता रहे है जिसके विरोध में वो अब 11 फरवरी को विधानसभा के बहार धरने पर बेठगे।

 

वही मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कल जहरीली शराब की घटना में मृतकों के आश्रितों  को 2-2 लाख रुपये व गम्भीर रूप से बीमार को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिये है। साथ ही जो लोग अस्प्ताल मे भर्ती है उनके बेतहर इलाज के लिए उचित दिशा निदेश दिए है।


तो वही आबकारी मंत्री प्रकास पन्त के इस्तीफा की माग भी तेजी से विपक्ष उठाने लगा है। 10 फरवरी को पूरी कांग्रेस सड़क पर पुतला दहन करती नज़र आएगी इस मामले में त्रिवेंद्र सरकार का। तो 11 फरवरी से आरम्भ होने वाले बजट सत्र मे भी विपक्ष त्रिवेंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेगा अंदर कांग्रेस के विधायक और सड़क पर हरीश रावत धरना देगे। बहराल जिनके अपनो की मोत हुई है उनके घर मैं कोहराम मचा हुवा है तो सियासत में उबाल आगया है। हर कोई किसी की कुर्सी खाने को टूट पड़ा है ।



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