आपको बता दे कि हरिद्वार जिले के भगवान पुर तहसील के अलग-अलग गांवों में जहरीली शराब पीने से 20 ग्रामीणों की मौत गई!, जबकि पांच दर्जन से अधिक लोगों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इनमें से कई की हालत भी नाजुक बनी हुई है। हालांकि प्रशासन ने अभी तक 16 लोगों की मौत की पुष्टि की है।


वही इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत के बाद आबकारी निरीक्षक समेत 13 अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। एसएसपी ने भी झबरेड़ा थानाध्यक्ष, चौकी प्रभारी और हलका कांस्टेबल को निलंबित कर पुलिस क्षेत्राधिकारी (मंगलौर) के नेतृत्व में मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। आबकारी मंत्री प्रकाश पंत ने घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। मरने वालों में सर्वाधिक 10 लोग झबरेड़ा थाना क्षेत्र के हैं। आपको बता दे कि बृहस्पतिवार को बाल्लुपुर गांव में किसी की तेरहवीं थी। खाना खाने के बाद यहां से लौटते समय 100 से अधिक ग्रामीणों ने गांव से कच्ची शराब खरीदी थी। बताया जा रहा है कि तेरहवीं से जाने के बाद शराब पीने से लोगों की हालत बिगड़ने लगी।


शुक्रवार सुबह झबरेड़ा और भगवानपुर क्षेत्र के छह गांवों में मौत का कहर टूट पड़ा। बताया जा रहा है कि बिंडुखड़क, बाल्लुपुर, भलस्वागाज, जहाजगढ़, नन्हेड़ा, अनंतपुर, चूड़ियाला, माणकपुर गांवों के 20 लोगों को सीने में तेज दर्द और चक्कर आने की शिकायत हुई। इसके बाद उनकी मौत हो गई।
कल सुबह से घटना की जानकारी मिलते ही शासन और प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही आईजी गढ़वाल अजय रौतेला, डीएम दीपक रावत, एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूड़ी ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली।


वही शवों को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल रुड़की लाया गया। साथ ही बीमार लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया। एसएसपी खंडूड़ी ने 16 लोगों के मरने की पुष्टि की है। इसके साथ ही बीमार लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

शव पहुंचने के साथ ही सिविल अस्पताल में मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। हर कोई दुखी, परेशान और हताश था। अस्पताल पहुंचे जिलाधिकारी दीपक रावत ने बताया कि घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए गए हैं। अपर जिलाधिकारी (वित्त) ललित नारायण मिश्रा मामले की जांच करेंगे।

एसएसपी खंडूड़ी ने बताया कि झबरेड़ा थानाध्यक्ष प्रदीप मिश्रा, इकबालपुर चौकी प्रभारी गंभीर सिंह तोमर, हलका कांस्टेबल सुरेंद्र और प्रवीण को निलंबित कर दिया है। मंगलौर के पुलिस क्षेत्राधिकारी को मामले की जांच सौंपी गई है।
दूसरी ओर, सिविल अस्पताल में 40 बीमार लोगों को भर्ती कराया गया है। इसके अलावा दो दर्जन से अधिक लोगों रुड़की, हरिद्वार, जौलीग्रांट और सहारनपुर के निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है। इनमें 11 की हालत नाजुक बताई जा रही है।
अस्पताल पहुंचे जिलाधिकारी दीपक रावत ने बताया कि घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए गए हैं। अपर जिलाधिकारी (वित्त) ललित नारायण मिश्रा मामले की जांच करेंगे। एसएसपी खंडूड़ी ने बताया कि झबरेड़ा थानाध्यक्ष प्रदीप मिश्रा, इकबालपुर चौकी प्रभारी गंभीर सिंह तोमर, हलका कांस्टेबल सुरेंद्र और प्रवीण को निलंबित कर दिया है।
वही जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में हत्या की धारा में एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही घटना की जांच के लिए एसएसपी जन्मेजय प्रभाकर खंडूड़ी ने एसआईटी का गठन किया है।
रुड़की तहसील में आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में जिलाधिकारी दीपक रावत और एसएसपी ने बताया कि एसआईटी एसपी देहात नवनीत सिंह के सुपर विजन में जांच करेगी। एसआईटी का नेतृत्व सीओ मंगलौर बीएस रावत करेंगे। साथ ही एसआईटी में नवनियुक्त झबरेड़ा थानाध्यक्ष कमल मोहन भंडारी और इकबालपुर चौकी इंचार्ज अजय कुमार जाटव को भी शामिल किया गया है। आपको बता दे कि इस पूरे मामले में अब मोत पर सियासत भी आरंभ हो गई है आगमी दिनों में लोकसभा के चुनाव होने वाले है ।और ये हरिद्वार लोकसभा सीट की बात है। जहाँ से अभी पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक सासंद है।और इस बार कांग्रेस से हरीश रावत भी मैदान में उतर सकते है लिहाजा कांग्रेस के नेता हरीश रावत इस पूरे मुद्दे को दम खम के साथ उठाते नज़र आएंगे जबकि सांसद रमेश पोखरियाल निशंक अब क्या कहेगे ओर क्या बोलेगे ये जल्द समय बतायेगा ।
बहराल इस पूरे मामले मै मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत खुद नजर बनाए हुए है जिसका नतीज़ा है कि इससे संबंधित सभी महकमे के लोगो को निलंबित किया जा चुका है। आबकारी मंत्री प्रकाश पन्त खुद भी पूरी इस दुःखद घटना पर नज़र बनाये हुए है।और दिशा निर्देश आला अधिकारियों को दे रहे ।





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