देहरादून मे कल वित्त मंत्री प्रकाश पन्त ने आगामी वित्त बजट के सम्बन्ध में आम जनता से सीधे जुड़ने और बजट पर उनके सुझाव लेने के लिए फेसबुक द्वारा जन संवाद किया था फेसबुक जन संवाद में मंत्री से कुल 1127 लोग जुड़े, जिनका मंत्री ने सीधे संवाद में ही प्रतिउत्तर दिया। मंत्री ने फेसबुक पर जुड़ने वाले सभी नागरिकों से कहा कि उनके सुझावों पर अमल होगा और उनके द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों का उचित समधान किया जायेगा, मंत्री ने कहा हमारी सरकार राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए कटिबद्ध है और इस दिशा में हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं।
नये बजट के स्वरूप् को लेकर सचिवालय स्थित वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली सभागार में वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने फेसबुक के माध्यम से जनता से सीधा संवाद किया।
उन्होंने कहा कि फेसबुक के जरिये एक घंटे के अंतराल में 1127 लोगों से सीधा संवाद हुआ। कार्यक्रम में आये सभी प्रश्नकर्ताओं को लिखित में जानकारी दी जायेगी व विधानसभा बजट सत्र के बाद फिर जनता से इसी प्रकार का संवाद कार्यक्रम किया जायेगा। सरकार का मानना है कि बजट किताबी न होकर जनता की इच्छाओं के अनुरूप होगा।
कतिपय युवाओं तथा रोजगार के प्रश्न पर वित्त मंत्री ने जानकारी दी कि प्रदेश में सरकारी विभागों में कुल 2,17,000 पद हैं। जिनमें कि वर्तमान में 1,73,000 पद भरे हुए हैं। सरकार द्वारा रिक्त पदों की पारदर्शिता से भर्तियो की जा रही है, लगभग 09 लाख 33 हजार सेवायोजन कार्यालयों में पंजीकृत है। 2017-18 में उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा 3000 पदों को भर दिया गया है, तथा 1600 पदों पर भर्ती प्रक्रिया गतिमान है। लोक सेवा आयोग द्वारा भी भर्ती की प्रक्रिया गतिमान है, हमारी सरकार द्वारा रोजगार कार्यालयों भर्ती मेले कराकर अशासकीय संस्थानो में रोजगार दिलाये गये है, तथा भारत सरकार से अनुरोध कर सेना द्वारा भर्ती मेले लगाकर युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किये गये है। हमारी सरकार सरकारी नौकरियों से अलग रोजगार दिलाने के लिए युवाओं में स्किल डेवलपमेन्ट करने की अवधारणा से कार्य कर रही है, जिसके परीपेक्ष्य में इस वर्ष 13800 युवाओं को स्किल्ड किया जा चुका है तथा प्रक्रिया गतिमान है। 2018 में इन्वेस्टर समिट में भी 1.24 लाख करोड़ निवेश के प्रस्ताव आये है, जिसमें से लगभग 24 हजार करोड़ रु निवेश हो चुका है, इसमें भी बेरोजगारों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पलायन रोकने के लिए पर्वतीय जनपदों के दूरस्थ इलाकों में मुलभूत सुविधाएं दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत है

, और सरकार द्वारा 250 की आबादी वाले गांवों को सड़क यातायात से जोड़ने की दिशा में कार्य कर रही है और इसके अच्छे परिणाम भी मिले है, और गैर आबाद गांव की संख्या कम हुई है। सरकार द्वारा गांवों के युवाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए होम स्टे योजना शुरू की गयी है। दूरस्थ इलाकों में चिकित्सा सेवाएं बढ़ाने के लिए 190 प्राथमिक मुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों को आधुनिक चिकित्सा सेवाओं से सुसज्जित किया जा रहा है तथा 2286 चिकित्सा से जुड़ी नौकरियों में नियुक्तियों की प्रक्रिया गतिमान है हर गांव में यातायात संयोजन की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है।
एक प्रश्न के जवाब में वित्त मंत्री ने बताया की राज्य में 3 मैदानी जनपदों का सकल घरेलू उत्पाद बढ़ा है, तथा पहाड़ी जनपदों में जी.डी.पी. रेट बढ़ाना हमारी सरकार की चुनौती है जिसको देखते हुए कृषि सेवाओं में सरकार द्वारा निवेश बढ़ाया जा रहा है।


वरिष्ठ पत्रकार अंजली नौरियाल के महिला असमानता के प्रश्न के उत्तर का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार महिला सशक्तीकरण की पक्षधर रही है, और सरकार महिलाओं के संरक्षण के लिए विगत् 22 जनवरी, 2015 से शुरू किए गये ‘‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’’ के अभियान की ओर अग्रसर है। महिला हमारे पहाड़ की अर्थिकी की रीढ़ है जिसको देखते हुए मुख्यमंत्री द्वारा महिलाओं को शून्य ब्याज दर पर ऋण देने का ऐलान किया गया है। महिलाओं को उच्च शिक्षा दिलाने के दृष्टिकोण से आवासीय महाविद्यालयों की स्थापना की हमारी योजना है, जिसके तहत अल्मोड़ा में आवासीय विश्वविद्यालय की स्थापना की गयी है।


इस अवसर पर अध्यक्ष चतुर्थ राज्य वित्त आयोग एवं पूर्व उप कुलपति कुमांऊ विश्वविद्यालय प्रो. बी.के जोशी ने भी शिक्षा महिला असमानता विषयों पर प्रश्नों के उत्तर दिये। इस अवसर पर अपर सचिव वित्त सविन बंसल, एल.एन.पन्त, बजट अधिकारी मनीष उप्रेती उपस्थि थे।
कार्यक्रम का सफल संचालन वरिष्ठ पत्रकार सतीश शर्मा द्वारा किया गया ।
वही फिर सोमबार को
वित्त मंत्री प्रकाश पन्त ने सचिवालय स्थित विश्वकर्मा भवन में अर्थ एवं सख्यां निदेशालय, नियोजन विभाग के मार्गदर्शन में इन्स्टीटयूट फॉर हयूमन डेवलेपमेन्ट द्वारा तैयार की जा रही राज्य की प्रथम मानव विकास रिपोर्ट के विश्लेषण ्के उद््देश्य से आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन में प्रतिभाग किया।
सम्मेलन में राज्य में प्रति व्यक्ति की आर्थिक, सामाजिक स्थिति को लेकर सर्वेक्षण किया गया। प्रस्तुत रिपोर्ट में मानव विकास के मूलभूत तीन विषयों के अतरिक्त राज्य के प्रमुख ग्रोथ ड्राईवर्स के अनुरूप मानव विकास रिपोर्ट तैयार करने एवं यह रिपोर्ट राज्य के नीति नियोजन हेतु अधिक प्रभावी हो इस पर गंभीरता से विचार विमर्श किया गया। यह भी उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र संघ की स्ांस्था यू0एन0डी0पी0 द्वारा वर्ष 1990 से प्रति वर्ष मानव विकास सूचकांक एवं सापेक्षिक रैंक निर्धारित की जाती है। यू0एन0डी0पी0 के अनुसार यद्यपि ये चुनाव अनेक हो सकते हैं तथा समयोपरान्त इनमें परिवर्तन हो सकता है तथापि मानव विकास हेतु तीन मूल चुनाव हमेशा बने रहते हैं। मा0 मंत्री जी ने कहा, मानव विकास सूचकांक से रोजगार के अवसर खुलेगे मानव जीवन प्रकृति के विकास की सतत चलने वाली प्रक्रिया है। जिसमें मनुष्य की के लिए प्रथम तो स्वास्थ्य एवं दीर्घकाल तक जीवित रहने की इच्छा जिसे जन्म पर जीवन प्रत्याशा के रूप में मापा जा सकता है, दूसरा ज्ञान प्राप्त करने की इच्छा जिसे विद्यालय शिक्षा के औसत वर्ष तथा प्रत्याशित वर्षों के रूप में मापा जा सकता है और तीसरा एक बेहतर जीवन हेतु क्रय शक्ति तक पहुंच जिसे वास्तविक प्रति व्यक्ति आय के रूप में मापा जा सकता है। इन तीन मानबिन्दुओं के अतिरिक्त भी जीवन के अनेकों दृष्टिकोण हैं और जीवन को सर्वांग रूप से देखा जाना चाहिए। मंत्री ने कहा कि कुछ समय पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा सतत विकास लक्ष्यों के दृष्टिकोण से तैयार विजन 2030 का विमोचन किया गया जिसमें 17 सत्तत विकास लक्ष्यों को निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने हेतु स्पष्ट दृष्टिकोण दिया गया साथ ही रिपोर्ट के संबंध में मंत्री ने कहा कि यद्यपि राज्य की यह रिपोर्ट 18 वर्षो के पश्चात तैयार की जा रही है तथापि विलम्ब से प्रकाशित होने से प्रकाशित होने का फायदा यह रहा है कि रिपोर्ट में मानव विकास के मूलभूत तीनों विषयों के अतरिक्त राज्य के प्रमुख ग्रोथ ड्राईवर्स के अनुरूप राज्य की मानव विकास रिपोर्ट तैयार तैयार की गई है तथा राज्य के नीति नियोजन हेतु अधिक प्रभावी होगा।
सम्मेलन में सचिव वित्त, अमित नेगी, सचिव शिक्षा भूपेन्द्र कौर ओलख,सचिव पेयजल अरविन्द सिंह हयाकी अध्यक्ष चतुर्थ राज्य वित्त आयोग एवं पूर्व उप कुलपति कुमांऊ विश्वविद्यालय प्रो. बी.के जोशी एवं अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहें।

बोलता उत्तराखंड डंके की चोट पर कहता  है कि ये मंत्री सवालों के जवाब से भागते नही,  हर सवाल का होता है  इनके पास जवाब,   पेसेंस की कमी नही,   राज्य के नोकरशाह भी नही कर सकते ग़ुमराह,  क्योकि सुलझे है मंत्री और ज्ञान का है भण्डार !



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